अब स्नैपचैट पर भी विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशन की गतिविधियों से यूजर्स होंगे रूबरू
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का विदेश मंत्रालय (एमईए) अब एक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। लाखों की तादाद में फॉलोअर्स अहम और सटीक जानकारी एक और प्लेटफॉर्म पर हासिल कर पाएंगे। गुरुवार को एमईए ने स्नैपचैट पर कदम रखने का ऐलान किया। मंत्रालय ने यूजर्स से अपने आधिकारिक स्नैपचैट अकाउंट से जुड़ने की अपील की है।
एमईए ने एक वीडियो क्लिप विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। फॉलोअर्स से जुड़ने की अपील करते हुए दावा किया कि यहां उन्हें एक्सक्लूसिव स्टोरीज, अपडेट, रोचक कंटेंट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।
फेसबुक, वॉट्सऐप, एक्स, लिंकडइन, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे विभिन्न सोशल मीडिया/मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए काफी समय से एमईए विभिन्न देशों के मिशन (दूतावास/ उच्चायोग) से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा करता रहा है।
स्नैपचैट एक लोकप्रिय मल्टीमीडिया और सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप है जो नई पीढ़ी (जेन-जी) के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें भेजे गए फोटो और छोटे वीडियो को स्नैप कहा जाता है जिनकी विशेषता ये है कि देखने के कुछ सेकंड के बाद ये अपने आप गायब हो जाते हैं। वहीं इनमें साझा की गई फोटो और वीडियो 24 घंटे तक यूजर के प्रोफाइल पर दिखती है।
विदेश मंत्रालय पहले भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा है और समय-समय पर लोगों को फर्जी खातों और विदेश नीति से जुड़ी सशुल्क सलाह देने वाले स्कैमर्स से सावधान रहने की चेतावनी जारी करता रहा है।
मंत्रालय अकसर अपने कूटनीतिक संवाद, उच्चस्तरीय बैठकों और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को दर्शाने वाले वीडियो और तस्वीरें भी साझा करता रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों की झलक मिलती रहे।
जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में विदेश मंत्रालय ने इंस्टाग्राम पर अपना आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट भी लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी फर्जी खबरों, अफवाहों और भ्रामक दावों का तेजी से खंडन करना है।
--आईएएनएस
केआर/
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प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में NIA को बड़ी सफलता, एक और फरार आरोपी गिरफ्तार; अब तक 25 आरोपी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कर्नाटक के चर्चित भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है. NIA ने आरोपी को केरल के कोच्चि से एक विशेष अभियान के दौरान गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उम्मर फारूक एम.आर. के रूप में हुई है. वह लंबे समय से फरार चल रहा था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) और गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी था. NIA ने उसकी गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने वाले के लिए 4 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की थी.
हत्या की साजिश रचने की मीटिंग में शामिल था आरोपी
जांच एजेंसी के अनुसार, उम्मर फारूक के खिलाफ पहले ही आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. उस पर भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता (तत्कालीन प्रावधानों) तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है. जांच में सामने आया कि वह हत्या की साजिश रचने के लिए सुल्लिया स्थित प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कार्यालय में हुई बैठक में अन्य आरोपियों के साथ शामिल हुआ था.
NIA की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उम्मर फारूक ने सह-आरोपी को अपनी बाइक उपलब्ध कराने पर सहमति दी थी, ताकि बेल्लारे गांव में संभावित लक्ष्य की पहचान और रेकी की जा सके. इसके अलावा उस पर मामले के एक संरक्षित गवाह की हत्या की साजिश में अन्य आरोपियों के साथ शामिल होने का भी आरोप है.
इससे पहले जुलाई 2026 में NIA ने इसी मामले में दो अन्य फरार आरोपियों—अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर और नौशाद—को क्रमशः केरल के कोच्चि और तमिलनाडु के होसुर से गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर समन्वित अभियान के तहत की गई थी.
अब जानें क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि 26 जुलाई 2022 को दक्षिण कन्नड़ जिले के भाजपा युवा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद पूरे राज्य में व्यापक आक्रोश फैल गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच NIA को सौंपी गई थी. एजेंसी की जांच में सामने आया कि यह हत्या प्रतिबंधित PFI के सदस्यों द्वारा रची गई एक बड़ी आपराधिक साजिश का हिस्सा थी.
NIA के अनुसार, इस मामले में अभी भी दो आरोपी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. एजेंसी का कहना है कि सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर मामले की जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा.
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