उदित नारायण-साधना सरगम की जादुई आवाज, साल 1995 का वो सुपरहिट लव एंथम, कानों में शहद घोलती है सुरीली धुन
फिल्म 'बाजी' (1995) का 'धीरे-धीरे आप मेरे' 90 के दशक के उन रोमांटिक गानों में से एक है, जो कानों में पड़ते ही एक सुकून का अहसास कराता है. आमिर खान और ममता कुलकर्णी पर फिल्माया गया यह गाना अपनी सादगी और सुरीली धुन के लिए आज भी याद किया जाता है. आमिर खान इसमें अपने उसी पुराने चॉकलेटी और गंभीर अंदाज में नजर आते हैं, वहीं ममता कुलकर्णी की खूबसूरती और उनकी केमिस्ट्री इस गाने को और भी खास बना देती है. इस गाने को उदित नारायण और साधना सरगम ने अपनी जादुई आवाजों से सजाया है. अनु मलिक का संगीत बेहद मधुर है, जो आपको उस दौर की याद दिलाता है जब गानों में शोर कम और जज्बात ज्यादा होते थे. गाने की धीमी लय इसे एक परफेक्ट लव एंथम बनाती है.
पति के बाद दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार, नहीं मानी हार, कंगाली को मात देकर शैल देवी बनी 'खेती की लक्ष्मी'
बिहार के सीतामढ़ी जिला के सैदपुर घाट गांव की रहने वाली शैल देवी संघर्ष, साहस और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल हैं. साल 1984 में जन्मी शैल देवी का जीवन 2022 तक सामान्य था, लेकिन पति रघुनाथ शरण की डायबिटीज से हुई मृत्यु ने उनके जीवन की दिशा बदल दी. इलाज में सारी जमा पूंजी खत्म हो गई और परिवार आर्थिक संकट में घिर गया. कठिन परिस्थितियों के बावजूद शैल देवी ने हार नहीं मानी. उन्होंने घर की चौखट पार कर खेती की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली और पति के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लेकर मेहनत और आधुनिक तकनीकों के सहारे नई राह बनाई.
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