पति के बाद दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार, नहीं मानी हार, कंगाली को मात देकर शैल देवी बनी 'खेती की लक्ष्मी'
बिहार के सीतामढ़ी जिला के सैदपुर घाट गांव की रहने वाली शैल देवी संघर्ष, साहस और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल हैं. साल 1984 में जन्मी शैल देवी का जीवन 2022 तक सामान्य था, लेकिन पति रघुनाथ शरण की डायबिटीज से हुई मृत्यु ने उनके जीवन की दिशा बदल दी. इलाज में सारी जमा पूंजी खत्म हो गई और परिवार आर्थिक संकट में घिर गया. कठिन परिस्थितियों के बावजूद शैल देवी ने हार नहीं मानी. उन्होंने घर की चौखट पार कर खेती की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली और पति के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेकर मेहनत और आधुनिक तकनीकों के सहारे नई राह बनाई.
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