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आयुष्मान कार्ड पर क्या क्या मिलता है कवरेज, यहां जाने सटीक जानकारी

अगर आप अपने और अपने परिवार की सेहत को लेकर फिक्रमंद रहते हैं, तो आज की यह जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है. हम अक्सर देखते हैं कि किसी बीमारी के आने पर इलाज के खर्च की चिंता बीमारी से भी बड़ी लगने लगती है. इसी चिंता को दूर करने के लिए सरकार की एक बहुत ही खास योजना है, जिसका नाम है आयुष्मान भारत योजना.

क्या है आयुष्मान कार्ड और क्यों है यह जरूरी?

सबसे पहले सरल शब्दों में यह समझ लेते हैं कि आखिर यह आयुष्मान कार्ड क्या बला है. असल में, यह एक ऐसा सरकारी कार्ड है जो आपको अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा देता है. इसे 'प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' भी कहा जाता है. सरकार का मकसद सिर्फ इतना है कि देश का कोई भी गरीब या जरूरतमंद परिवार पैसों की कमी की वजह से अच्छे इलाज से वंचित न रह जाए. जब आपके पास यह कार्ड होता है, तो आप किसी भी लिस्टेड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपना इलाज बिना जेब से पैसे दिए करवा सकते हैं.

करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है मदद

इस योजना की कामयाबी का अंदाजा आप नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट से लगा सकते हैं. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक देश भर में लगभग 40.45 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं. इसका मतलब है कि करीब 14.69 करोड़ परिवारों को अब अपनी सेहत की चिंता करने की जरूरत नहीं है. आंकड़े बताते हैं कि अब तक 9 करोड़ से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती होकर इस कार्ड के जरिए अपना सफल इलाज करवाया है. सरकार ने इन इलाज पर अब तक करीब 1,29,386 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो सीधे तौर पर आम जनता की भलाई में लगे हैं.

इलाज के साथ और क्या-क्या मिलता है?

अक्सर लोगों को लगता है कि आयुष्मान कार्ड का मतलब सिर्फ डॉक्टर की फीस या बेड का खर्चा है. लेकिन असलियत में इसके फायदे बहुत बड़े हैं. जब आप अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो कार्ड के जरिए आपकी जांच (जैसे ब्लड टेस्ट, एक्स-रे), डॉक्टर की सलाह, और ऑपरेशन का सारा खर्च सरकार उठाती है. इसके अलावा, आपको अस्पताल में मिलने वाली दवाइयां और वहां इस्तेमाल होने वाले मेडिकल सामान के लिए भी अपनी तरफ से कोई पैसा नहीं देना पड़ता. यह पूरी तरह से कैशलेस सुविधा है, यानी आपको बिल भरने के लिए कैश की जरूरत नहीं पड़ती.

खाने-पीने और रहने की भी चिंता खत्म

सिर्फ दवाइयां ही नहीं, आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती मरीज के खाने-पीने का इंतजाम भी अस्पताल की तरफ से मुफ्त किया जाता है. कई बार इलाज के दौरान मरीज और उसके परिवार को खाने-पीने के लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन इस योजना में इसे भी शामिल किया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि गरीब परिवार को इलाज के दौरान अपनी जमा-पूंजी खर्च नहीं करनी पड़ती और वह पूरा ध्यान मरीज की देखभाल पर लगा सकते हैं।

अस्पताल से घर आने के बाद की सुविधा

ज्यादातर लोग नहीं जानते कि आयुष्मान कार्ड का फायदा सिर्फ अस्पताल में भर्ती रहने तक ही सीमित नहीं है. अस्पताल से छुट्टी (Discharge) मिलने के बाद भी आपको अगले 15 दिनों तक की देखभाल और दवाइयों की सुविधा मिलती है. अक्सर देखा जाता है कि अस्पताल से आने के बाद भी काफी दिनों तक दवाइयां चलती हैं और बीच-बीच में चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है. इस कार्ड की मदद से आप उन 15 दिनों की दवाइयां और जरूरी जांचें भी मुफ्त पा सकते हैं। यह सुविधा मरीज को पूरी तरह ठीक होने में बहुत मदद करती है.

अब मिलेगा ₹10 लाख तक का फायदा

अब एक ऐसी बात जो आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. वैसे तो पूरे देश में आयुष्मान कार्ड पर साल भर में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की मदद मिलती है. लेकिन अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. दिल्ली में रहने वाले लोगों को केंद्र सरकार की तरफ से 5 लाख रुपये की मदद तो मिलती ही है, साथ ही दिल्ली सरकार भी अपनी तरफ से 5 लाख रुपये की अलग से मदद जोड़ देती है. इस तरह दिल्ली वालों को कुल मिलाकर 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल जाती है. यह एक बहुत बड़ी रकम है जो किसी भी बड़े से बड़े ऑपरेशन या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए काफी है.

कार्ड बनवाने के लिए कौन-कौन से कागज चाहिए?

अगर आप भी इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं और अभी तक अपना कार्ड नहीं बनवाया है, तो कुछ जरूरी कागजात अपने पास तैयार रखें. आपको अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड या पैन कार्ड की जरूरत होगी. इसके साथ ही आपको अपने घर के पते का कोई सबूत देना होगा. अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी पास रखें ताकि आपको जरूरी अपडेट मिलते रहें. इसके अलावा, अगर आप किसी विशेष जाति से हैं, तो उसका प्रमाण पत्र और आपकी कमाई कितनी है, इसका आय प्रमाण पत्र भी मांग जा सकता है. इन सबकी फोटोकॉपी या ओरिजिनल कॉपी अपने पास स्कैन करके रख लें ताकि कार्ड बनवाते समय कोई परेशानी न हो.

आप कब बनाएंगे ये कार्ड? 

अंत में यही कहेंगे कि आयुष्मान कार्ड आज के समय में हर जरूरतमंद परिवार की सबसे बड़ी ताकत है. यह न सिर्फ आपको बीमारियों से लड़ने की हिम्मत देता है, बल्कि आपके परिवार को कर्ज के बोझ से भी बचाता है. अगर आपके पास यह कार्ड है, तो आप निश्चिंत होकर अच्छे से अच्छे अस्पताल में जा सकते हैं. और अगर नहीं है, तो आज ही सीखो ऐप की मदद से इसे बनवा लें. याद रखें, अच्छी सेहत ही सबसे बड़ी दौलत है, और सरकार इस दौलत को सुरक्षित रखने में आपकी पूरी मदद कर रही है.

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अन्‍य देशों की मध्यस्थता की कोशिशों के बीच ईरान का कड़ा संदेश, ‘हमें कम मत आंकिए’

तेहरान, 6 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे झगड़े में बीच-बचाव की कोश‍िश शुरू कर दी है। उन्‍होंने कहा क‍ि हम भी शांत‍ि पसंद करते हैं, लेक‍िन अपनी इज्‍जत और स्‍वतंत्रता के साथ। हमने पिछले हफ्ते सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को खो द‍िया। शायद कुछ लोगों ने हमें कम आंक ल‍िया है।

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पोस्‍ट क‍रते हुए ल‍िखा, कुछ देशों ने बीच-बचाव की कोशिशें शुरू कर दी हैं। साफ-साफ कह दूं कि हम इस इलाके में हमेशा शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने देश की इज्जत और आजादी की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। बीच-बचाव उन लोगों पर होना चाहिए, जिन्होंने ईरानी लोगों को कम आंका और इस झगड़े को भड़काया।

ईरानी प्रेसिडेंट का यह बयान तब आया जब कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि ईरान ने इजरायल पर हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू कर दी है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें उसकी लेटेस्ट सुपर-हैवी खोर्रमशहर-4 भी शामिल है।

लेबनान की ऑफिशियल नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर दक्षिणी लेबनान के शहर श‍िडोन में एक आवासीय इमारत पर इजरायली हवाई हमले को निशाना बनाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, हमला शहर की अल-सिद्दीक मस्जिद के पास स्थित मकासेद बिल्डिंग की सबसे ऊपरी मंजिल के ठीक नीचे वाले फ्लोर पर हुआ। यह खबर शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने दी। हमले के बाद एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। हालांकि अभी तक हादसे में हताहतों या नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

वहीं, दूसरी ओर अमेरिका ने भी ईरान पर हमले और तेज करने का संकेत दिया है। टैम्पा में अमेरिकी सेंट्रल कमांड हेडक्वार्टर में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी आने वाले समय में आगे बढ़ सकता है। हेगसेथ ने रिपोर्टरों से कहा, “हम इस लड़ाई के लिए बने हैं और हम इसे जीतने के लिए हैं।”

उन्होंने कहा क‍ि अमेरिकी और इजरायली सेना तेहरान की सेना और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के मकसद से हमले तेज करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा क‍ि ऑपरेशन ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्‍होंने सीईएनटीसीओएम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर और मिशन में शामिल 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सेवा सदस्यों की सराहना की।

हेगसेथ ने कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के कुछ ही दिनों में आपने और आपकी टीम ने बहुत ही खतरनाक सटीक हमले किए हैं, ईरान की नौसेना के बड़े हिस्से को खत्म कर दिया है, इसे लड़ाई में बेअसर कर दिया है, मिसाइल साइट्स और लॉन्चर्स को बेअसर कर दिया है और जिस आसमान और समुद्र के ऊपर से हम उड़ते हैं, उस पर पूरा दबदबा बना लिया है।”

उन्होंने कहा, “हम अब अमेरिकियों को धमकाने की ईरान की क्षमता को खत्म करने के एक ऐतिहासिक मिशन का छठा दिन शुरू कर रहे हैं।”

कूपर के मुताबिक, अमेरिका की हवाई शक्ति ने ईरानी इलाके में अंदर तक बड़े हमले किए हैं। उन्होंने कहा, सिर्फ पिछले 72 घंटों में अमेरिका की बॉम्बर फोर्स ने ईरान के अंदर लगभग 200 टारगेट पर हमला किया, जिसमें तेहरान के आसपास के इलाके भी शामिल हैं।

वहीं, कुवैत रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान के साथ जारी तनाव के बीच कुवैत के सशस्त्र बलों के 67 कर्मचारी घायल हुए हैं। घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर है।

रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता सऊद अल-अतवान ने कहा कि कुवैती की रक्षा व्यवस्था ने अब तक पिछले कुछ दिनों में देश के एयरस्पेस को टारगेट करके दागे गए 212 बैलिस्टिक मिसाइलों और 394 ड्रोन्स का पता लगाया और उनसे निपटा है। कुवैती आर्म्ड फोर्सेज सबसे ज्यादा तैयार हैं और सैन्य और सुरक्षा प्राधिकारियों के साथ-साथ दूसरे सरकारी संस्थानों के साथ सहयोग में विकास पर 24 घंटे नजर रख रही हैं।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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