Responsive Scrollable Menu

कन्या राशि वालों के लिए शानदार रहेगा ये सप्ताह, लेकिन खर्च और रिश्तों पर देना होगा ध्यान

कन्या राशि वालों के लिए शानदार रहेगा ये सप्ताह, लेकिन खर्च और रिश्तों पर देना होगा ध्यान

Continue reading on the app

पीएम मोदी रिन्यूएबल एनर्जी समिट का इनॉगरेशन करेंगे:130 देश शामिल होंगे, भारत की क्षमता 300 गीगावॉट, टॉप 3 देशों में शामिल

पीएम मोदी सोमवार को इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का इनॉगरेशन करेंगे। चार दिवसीय समिट 2 से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा। इसकी थीम 'इन्वेस्ट, इनोवेट, इंस्पायर' रखी गई है। मोदी शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस समिट में 130 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें 40 से अधिक मंत्री भी होंगे। इसके अलावा निवेशक, वित्तीय संस्थान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन इसमें कंट्री पार्टनर के रूप में हिस्सा लेंगे। 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी रिन्यूबल एनर्जी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इनमें आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। भारत की रिन्यूबल एनर्जी क्षमता कितनी है, आगे क्या चुनौतियां; 5 सवाल-जवाब सवाल: रिन्यूएबल एनर्जी क्या होती है? जवाब: ऐसे ऊर्जा स्रोत, जिनसे बार-बार बिजली बनाई जा सकती है और जो प्राकृतिक रूप से दोबारा उपलब्ध होते हैं, उन्हें रिन्यूएबल एनर्जी कहते हैं। जैसे: - सूरज की रोशनी से सोलर एनर्जी। - हवा से विंड एनर्जी। - पानी से हाइड्रो पावर। - जैविक कचरे और कृषि अवशेषों से बायो एनर्जी। सवाल: भारत के लिए यह समिट क्यों अहम है? सवाल: भारत की रिन्यूबल एनर्जी क्षमता कितनी है? जवाब: भारत में रिन्यूएबल एनर्जी (सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय स्रोतों) की कुल स्थापित क्षमता करीब 299.25 गीगावॉट (GW) है। इसमें सोलर एनर्जी की क्षमता 171.05 GW, विंड एनर्जी की 59.20 GW और बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट की 52.06 GW है। देश में रोजाना सोलर, विंड और अन्य रिन्यूएबल स्रोतों से औसतन करीब 85.57 करोड़ यूनिट बिजली पैदा हो रही है। सवाल: क्या 300.50 GW का मतलब है कि भारत रोज इतनी बिजली बना रहा है? जवाब: नहीं। इसका मतलब है कि इन सभी बिजली संयंत्रों की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 300.50 GW है। इसे ऐसे समझिए: जैसे किसी कार की अधिकतम रफ्तार 200 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसका मतलब यह नहीं कि कार हर समय 200 की रफ्तार से चल रही है। इसी तरह बिजली संयंत्र भी हर समय अपनी पूरी क्षमता से बिजली नहीं बनाते। सवाल: क्या 300.50 GW बिजली भारत के लिए पर्याप्त है? जवाब: अभी इसे देश की पूरी बिजली जरूरत के लिए पर्याप्त नहीं माना जा सकता। भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। घरों में AC, फैक्ट्रियों, मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहनों और डेटा सेंटर को ज्यादा बिजली चाहिए। इसके अलावा सोलर और विंड एनर्जी हर समय उपलब्ध नहीं होती। इसलिए भारत को कोयला, गैस और दूसरे स्रोतों से भी बिजली बनानी पड़ती है। सवाल: रिन्यूएबल एनर्जी बढ़ने से आम लोगों को क्या फायदा होगा? जवाब: घरों में सोलर पैनल लगाने से बिजली बिल कम हो सकता है। किसानों को सोलर पंप से सिंचाई में मदद मिल सकती है। नए सोलर और विंड प्रोजेक्ट से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। बिजली उत्पादन के लिए कोयले पर निर्भरता घट सकती है। प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, बिजली बिल में कितनी बचत होगी, यह योजना, लागत और इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।

Continue reading on the app

  Sports

वनडे में सबसे ज्यादा बार 400+ रन ठोकने वाली 5 टीमें, लिस्ट में भारत का नंबर हैरान कर देगा

एक समय था जब वनडे क्रिकेट में कोई टीम 270 से 280 रन का स्कोर खड़ा करती थी उसे विनिंग टोटल कहा जाता है, लेकिन मॉर्डन डे क्रिकेट में अब 400 से ज्यादा स्कोर भी सुरक्षित नहीं माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाली 5 टीमों के बारे में. Tue, 3 Nov 2026 06:01:02 +0530

  Videos
See all

Top Headlines Of The Day: Cyclone Murasu | Delhi Pollution | PM Modi | UP Election 2027 | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-03T01:46:10+00:00

Mobile Catches Fire: मोबाइल फोन में आग लगने का वीडियो वायरल #mobile #shorts #viral #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-03T01:45:20+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers