धमकी के बाद बुलेटप्रूफ केबिन में दिखे अमिताभ बच्चन:संडे दर्शन में जलसा के बाहर सुरक्षा बढ़ी; बम से उड़ाने की धमकी मिली थी
अमिताभ बच्चन रविवार को अपने मुंबई स्थित आवास जलसा के बाहर फैंस से मुलाकात करने पहुंचे। बम से उड़ाने की धमकी के बाद अमिताभ एक बुलेटप्रूफ कांच के केबिन के अंदर दिखाई दिए। वे केबिन के अंदर से ही बाहर मौजूद फैंस की तरफ हाथ हिलाते और हाथ जोड़कर नमस्कार करते नजर आए। हाल ही में अमिताभ बच्चन के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा का स्तर बढ़ा दिया है। बम की धमकी के बाद जलसा के बाहर बढ़ी सुरक्षा अमिताभ बच्चन हर रविवार अपने बंगले ‘जलसा’ के बाहर आकर फैंस का अभिवादन करते हैं। इस परंपरा को ‘संडे दर्शन’ कहा जाता है। हाल ही में अमिताभ बच्चन के आवास को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया था। इस घटना के तुरंत बाद मुंबई पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और जलसा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। रविवार को भी दर्शन के दौरान पुलिसकर्मी बैरिकेड्स के पास मुस्तैद रहे और भीड़ पर लगातार नजर बनाए रखी। पिछली बार पिता के साथ नजर आए थे अभिषेक बच्चन इससे पहले हुए संडे दर्शन के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी दिखाई दिए थे। आमतौर पर अमिताभ इस परंपरा के दौरान अकेले ही फैंस के सामने आते हैं, लेकिन पिछली बार पिता के पीछे खड़े अभिषेक की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा था। तबीयत ठीक नहीं, डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर बताया था कि उन्हें आराम की जरूरत है। उन्होंने लिखा था कि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक आराम करने और सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी है। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भी सेहत को लेकर अपडेट दिया था। बिग बी ने शरीर को ठीक होने के लिए और समय देने की बात कही थी। इसके बावजूद उन्होंने रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा नहीं तोड़ी। अमिताभ बच्चन लंबे समय से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। हर रविवार उनके घर के बाहर फैंस की भीड़ जुटती है, जो उनकी झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करती है। मेयर के कार्यालय को भी मिला था धमकी भरा ईमेल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के कार्यालय को धमकी भरा ईमेल मिला था। इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले के अलावा गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के मुंबई कॉन्सर्ट और कुछ स्कूलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में जुहू स्थित अमिताभ के बंगले ‘जलसा’ को 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच निशाना बनाने की बात कही गई थी। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी:दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।पूरी खबर पढ़ें..
फ्रांस और इटली के बाद अब पुर्तगाल में प्रदर्शन, विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर मचा बवाल
यूरोप के कई देशों में सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज होता नजर आ रहा है. फ्रांस और इटली के बाद अब पुर्तगाल में भी हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. देश में गहराते आवास संकट और किराये से जुड़े प्रस्तावित विधेयक के विरोध में लिस्बन और पोर्टो शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. शनिवार को शुरू हुआ विरोध रविवार सुबह उस समय हिंसक टकराव में बदल गया, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के टेंट कैंप हटाने के लिए कार्रवाई की. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई.
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार किराये से संबंधित विवादित विधेयक को वापस ले. उनका आरोप है कि सरकार के प्रस्तावित कदमों से पहले से ही गंभीर आवास संकट का सामना कर रहे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में मकानों का किराया लगातार आम लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है. ऐसे में सरकार को राहत देने वाली नीतियां बनानी चाहिए, न कि ऐसी व्यवस्था लागू करनी चाहिए जिससे किरायेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़े.
लिस्बन में तड़के पुलिस ने हटाया टेंट कैंप
राजधानी लिस्बन के रॉसियो स्क्वायर में शनिवार को हजारों लोगों ने मार्च निकालकर सरकार की आवास नीति के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था. प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों ने स्क्वायर में 50 से अधिक टेंट लगाकर अस्थायी कैंप बना लिया. प्रदर्शनकारी इस कैंप के जरिए सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाना चाहते थे.
हालांकि, रविवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस ने टेंट कैंप हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस कमांडर इउरी रोड्रिग्स ने इससे पहले प्रदर्शनकारियों को तीन बार चेतावनी दी थी कि सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए टेंट हटाए जाएं. पुलिस की चेतावनी के बावजूद जब कैंप नहीं हटाया गया तो अधिकारियों ने कार्रवाई करने का फैसला किया. इस दौरान विरोध करने वाले कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस के आदेशों की अवहेलना से संबंधित मामला दर्ज किए जाने की भी बात सामने आई.
इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. पुलिस टीम में कुछ जवानों के साथ प्रशिक्षित कुत्ते भी मौजूद थे. टेंट हटाने की कार्रवाई का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने ढालों की मदद से पीछे धकेला. कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज और शारीरिक बल के इस्तेमाल की भी खबरें सामने आईं. देखते ही देखते शांतिपूर्ण विरोध का माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई.
पोर्टो में भी पुलिस की कार्रवाई, हटाया गया कैंप
लिस्बन के अलावा पुर्तगाल के दूसरे बड़े शहर पोर्टो में भी आवास संकट के खिलाफ प्रदर्शन हुआ. यहां डोम जोआओ प्रथम स्क्वायर में प्रदर्शनकारियों ने एक छोटा टेंट कैंप स्थापित किया था. हालांकि, पुलिस ने यहां भी हस्तक्षेप करते हुए कैंप को हटा दिया.
दोनों शहरों में पुलिस की कार्रवाई के बाद सरकार की भूमिका और विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके पर सवाल उठने लगे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आवास जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़े मुद्दे पर आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. ऐसे में पुलिस की सख्ती से आंदोलन को दबाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए.
पुलिस कार्रवाई पर सांसद ने उठाए सवाल
पुर्तगाल की सोशलिस्ट पार्टी के सांसद पेड्रो डेलगाडो अल्वेस ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने बताया कि रॉसियो स्क्वायर में शनिवार को आयोजित मार्च और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे. ऐसे में प्रदर्शनकारियों के टेंट कैंप को हटाने के लिए पुलिस की इस तरह की कार्रवाई का कोई औचित्य नजर नहीं आता.
उन्होंने पुलिस की ओर से कथित तौर पर बल प्रयोग और शारीरिक हिंसा किए जाने पर भी आपत्ति जताई. इस घटनाक्रम ने पुर्तगाल में आवास संकट के साथ-साथ नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है. लहाल इस आंदोलन के केंद्र में किराये से जुड़ा विवादित विधेयक और आम लोगों के लिए किफायती आवास की उपलब्धता का सवाल है. प्रदर्शनकारी सरकार से विधेयक वापस लेने और आवास संकट का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं.
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