ओपिनियन: क्या लंबा ब्रेक ही एक ब्लॉकबस्टर वापसी की गारंटी है? बॉलीवुड का बदलता 'सर्वाइवल' फॉर्मूला
बॉलीवुड के बदलते डायनामिक्स ने इस पुरानी सोच को तोड़ दिया है कि नजर से ओझल का मतलब दिमाग से ओझल होता है. आज के दौर में लंबा ब्रेक लेना अब कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा स्ट्रेटेजिक कदम है. शाहरुख खान की 'पठान' जैसी फिल्मों की जबरदस्त कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि स्क्रीन से दूरी दर्शकों के अंदर 'भूख' और 'जिज्ञासा' पैदा करती है. आइए, यह जानने का प्रयास करते हैं कि क्या यह ब्रेक सच में कामयाबी की पक्की गारंटी है, या इसके पीछे के रिस्क कुछ और ही कहानी बताते हैं.
'पटाखा' से लेकर 'सरफिरा' तक, अनिल कपूर की 'सूबेदार' आई पसंद, तो मस्ट वॉच हैं राधिका मदान की ये 8 फिल्में
अनिल कपूर की धमाकेदार फिल्म सूबेदार अब दर्शकों के बीच आ चुकी है और अगर आपको इस फिल्म में राधिका मदान का काम पसंद आया है, तो उनके अभिनय के सफर की इन 8 चुनिंदा फिल्मों को देखना बिल्कुल न भूलें. टीवी स्क्रीन से फिल्मी पर्दे तक का राधिका का यह सफर काबिल-ए-तारीफ है, जहाँ उन्होंने हर किरदार में जान फूंक दी है. वह उन्हें आज की पीढ़ी की सबसे मंझी हुई अदाकारा हैं और उन्होंने अपने हर रोल में यह साबित किया है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18



















