मुस्लिम होकर 'Bigg Boss' में हिंदू लड़के से किया प्यार, प्रपोजल के बीच शो में पहुंचे पैरेंट्स, घर लौटने की दी सलाह
Bigg Boss Malayalam 8: रियलिटी शो 'बिग बॉस' में अक्सर कंटेस्टेंट्स के बीच दोस्ती, लड़ाई और प्यार के नए-नए रंग देखने को मिलते हैं. इन दिनों 'बिग बॉस मलयालम 8' की कंटेस्टेंट नेहा फातिमा अपने एक प्रपोजल को लेकर चर्चा में आ गई हैं. नेहा ने शो में संतोश राज के सामने अपने प्यार का इजहार किया. इस बीच उनके परिवार वाले भी शो में पहुंचे, जहां वे इमोशनल नजर आए. उन्होंने नेहा को समझाने की कोशिश की और शो छोड़कर घर वापस आने की सलाह दी. अब नेहा और उनके परिवार के बीच हुई इस बातचीत ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया है, वहीं लोग इसे हिंदू-मुस्लिम का एंगल भी बता रहे हैं.
संतोज राज के प्यार में पड़ी नेहा फातिहा?
बिग बॉस मलयालम 8 में 21 साल की नेहा फातिमा (Neha Fatima0 35 साल के संतोज राज के प्यार में पड़ती हुई नजर आ रही हैं. इतना ही नहीं, हाल ही के एपिसोड में तो नेहा ने संतोज को प्रपोज भी कर दिया था और कहा था कि वो शो के बाद संतोश संग अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती हैं. लेकिन इस वजह से नेहा के माता-पिता काफी परेशान हुए, जिसके चलते वो विकेंड का वार में शो पहुंचे और हर किसी को हैरान कर दिया. शो के होस्ट मोहनलाल, नेहा के माता-पिता का स्टेज पर स्वागत करते हैं. इस दौरान वे दोनों काफी भावुक दिखें और घर के अंदर नेहा के फैसलों पर सवाल उठाए.
#NehaFathima ఇలా ఓపెన్ అయ్యింది. ???? నాకు బాగా తెలుసు… ఇలా చేస్తే ఇంటివాళ్లకు సిగ్గు అయినా ఇష్టం కలగడం నా కంట్రోల్లో లేదు, నాకు నువ్వు ఇష్టమే! ఇక్కడ చూపించను షో అయ్యాక కూడా ఇష్టం ఉంటే. మా ఇంటివాళ్లు ఓకే అంటేనే చూద్దాం! ఇక్కడ ఉన్నంతవరకు ఎంతైనా దూరం ఉంటాను. #BiggBossMalayalam10 https://t.co/20xT1nCXj7
— Ustaad Veera Gambhira ???? (@PKYtrishira) November 1, 2026
नेहा के पैरेंट्स हुए इमोशन
लेटेस्ट एपिसोड में नेहा के पिता उससे पूछते हैं, 'नेहा, क्या तुम्हें हम याद हैं? हमें तो नहीं लगता कि तुम्हें हम याद हैं.' नेहा की मां भी रो पड़ती हैं और उससे पूछती हैं कि मना करने के बावजूद वो गेम क्यों खेल रही है? उन्हें चिंता है कि नेहा इमोशनल रूप से जुड़ रही है और बाकी कंटेस्टेंट उसकी भावनाओं का फायदा उठा सकते हैं. नेहा की मां रोते हुए कहती हैं- 'बाकी सब तो गेम खेल रहे हैं, लेकिन तुम भावनाओं में उलझ रही हो. तुम्हारा इस्तेमाल किया जा रहा है. तुम वही गेम खेल रही हो, जिसे खेलने से हमने तुम्हें मना किया था. तुम किसी उम्मीद को पकड़े बैठी हो, है ना? मुझे इसका 100 गुना ज्यादा दुख हो रहा है.'
మలయాళం బిగ్ బాస్లో షాక్ ! ???? నెహా ఫాతిమా (ముస్లిం) సంతోష్ రాజ్ (హిందూ) కి ప్రపోజ్ చేసింది… తల్లిదండ్రులు వచ్చి ఏడుస్తూ ఇంటికి తీసుకెళ్లారు! ???? ఎమోషన్స్లో పడిపోతున్నావ్ రా… ఉపయోగించబడుతున్నావ్ అని తల్లి మాటలు! 100% literacy Kerala saar. ???? #BiggBossMalayalam10 #NehaFathima https://t.co/Mg43DXaSg8
— BOSS TV (@BOSSTVAPP) November 1, 2026
माता-पिता की बातें सुनकर टूटी नेहा
शो में आगे अपने माता-पिता की बातें सुनकर नेहा पूरी तरह टूट जाती है. वहीं, नेहा के पैरेंट्स उनसे शो छोड़कर वापस चलने के लिए भी कहते हैं, हालांकि नेहा शो में रहना का फैसला लेती हैं और मोहनलाल भी कहते हैं कि ये नेहा की खुद का ही फैसला होगा. नहीं, मोहनलाल बताते हैं कि नेहा के माता-पिता एक खास गुजारिश लेकर आए हैं. एक पिता होने के नाते, वे उनकी भावनाओं को समझते हैं. मोहनलाल कहते हैं- 'मैं भी एक बेटी का पिता हूं. वे यहां इस जिद के साथ आए हैं कि वे नेहा को वापस घर ले जाना चाहते हैं.' अब देखना होगा कि आने वाले एपिसोड में नेहा संतोश से दूरी बनाती हैं या फिर उनके साथ रहती हैं.
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मिड टर्म चुनाव से पहले खेल, अकेले पड़े ट्रंप, हार तय?
अमेरिका में 3 नवंबर को मिड टर्म चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले ही अर्ली वोटिंग शुरू हो गई है। अब तक करीब 4 करोड़ लोग वोट डाल चुके हैं। रॉयटर्स और इ्सॉस के सर्वे के मुताबिक अर्ली वोटिंग में राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिक पार्टी पीछे चल रही है। विपक्षी डेमोक्रेट्स को 47% और रिपब्लिकन पार्टी को 36% वोटर्स का समर्थन मिल रहा है। इसी बीच ट्रंप ने अमेरिका के 30 राज्यों से वोटर लिस्ट की मांग की है। माना जा रहा है कि ट्रंप इस डाटा के जरिए विरोधी वोटर्स की पहचान कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
अर्ली वोटिंग क्या होती है?
दरअसल अमेरिका में चुनाव के तय दिन पहले से ही वोट डालने की सुविधा को अर्ली वोटिंग कहते हैं। वोटर चुनाव वाले दिन का इंतजार किए बिना तय समय के दौरान वोट डाल सकते हैं और इसके लिए वोटर मतदान केंद्र जाते हैं या फिर कुछ राज्यों में डाक से बैलेट भेजकर वोट दे सकते हैं। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोट डालने का मौका देना है। ट्रंप सरकार ने 30 राज्यों से वोटर्स की पूरी जानकारी मांगी है। इस मामले में ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की। इस लिस्ट में वोटर्स के पते, जन्मतिथि और सोशल सिक्योरिटी नंबर जैसी जानकारियां शामिल है। ट्रंप सरकार का कहना है कि वह इसलिए जानकारी चाहती है ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं गैर अमेरिकी नागरिक तो वोट नहीं डाल रहे हैं। हालांकि अब तक फर्जी वोटिंग होने का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। जानकारों ने चिंता जताई है कि इस जानकारी का इस्तेमाल ट्रंप के विरोध में वोट डालने वालों की पहचान के लिए हो सकती है। आशंका है कि सरकार इमीग्रेशन एजेंसी आईसीई और एफबीआई के जरिए ऐसे लोगों पर दबाव बनाए।
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अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी सबसे बड़ी चुनौती
रॉयटर्स और एप्सॉस सर्वे के मुताबिक महंगाई इसकी सबसे बड़ी समस्या है। 65% वोटर ट्रंप के आर्थिक फैसलों से नाराज है। इमीग्रेशन से भी एक बड़ी समस्या है। 48% वोटर्स का मानना है कि सख्त इमीग्रेशन नीतियों से अमेरिका को नुकसान हो रहा है। रोजगार भी एक बड़ी समस्या है। 45% वोटर्स हैं जिनका कहना है कि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी चुनाव प्रचार की कमान संभाली है। वो अब तक 50 से ज्यादा चुनावी सभाएं कर चुके हैं। कैलिफोर्निया टेक्सास जैसे राज्यों में ओबामा काफी लोकप्रिय है। भारतवंशी पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी चुनावी सभाएं बढ़ा दी हैं। साल 2024 में राष्ट्रपति चुनाव में वह ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार थी। मिड टर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी हार जाती है तो भी ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे। उनका कार्यकाल क्योंकि साल 2028 तक है। हालांकि संसद में बहुमत नहीं रहने पर उनके लिए अपनी नीतियों को लागू करना मुश्किल हो जाएगा। टैरिफ, वीजा और इमीग्रेशन जैसे मुद्दों पर फैसले लेने में भी उन्हें संसद के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
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कार्यकाल के बाकी 2 साल वह कमजोर राष्ट्रपति बनकर रह सकते हैं
अमेरिकी राजनीति में ऐसी स्थिति को लेम डक कहा जाता है। अगर ट्रंप की पार्टी हारी तो डेमोक्रेट्स उनके खिलाफ और मुखर हो सकते हैं। विपक्षी नेता उनके खिलाफ महाभियोग लाने की बात पहले ही कह चुके हैं। अगर संसद में डेमोक्रेट्स को जरूरी संख्या में सीटें मिलती है तो ट्रंप के लिए मुश्किलें बढ़ना तय है। अमेरिका में करीब 17 करोड़ वोटर हैं। इनमें भारतीय मूल के करीब 25 से 26 लाख लोग वोट देने के योग्य हैं। कार्नेगी एंडोमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा करीब 46,000 भारतीय मूल के वोटर हैं। इसके बाद टेक्सस, न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क का नंबर आता है। साल 2024 का एक सर्वे था जिसमें 60% भारतीय मूल के वोटर्स ने कमला हैरिस और 31% ने ट्रंप को समर्थन देने की बात कही।
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