MP Chunav : मोदी की गारंटी से इंदौर की सभी 9 सीटों पर खिला कमल, कैलाश के गढ़ में बीजेपी बन गई ‘जादूगर’
कैलाश विजयवर्गीय – इंदौर विधानसभा क्रमांक 1: लगभग 35 सालों से चुनाव लड़ रहे विजयवर्गीय इंदौर की 4 सीटों से चुनाव लड़ और जीत चुके है। इस बार इंदौर 1 से मैदान में आये और 57719 वोटों से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। जीतने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने डबल इंजन सरकार बनने की बात कही और जनता का आभार माना ।
रमेश मेंदोला – इंदौर विधानसभा क्रमांक 2: इंदौर विधानसभा 2 से रमेश मेंदोला ने अपने प्रतिद्वंदी चिंटू चौकसे को हराया। मेंदोला ने यह चुनाव रिकॉर्ड 1 लाख 7 हज़ार 17 वोटों से जीता, पिछले चुनाव में जीत का मार्जिन 71011 वोट था ।
गोलू शुक्ला – इंदौर विधानसभा क्रमांक 3: पहली बार मुक़ाबले में शामिल रहे भाजपा के गोलू शुक्ला ने जीत कर उलटफेर कर दिया, बहुत ही मार्जिन अंतर 11757 वोटों से गोलू शुक्ला ने यह चुनाव जीता। ख़ास चर्चा में यह सीट इसलिए रही क्योंकि यहाँ अंतिम समय तक पार्टी अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पा रहे थी।
चौथी बार विधायक बनी मालिनी गौड़ ने कांग्रेस के राजा मंधवानी को 69837 वोटों से हराया, सिंधी बाहुल्य मतदाता होने पर सिंधी उम्मीदवार का कांग्रेस का पत्ता नहीं चल सका ।
महेंद्र हार्डिया – इंदौर विधानसभा क्रमांक 5 : मतगणना में सबसे गर्मागर्मी में रही। इंदौर विधानसभा 5 पर बाबा नाम से पहचान रखने वाले महेंद्र हार्डिया ने। 15404 मतों से विजयश्री हांसिल की, इसी के साथ 5 बार विधायक बनने का रिकॉर्ड भी बाबा ने अपने नाम किया।
मनोज पटेल – देपालपुर : इंदौर की देपालपुर विधानसभा से मनोज पटेल ने कांग्रेस के विशाल पटेल को काँटे की टक्कर वाले मुक़ाबले में हरा दिया, मतगणना में कभी आगे कभी पीछे होते उम्मीदवारों ने अंत तक सबकी धड़कने बड़ा रखी थी लेकिन अंत में 13698 मतों से विजयश्री भाजपा को मिली ।
2>मधु वर्मा – राऊ : जिस जीत को सबने चौंका दिया वो राऊ विधानसभा रही, इस सीट से भाजपा के मधु वर्मा ने 2 बार विधायक रहे कांग्रेस के चर्चित नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी को पटकनी दी। कार्यकर्ताओं के नाराज़गी के बाद भी मधु वर्मा ने यह चुनाव 35489 वोटों से जीत कर इंदौर में भाजपा को क्लीन स्वीप करने में योगदान दिया ।
तुलसीराम सिलावट – सांवेर : सिंधिया समर्थक और कांग्रेस से भाजपा में आये मंत्री तुलसी सिलावट भी अपना चुनाव जीत गये उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी रीना बोरसी को 68854 वोटों से हराया । ख़ास बात यह रही की इस सीट से भाजपा के परंपरागत प्रत्याक्षी राजेश सोनकर को पार्टी ने सोनकच्छ से टिकिट दिया था और वहाँ उन्होंने आश्चर्यजनक रूप से कांग्रेस के दिग्गज सज्जनसिंह वर्मा को शिकस्त दी ।
उषा ठाकुर – महु : महु से मंत्री उषा ठाकुर 34075 वोटों के अंतर से जीत गई, कांग्रेस के बाग़ी और निर्दलीय प्रत्याक्षी अंतरसिंह दरबार 68055 वोटों से दूसरे स्थान पर रहे।
मनीषा भानवाला बनीं वर्ल्ड चैंपियन, 59 किलो वर्ग में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं
भारतीय पहलवान मनीषा भानवाला ने 59 किलोग्राम भार वर्ग में अमेरिका की एबिगेल नेट को 8-6 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया है। दरअसल शुक्रवार, 30 अक्टूबर को हुए इस फाइनल मुकाबले में मनीषा एक समय 0-6 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वह वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।
दरअसल मनीषा की यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि फाइनल में मुकाबला उनके हाथ से निकलता हुआ नजर आ रहा था। अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट ने शुरुआत में ही 6 अंकों की बढ़त बना ली थी। मनीषा के सामने वापसी करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए स्कोर 8-6 तक पहुंचाया और गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। इस जीत के साथ मनीषा ने भारतीय महिला कुश्ती में एक नया इतिहास दर्ज कर दिया।
मनीषा भानवाला की 0-6 से 8-6 तक की शानदार वापसी
Manisha Becomes India’s First Women’s World Champion
https://t.co/zfwDKWa4ru
— United World Wrestling (@wrestling) October 30, 2026
59 किलोग्राम भार वर्ग का फाइनल मुकाबला मनीषा भानवाला और अमेरिका की एबिगेल नेट के बीच खेला गया। मुकाबले की शुरुआत भारतीय पहलवान के लिए अच्छी नहीं रही। एबिगेल ने तेजी से अंक जुटाए और एक समय मनीषा को 0-6 से पीछे कर दिया। इस स्कोर के बाद अमेरिकी पहलवान की जीत की संभावना मजबूत दिखाई दे रही थी। हालांकि मनीषा ने मुकाबले में वापसी की कोशिश जारी रखी। उन्होंने एक के बाद एक अंक जुटाए और धीरे-धीरे स्कोर का अंतर कम किया। मुकाबले के आखिरी हिस्से में मनीषा ने बढ़त हासिल करते हुए स्कोर 8-6 कर दिया। इस तरह 6 अंकों से पिछड़ने के बाद उन्होंने 2 अंकों के अंतर से फाइनल जीत लिया। इस जीत के साथ मनीषा ने सिर्फ गोल्ड मेडल ही नहीं जीता बल्कि भारत के लिए वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप का महिला खिताब जीतने वाली पहली पहलवान बनने का रिकॉर्ड भी बनाया है।
सुशील कुमार के बाद दूसरी भारतीय पहलवान
दरअसल मनीषा भानवाला वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली भारत की दूसरी पहलवान बन गई हैं। उनसे पहले सुशील कुमार ने साल 2010 में पुरुषों के 66 किलोग्राम भार वर्ग में यह खिताब जीता था। इस तरह मनीषा ने भारत को लंबे इंतजार के बाद एक और वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियन दिया है। खास बात यह है कि वह इस प्रतियोगिता में महिला वर्ग का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं। मनीषा ने फाइनल तक पहुंचने के लिए सेमीफाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने कजाखस्तान की अल्तिन शगायेवा को एकतरफा मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल के मुकाबले में जगह बनाई। इसके बाद फाइनल में अमेरिकी पहलवान के खिलाफ पिछड़ने के बावजूद उन्होंने मुकाबला अपने नाम किया।
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