'हम संविधान को नष्ट नहीं होने देंगे', रामलीला मैदान में राहुल गांधी बोले- ये देश के युवाओं की आवाज है
वोट चोरी के खिलाफ पूरा संविधान एकजुट होकर रामलीला मैदान पहुंच चुका है. रामलीला मैदान में हो रही सभा को राहुल गांधी ने संबोधित किया. राहुल गांधी ने कहा कि हमें केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को जो संदेश देना था, वह दिया जा चुका है. यह आवाज सिर्फ एक राजनीतिक दल या किसी एक नेताओं की नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं, किसानों और मजदूरों की आवाज है. यह आवाज साफ कहती है कि हम भारत में न तो लोकतंत्र को खत्म होने देंगे और न ही संविधान को नष्ट होने देंगे. आप खुद को चाहे कितना भी ताकतवर और धनवान समझें, आप संविधान से बड़े नहीं हैं, बल्कि संविधान आप सबसे ऊपर है.
राहुल ने आगे आरोप लगाया कि इस देश में लंबे समय से वोट चोरी हो रहे हैं. ममता बनर्जी ने बंगाल का उदाहरण दिया है. इसके अलावा मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनावों समेत सभी चुनावों में वोट चोरी की गई है. कभी ईवीएम के जरिए तो कभी वोटर लिस्ट से नाम काटकर.
2024 का चुनाव एक अवैध चुनाव था- राहुल गांधी
उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव के बाद वोटर लिस्ट से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए. यानी हर सात में से एक यानी कुल 15 प्रतिशत भारतीय मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया. जब 2024 में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच मात्र 3 प्रतिशत वोटों का फासला था, तब उसके बाद 15 प्रतिशत मतदाताओं को सूची से हटाना यह साबित करता है कि 2024 का चुनाव एक अवैध और चोरी का चुनाव था. यह बात कोई और नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के आंकड़े खुद कह रहे हैं, क्योंकि उन्होंने ही 2024 के बाद की लिस्ट से 13.5 करोड़ वोटर्स को हटाया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मिनी स्टेडियम, ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 एवं मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के समापन समारोह में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के विजेता जनपद देहरादून को ट्रॉफी के साथ 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की. मुख्यमंत्री ने meroyuva.in पोर्टल का विमोचन भी किया. समारोह में मलखम्ब एवं आर्टिस्टिक योग का आकर्षक प्रदर्शन किया गया. मुख्यमंत्री ने विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ-साथ खेल भूमि के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है. खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण आधार हैं. उन्होंने कहा कि 1 सितम्बर को चम्पावत जनपद के टनकपुर से प्रारम्भ हुई खेल महाकुम्भ की यात्रा न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से होते हुए राज्य स्तर तक पहुंची है. इस आयोजन में प्रदेश के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया.
बढ़ती भागीदारी दर्शाती है कि खेल महाकुम्भ प्रदेश में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रारम्भ किए गए खेल महाकुम्भ का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना था. पिछले वर्ष लगभग 2 लाख 20 हजार खिलाड़ियों ने खेल महाकुम्भ में प्रतिभाग किया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 लाख 35 हजार से अधिक हो गई है. यह बढ़ती भागीदारी दर्शाती है कि खेल महाकुम्भ प्रदेश में खेलों के प्रति जन-आंदोलन का रूप ले चुका है.
जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र स्तर तथा राज्य स्तर पर किया गया. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही. जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करने के साथ ही खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया. मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया.
विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी अवसर और संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए. न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं. इस वर्ष लगभग 11 करोड़ 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के अंतर्गत सीधी भर्ती के पदों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ देने का भी निर्णय लिया है.
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से देश में खेलों के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है. प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आवश्यक संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया. उन्हें विश्वास है कि खेल महाकुम्भ से निकलने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी.
अभिभावकों का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि हार और जीत खेल का हिस्सा हैं. जो खिलाड़ी इस बार पदक प्राप्त नहीं कर सके, वे निराश न हों, बल्कि और अधिक मेहनत के साथ अगली प्रतियोगिताओं की तैयारी करें. राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने खेल महाकुम्भ के सफल आयोजन के लिए युवा कल्याण एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, प्रान्तीय रक्षक दल के जवानों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया.
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति एवं खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. लोहाघाट में बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन प्रारम्भ किया गया है. साथ ही राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय और आधुनिक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है. इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखण्ड युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा तथा निदेशक युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल सुश्री दीप्ति सिंह उपस्थित थे.
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