Ukraine के Kherson में स्थानीय सीजफायर खत्म, आम नागरिकों को सताने लगा फिर हमलों का डर
खेरसॉन, दो नवंबर (एपी) यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी खेरसॉन क्षेत्र में नागरिकों ने रविवार को स्थानीय संघर्षविराम समाप्त होने के बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी की। यह संघर्षविराम रूस के करीब पांच साल पहले यूक्रेन पर पूर्ण सैन्य आक्रमण शुरू करने के बाद से कीव और मॉस्को के बीच सबसे महत्वपूर्ण युद्धविराम रहा है। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने इस सीमित संघर्षविराम के लिए मदद की थी।
यह संघर्षविराम मंगलवार तड़के शुरू हुआ था और रविवार शाम इसके समाप्त होने की उम्मीद थी। इस दौरान अग्रिम मोर्चे पर स्थित ओलेश्की शहर में घिरे लोगों को निकालने का अवसर मिला। इसके लिए एक दुर्लभ संयुक्त अभियान चलाया गया, जो शनिवार को समाप्त हुआ।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘ओलेश्की और आसपास के खेरसॉन क्षेत्र में संघर्षविराम ने निवासियों को बिना लगातार हमले के खतरे के आवाजाही करने, भोजन, स्वच्छ पानी और दवाइयां प्राप्त करने की स्वतंत्रता दी है। इससे उन्हें सम्मान की नई अनुभूति भी मिली है। ओलेश्की स्थायी शांति की शुरुआत बने।’’ अस्थायी संघर्षविराम लागू होने के समय ओलेश्की में करीब 2,000 नागरिक मौजूद थे।
उन्हें यूक्रेन या रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में जाने अथवा भोजन और चिकित्सा सामग्री की नई आपूर्ति के साथ शहर में ही रहने का विकल्प दिया गया था। वहां रुके लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निकासी के बाद उनकी सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई। शनिवार को यूक्रेन की सीमा पर परिवार के सदस्य अपने प्रियजनों की एक झलक पाने के लिए इंतजार कर रहे थे, जबकि आसपास के गांवों के निवासियों ने राजमार्ग पर खड़े होकर झंडे और टॉर्च लहराते हुए मानवीय सहायता काफिले का स्वागत किया।
हालांकि, मॉस्को और कीव ने अन्य क्षेत्रों में हवाई हमले जारी रखे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि रूस सर्दियों से पहले यूक्रेन की ऊर्जा प्रणालियों को निशाना बना रहा है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि रातभर में लाखों की संख्या में परिवारों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
मॉस्को यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों की कमी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘हमलों की तीव्रता बेहद अधिक है और रूसी बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने वाले इंटरसेप्टर की कमी का अधिकतम फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।’’ यूक्रेन के खेरसॉन शहर में रविवार को निवासी शांत रहे, हालांकि उन्हें पता था कि स्थानीय संघर्षविराम के कारण बनी शांति जल्द समाप्त हो जाएगी। यूक्रेन के विनित्सिया क्षेत्र में एक अन्य स्थान पर रूसी हमले में तीन लोगों की मौत हो गई।
यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के अनुसार, मरने वालों में 13 वर्षीय एक लड़की भी शामिल है। एक ड्रोन ने एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान के परिसर को निशाना बनाया था। हमले में चार अन्य लोग घायल हुए, जिनमें पांच साल की दो बच्चियां और 16 वर्षीय एक लड़का शामिल हैं।
क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, रूसी ड्रोन हमलों ने लगातार दूसरे दिन यूक्रेन के कीव क्षेत्र को भी निशाना बनाया। इसमें एक महिला घायल हुई और मकानों, ऊर्जा ढांचे तथा एक खुदरा प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा। यूक्रेन की वायुसेना ने रविवार को जारी अपनी दैनिक रिपोर्ट में कहा कि मॉस्को की सेना ने रातभर में यूक्रेन पर 433 ड्रोन से हमला किया, जिनमें से 371 को नष्ट कर दिया गया या उनका प्रभाव निष्क्रिय कर दिया गया।
दूसरी ओर, मॉस्को के पूर्व में स्थित रूस के निजनी नोवगोरोद क्षेत्र में 100 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए गए। क्षेत्रीय गवर्नर ग्लीब निकितिन ने रविवार को यह जानकारी दी। निकितीन ने कहा कि क्षेत्र के कस्तोवो शहर में एक औद्योगिक इमारत को ‘‘काफी नुकसान’’ पहुंचा है, हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
रूसी मीडिया संस्थानों ने बाद में खबर दी कि हमले के कारण कस्तोवो तेल रिफाइनरी में आग लग गई। उन्होंने क्षितिज के ऊपर काले धुएं के गुबार की तस्वीरें भी साझा कीं। रूसी मीडिया संस्थानों ने निजनी नोवगोरोद क्षेत्रीय प्रशासन के हवाले से बताया कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने क्षेत्र में पेट्रोल की बिक्री पर सीमाएं लगा दीं।
हालांकि, डीजल की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि कीव ने रूस के दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र में मिसाइल के कलपुर्जे बनाने वाली एक फैक्टरी और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया है।
दिवाली से पहले कीमती धातुओं में लौटी तेजी, सोना 0.50 प्रतिशत चढ़ा तो चांदी में 3,500 रुपए की उछाल
नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। कई दिनों से लगातार गिरावट की मार झेल रहे सोने और चांदी के भाव में सप्ताह की शुरुआत के साथ तेजी लौटती दिखाई दी। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले कीमती धातुओं में आई इस रिकवरी ने ज्वेलरी खरीदारों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि कीमतें अभी भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे हैं, लेकिन सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खरीदारी बढ़ने से सोने-चांदी के दाम मजबूत हुए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोमवार को सोने और चांदी दोनों में मजबूती देखने को मिली। सोना करीब 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,911.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि चांदी का प्रदर्शन और बेहतर रहा, और इसके भाव 2.24 प्रतिशत चढ़कर 50.380 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गए।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह की तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे कीमतों को समर्थन मिला।
वहीं, वैश्विक बाजारों की तेजी का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोना 1.39 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास, तो वहीं चांदी 1.82 लाख प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार करती दिखाई दी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना सोमवार को अपने पिछले बंद भाव 1,38,485 रुपए से 518 रुपए या 0.37 प्रतिशत चढ़कर 1,39,003 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं दिन के कारोबार में एक समय इसने 694 रुपए या 0.50 प्रतिशत उछलकर 1,39,179 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव 1,79,132 रुपए से 1,962 रुपए यानी 1.09 प्रतिशत चढ़कर 1,81,094 रुपए पर खुला। वहीं दिन के कारोबार में एक समय इसने 3,569 रुपए यानी 1.99 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,82,701 रुपए प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
हालांकि सोमवार की तेजी ने राहत दी है, लेकिन सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 28 प्रतिशत तक नीचे है, जबकि चांदी में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनाव, वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और हालिया भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से कीमती धातुओं को सहारा मिला है। वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं।
बाजार के जानकारों का कहना है कि मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा हाल के दिनों में अमेरिकी शेयर बाजार में आई भारी गिरावट ने भी सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को बढ़ाया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की चाल से तय होगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमती धातुओं में और रिकवरी देखने को मिल सकती है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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