बेन स्टिलर ने अपनी फिल्म के क्लिप को लेकर व्हाइट हाउस पर साधा निशाना, हटाने की मांग
लॉस एंजिल्स, 7 मार्च (आईएएनएस)। हॉलीवुड अभिनेता बेन स्टिलर ने व्हाइट हाउस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट को ट्रोल किया है। इस अकाउंट पर उनकी फिल्म ट्रॉपिक थंडर का एक वीडियो क्लिप इस्तेमाल किया गया था।
बेन स्टिलर (60) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान साझा किया, जब व्हाइट हाउस ने एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में कई फिल्मों और टीवी शो के क्लिप्स को एक साथ जोड़ा गया था, जिनमें टॉप गन, सुपरमैन, ट्रांसफार्मर्स, ब्रेकिंग बैड, आयरन मैन और स्टिलर की 2008 की कॉमेडी फिल्म ट्रॉपिक थंडर शामिल थी। इन क्लिप्स को अमेरिकी सैन्य अभियानों से जुड़े दृश्यों के साथ जोड़ा गया था, ऐसा पीपल मैगजीन की रिपोर्ट में कहा गया है।
व्हाइट हाउस ने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “जस्टिस द अमेरिकन वे।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टिलर ने लिखा, “हे व्हाइट हाउस, कृपया ‘ट्रॉपिक थंडर’ वाला क्लिप हटा दें। हमने आपको इसकी अनुमति नहीं दी है और हमें आपकी प्रोपेगेंडा मशीन का हिस्सा बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। युद्ध कोई फिल्म नहीं है।”
‘पीपल’ के अनुसार, बेन स्टिलर उन कई कलाकारों में से एक हैं जिन्होंने व्हाइट हाउस द्वारा अपने कंटेंट के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इनमें सेलिन डियोन, ब्रूस स्प्रिंगस्टीन, लिंकिन पार्क, नील यंग, ओलिविया और रेडियोहेड जैसे नाम शामिल हैं।
इसी सप्ताह केशा ने भी विरोध जताया, जब व्हाइट हाउस ने उनके गीत ब्लो का इस्तेमाल एक वीडियो में किया। उस वीडियो में एक फाइटर जेट को नौसैनिक जहाज पर मिसाइल दागते और विस्फोट करते दिखाया गया था।
2 मार्च को इंस्टाग्राम स्टोरी में केशा ने लिखा, “मुझे पता चला है कि व्हाइट हाउस ने टिकटॉक पर मेरे एक गाने का इस्तेमाल हिंसा भड़काने और युद्ध की धमकी देने के लिए किया है। युद्ध को हल्के में लेना घृणित और अमानवीय है।” वह किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा देने के लिए अपने संगीत के इस्तेमाल को बिल्कुल मंजूरी नहीं देतीं।
केशा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन ने एक्स पर उनका बयान दोबारा पोस्ट करते हुए लिखा, “ये सभी ‘गायक’ बार-बार इस जाल में फंस जाते हैं। इससे हमें और ध्यान और ज्यादा व्यू मिलते हैं, क्योंकि लोग देखना चाहते हैं कि वे किस बात की शिकायत कर रहे हैं। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।”
इससे पहले भी ट्रंप प्रशासन ने दिसंबर में हाल ही में हुई अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन की गिरफ्तारियों को दिखाने वाला एक वीडियो साझा किया था, जिसकी व्यापक आलोचना हुई थी।
--आईएएनएस
एए/पीयूष
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
रूस पर तेल प्रतिबंधों में ढील दे सकता है अमेरिका, भारत बहुत अच्छा सहयोगी : बेसेंट
वॉशिंगटन, 7 मार्च (आईएएनएस)। स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिया कि मध्य-पूर्व संघर्ष के दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए वॉशिंगटन रूस के तेल आपूर्ति पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दे सकता है और भारत को रूसी तेल खरीद जारी रखने की अनुमति दे सकता है।
फॉक्स बिजनेस को दिए एक इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के कारण कीमतें बढ़ने पर अमेरिका ने पहले ही भारत को कुछ लचीलापन दिया था।
बेसेंट ने कहा, भारतीयों ने बहुत जिम्मेदार भूमिका निभाई है। हमने उनसे प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदना बंद करने को कहा था और उन्होंने ऐसा किया।
उन्होंने बताया कि भारत मूल रूप से उस आपूर्ति को अमेरिकी कच्चे तेल से बदलने की योजना बना रहा था। वे इसे अमेरिकी तेल से बदलने वाले थे। वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने और होर्मुज जलडमरू से गुजरने वाले टैंकरों के लिए बीमा प्रीमियम बढ़ने के कारण वॉशिंगटन ने कमी से बचने के लिए अस्थायी समायोजन की अनुमति दी।
बेसेंट ने कहा, “दुनिया भर में तेल की अस्थायी कमी को कम करने के लिए हमने उन्हें रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दी है।”
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, क्योंकि आशंका है कि ईरान से जुड़े तनाव इस संकरे जलमार्ग से होने वाले शिपमेंट को बाधित कर सकते हैं, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। युद्ध-जोखिम बीमा की लागत बढ़ने के कारण दर्जनों टैंकरों में देरी हुई है।
इससे पहले ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले तेल शिपमेंट के लिए सरकारी समर्थित बीमा कवरेज बढ़ाकर समुद्री ऊर्जा व्यापार को स्थिर करने की योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य बीमा कंपनियों और शिपिंग कंपनियों को भरोसा दिलाना है कि सुरक्षा चिंताओं के बावजूद कार्गो सुरक्षित रहेगा।
बेसेंट ने यह भी संकेत दिया कि वॉशिंगटन पहले से समुद्र में मौजूद रूसी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों की समीक्षा कर अतिरिक्त आपूर्ति जारी कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम अन्य रूसी तेल पर लगे प्रतिबंध भी हटा सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कच्चा तेल अभी समुद्र में फंसा हुआ है। समुद्र में सैकड़ों मिलियन बैरल प्रतिबंधित कच्चा तेल मौजूद है।
इन कार्गो पर प्रतिबंधों में ढील देने से आपूर्ति तेजी से बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, “असल में, इन पर से प्रतिबंध हटाकर ट्रेज़री आपूर्ति पैदा कर सकता है और हम इस पर विचार कर रहे हैं।”
बेसेंट ने कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष आगे बढ़ेगा, प्रशासन तेल बाजार को स्थिर करने के लिए और कदम उठाएगा। हम इस संघर्ष के दौरान बाजार को राहत देने के लिए लगातार नए कदमों की घोषणा करते रहेंगे।
2022 में यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद से भारत रियायती रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक रहा है। भारत का तर्क है कि ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए आपूर्ति के स्रोतों में विविधता जरूरी है।
--आईएएनएस
एलकेजे/आरएस/पीयूष
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation























