तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने के हफ्तों बाद, इंडियन एक्सप्रेस को पता चला है कि दोनों सदनों में पार्टी के सांसद इस प्रस्ताव पर चर्चा होने पर इसका समर्थन करेंगे। कम से कम दो टीएमसी सांसदों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने सांसदों को प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्देश दिया है। 10 फरवरी को विपक्ष ने बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाला नोटिस प्रस्तुत किया था, क्योंकि स्पीकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से उद्धरण देने या उस पर बोलने की अनुमति नहीं दी थी।
तृणमूल कांग्रेस नेता नेको बताया, हम हमेशा से अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में थे। हम इसे जल्दबाजी में नहीं लाना चाहते थे और इसीलिए बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम भाग में हमने कहा था कि इसे तीन दिन बाद पेश किया जाए।’’ नेता ने कहा कि सोमवार को जब नोटिस पर विचार किया जाएगा तब ‘‘बीमार सांसदों को छोड़कर’’ तृणमूल कांग्रेस के लगभग सभी सांसद लोकसभा में उपस्थित रहेंगे। तृणमूल कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (‘इंडिया’ गठबंधन) के अन्य नेताओं के भी संपर्क में हैं। लोकसभा ने ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों के एक नोटिस को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया है। सोमवार की कार्यसूची में केवल इसी प्रस्ताव को शामिल किया गया है। सोमवार को अध्यक्ष द्वारा नाम पुकारे जाने पर सदन के 50 सदस्यों के खड़े होने पर प्रस्ताव को स्वीकृत मान लिया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी और उस पर मतदान कराया जाएगा। यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। संख्या बल सरकार के पक्ष में है, जिससे इस प्रस्ताव के खारिज होने की संभावना प्रबल है। संविधान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष (इस मामले में बिरला) सदन में उपस्थित रह सकते हैं। वह अपना बचाव कर सकते हैं और प्रस्ताव पर मतदान कर सकते हैं, लेकिन जब मामले पर चर्चा की जाएगी तो वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। बिरला के खिलाफ प्रस्तावित प्रस्ताव में लोकसभा अध्यक्ष के आचरण पर सवाल उठाया गया। साथ ही, इसमें नेता प्रतिपक्ष एवं अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं देना तथा ‘‘विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ निराधार आरोप’’ भी शामिल है। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनता से जुड़े मुद्दे उठाने पर विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया, जबकि पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ पूरी तरह आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले सत्तारूढ़ दल के सदस्यों को कोई फटकार नहीं लगाई गई। प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया है कि विपक्ष का मानना है कि बिरला ने ‘‘सदन के सभी वर्गों का विश्वास हासिल करने के लिए आवश्यक निष्पक्ष रवैया’’ अपनाना बंद कर दिया है।
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अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच तेज़ी से बढ़ते संघर्ष के बीच हिंद महासागर में एक अन्य ईरानी नौसैनिक पोत, आईरिस देना, से जुड़ी घटना के बाद तकनीकी और रसद संबंधी व्यवस्था करने के लिए कोच्चि बंदरगाह पर खड़े अपने नौसैनिक पोत आईरिस लावन को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए ईरान ने भारत का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया है। एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा कि आईरिस देना से जुड़ी दुखद घटना के बाद ईरान स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और परिस्थितियों का आकलन करने और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी रखे हुए है।
राजदूत ने कहा कि हिंद महासागर के जलक्षेत्र में ईरानी नौसैनिक पोत आईरिस देना से जुड़ी दुखद घटना के बाद, ईरान चालक दल के सदस्यों की स्थिति पर नज़र रख रहा है और इस घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहा है। गौरतलब है कि श्रीलंका के गाले तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर एक अमेरिकी पनडुब्बी ने आईरिस देना को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया था। फथली ने आगे बताया कि एक अन्य ईरानी नौसैनिक पोत, आईरिस लावन, आवश्यक तकनीकी और रसद संबंधी व्यवस्था करने के लिए केरल के कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में एक अन्य ईरानी नौसैनिक पोत, आईरिस लावन, तकनीकी और रसद संबंधी व्यवस्था करने के लिए भारत के कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा है। राजदूत ने पोत को बंदरगाह पर उतारने और उसके चालक दल की सहायता करने में सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण के लिए भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। फथली ने कहा कि मैं इस अवसर पर इस पोत को बंदरगाह पर उतारने और उसके चालक दल का समर्थन करने में सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण के लिए भारत सरकार और स्थानीय अधिकारियों को हार्दिक धन्यवाद देना चाहता हूं।
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