UPSC 2025 में 301वीं रैंक पर बड़ा घमासान! एक ही रोल नंबर, दो आकांक्षा सिंह; आखिर सही कौन?
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि एक ही रोल नंबर पर दो अलग-अलग युवतियों ने दावा किया है कि वही इस रैंक की असली हकदार हैं. दोनों का नाम आकांक्षा सिंह है, लेकिन एक बिहार से हैं और दूसरी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से.
क्या है पूरा मामला?
रिजल्ट आने के बाद पहले खबर सामने आई कि बिहार के चर्चित व्यक्ति Brahmeshwar Singh की पोती आकांक्षा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक हासिल की है. इस खबर के सामने आते ही उनके घर पर जश्न शुरू हो गया. परिवार और आसपास के लोग उन्हें बधाई देने लगे. कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके इंटरव्यू भी सामने आए, जिनमें उन्होंने अपनी सफलता की कहानी बताई.
गाजीपुर से दूसरी आकांक्षा का खड़ा हो गया विवाद
कुछ समय बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की एक दूसरी युवती, डॉ. आकांक्षा सिंह ने दावा किया कि असल में 301वीं रैंक उन्हें मिली है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. उन्होंने बताया कि वह एक डॉक्टर हैं और उन्होंने All India Institute of Medical Sciences से गायनेकोलॉजी में मास्टर्स किया है.
और बन गया चर्चा का विषय
वीडियो में उन्होंने कहा, “मेरा नाम डॉ. आकांक्षा सिंह है और मुझे यूपीएससी 2025 में 301वीं रैंक मिली है. मुझे पता चला है कि एक और लड़की भी इस रैंक का दावा कर रही है. लेकिन असली सच्चाई एडमिट कार्ड के बारकोड से साफ हो जाएगी. फिलहाल मैं अपनी सफलता के इस पल का आनंद लेना चाहती हूं.” इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड की चर्चा शुरू हो गई. लोगों ने इन दस्तावेजों की तुलना करना शुरू कर दिया. जांच में कुछ अहम बातें सामने आईं.
कैसे खड़ा हुआ विवाद?
गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है. जब उनके एडमिट कार्ड पर मौजूद बारकोड को स्कैन किया गया, तो उसमें भी वही रोल नंबर दिखाई दिया. यानी एडमिट कार्ड पर लिखा रोल नंबर और बारकोड का नंबर एक-दूसरे से मेल खाते हैं.
दूसरी ओर बिहार की आकांक्षा सिंह के एडमिट कार्ड पर भी बाहर की तरफ रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है. लेकिन जब उनके एडमिट कार्ड के बारकोड को स्कैन किया गया तो उसमें अलग नंबर सामने आया. यहीं से इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया.
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यूपीएससी का क्या है कहना?
प्रारंभिक जांच और सामने आए दस्तावेजों के आधार पर कई लोग मान रहे हैं कि गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह का दावा ज्यादा मजबूत दिखाई देता है. वजह यह है कि उनके एडमिट कार्ड पर दिया गया रोल नंबर और बारकोड से मिलने वाला नंबर पूरी तरह एक जैसा है. हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक आधिकारिक रूप से Union Public Service Commission की तरफ से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में अब सभी की नजर यूपीएससी की आधिकारिक जांच या स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है.
जब तक आयोग की तरफ से स्थिति साफ नहीं की जाती, तब तक यह विवाद जारी रह सकता है. फिलहाल सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है कि आखिर 301वीं रैंक की असली हकदार कौन है.
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बीवाईडी की नई ब्लेड बैटरी 2.0 ने ईवी में मचाई हलचल; देगी 1,000 किमी से ज्यादा रेंज, सिर्फ 5 मिनट में होगी 10 से 70 प्रतिशत चार्ज
नई दिल्ली, 7 मार्च (आईएएनएस)। चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी बीवाईडी ने अपनी नई पीढ़ी की ब्लेड बैटरी 2.0 पेश की है, जो एक नई ईवी बैटरी तकनीक है और 1,000 किलोमीटर से अधिक ड्राइविंग रेंज देने का वादा करती है। साथ ही इसमें अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग और बेहतर सुरक्षा फीचर्स भी दिए गए हैं।
कंपनी के अनुसार, यह बैटरी चीन लाइट-ड्यूटी व्हीकल टेस्ट साइकिल (सीएलटीसी) के तहत 1,000 किलोमीटर से अधिक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है।
यह पहली पीढ़ी की ब्लेड बैटरी की तुलना में बड़ा सुधार है, जो आमतौर पर समान परिस्थितियों में लगभग 600 किलोमीटर तक की रेंज देती थी।
नई बैटरी की सबसे खास विशेषता इसकी अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग क्षमता है। बीवाईडी के अनुसार, इसका फ्लैश चार्जिंग सिस्टम बैटरी को सिर्फ 5 मिनट में 10 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक चार्ज कर सकता है।
कंपनी के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में बैटरी को 10 प्रतिशत से 97 प्रतिशत तक चार्ज होने में लगभग 9 मिनट लगते हैं।
यह बैटरी बेहद ठंडे मौसम में भी अच्छा प्रदर्शन करती है। कंपनी के अनुसार अगर बैटरी को 24 घंटे तक माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जाए, तब भी यह लगभग 12 मिनट में 20 प्रतिशत से 97 प्रतिशत तक चार्ज हो सकती है।
बीवाईडी के चेयरमैन और सीईओ वांग चुआनफू ने कहा कि इस नई बैटरी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बेहद ठंडे वातावरण में भी तेज चार्जिंग स्पीड दे सके।
उन्होंने बताया कि बैटरी में हाई एनर्जी डेंसिटी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे भविष्य की इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ज्यादा लंबी ड्राइविंग रेंज मिल सकेगी।
कंपनी के अनुसार, ब्लेड बैटरी 2.0 से लैस वाहन मौजूदा ज्यादातर इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक तेजी से चार्ज हो सकते हैं।
वांग ने यह भी बताया कि बैटरी को 97 प्रतिशत तक चार्ज करना बेहतर माना जाता है ताकि ड्राइविंग के दौरान रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग के जरिए शेष बैटरी क्षमता का उपयोग किया जा सके।
सुरक्षा भी ब्लेड बैटरी के डिजाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बीवाईडी का कहना है कि यह बैटरी कई कठोर सुरक्षा परीक्षणों से गुजरी है, जिनमें नेल पेनिट्रेशन और बॉटम इम्पैक्ट टेस्ट शामिल हैं। यह चीन के नवीनतम राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से भी बेहतर प्रदर्शन करती है।
नई बैटरी का इस्तेमाल सबसे पहले बीवाईडी के प्रीमियम ब्रांड यांगवांग की लग्जरी इलेक्ट्रिक सेडान यांगवांग यू7 में किया जाएगा।
प्रोडक्ट डायरेक्टर झेंग यू के अनुसार, 150 किलोवाट-घंटे बैटरी पैक के साथ यह कार सीएलटीसी मानकों के तहत लगभग 1,006 किलोमीटर की शुद्ध इलेक्ट्रिक रेंज दे सकेगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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