भारत को फाइनल पहुंचाने वाले 5 हीरो:सैमसन की लगातार दूसरी फिफ्टी; बुमराह-हार्दिक की गेंदबाजी से सेमीफाइनल जीते
भारत टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंच गया है। टीम ने गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 7 रन से हराया। इस जीत में संजू सैमसन की लगातार दूसरी फिफ्टी और जसप्रीत बुमराह व हार्दिक पंड्या की गेंदबाजी ने बड़ा रोल निभाया। इनके अलावा ईशान किशन और वरुण भी पूरे टूर्नामेंट में टीम के लिए अहम साबित हुए, जिनके प्रदर्शन ने भारत की फाइनल की राह आसान बनाई। सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मैच में 97 रन की पारी खेली थी। वहीं ईशान किशन की पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की पारी ने टीम को जीत दिलाई थी। उधर वरुण भारत की ओर से टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। स्टोरी में इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले 5 हीरोज… 1. जसप्रीत बुमराह : सटीक गेंदबाजी से जिताया गुरुवार को दूसरे सेमीफाइनल में 254 रन का लक्ष्य चेज कर रही इंग्लैंड ने 15 ओवर में 5 विकेट पर 185 रन बना लिए थे। उस समय सैम करन 5 और जैकब बेथेल 81 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। मैच इंग्लैंड के पाले में जाता दिख रहा था, तभी कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जसप्रीत बुमराह को गेंद थमाई। बुमराह ने इस ओवर में महज 8 रन दिए, जिससे इंग्लैंड पर दबाव बना। हालांकि अगले ओवर में अर्शदीप सिंह ने 16 रन खर्च कर दिए। यहां से इंग्लैंड को 18 गेंद में 45 रन बनाने थे। ऐसे में बुमराह ने दबाव भरी परिस्थितियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 6 रन दिए और भारत की मैच में वापसी करा दी। इसका फायदा 19वें ओवर में हार्दिक पंड्या को मिला। पंड्या की गेंद पर सैम करन (18 रन) तिलक वर्मा को कैच थमा बैठे। इसके बाद मैच भारत के पक्ष में झुक गया। इससे पहले 14 फरवरी को कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ 176 रन का लक्ष्य बचाते हुए बुमराह ने सईम अयूब (6 रन) और कप्तान सलमान अली आगा (4 रन) को एक ही ओवर में पवेलियन भेजकर पाकिस्तान को दबाव में डाल दिया था। इसके बाद पाकिस्तानी टीम उबर नहीं सकी और 61 रन से मैच हार गई। इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में जगह बनाई थी। बुमराह अब तक 7 मैच में 10 विकेट ले चुके हैं। 2. संजू सैमसन- 2 मैच विनिंग पारियां खेलीं सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने 20 रन पर अभिषेक शर्मा (9 रन) का विकेट गंवा दिया था। यहां से संजू सैमसन ने 42 गेंद पर 89 रन की पारी खेलकर मजबूत स्कोर की नींव रखी। उन्होंने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की। इससे पहले सैमसन ने 1 मार्च को कोलकाता में भारत-वेस्टइंडीज के करो या मरो मैच में नाबाद 97 रन की पारी खेली थी। वह 196 रन का लक्ष्य चेज कर रही भारतीय टीम के लिए ओपनिंग करने उतरे और टीम को जीत दिलाकर लौटे। सैमसन ने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाए। उन्होंने 4 मैचों में कुल 232 रन बनाए हैं। 3. हार्दिक पंड्या : सेमीफाइनल में दोहरा प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हार्दिक पंड्या ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्होंने 12 गेंदों पर 225.00 की स्ट्राइक रेट से 27 रन बनाए और टीम इंडिया का स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा 254 रन का लक्ष्य चेज कर रही इंग्लैंड के खिलाफ 19वें ओवर में अहम समय पर 9 रन देकर एक विकेट भी लिया। पंड्या ने मैच में 4 ओवर में 38 रन देकर 2 विकेट झटके। पंड्या ने अब तक खेले गए 8 मैचों में 163.11 की स्ट्राइक रेट से 199 रन बनाए हैं, जिनमें दो अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने नई गेंद से भी गेंदबाजी की और पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को पहले ही ओवर में शून्य पर पवेलियन भेज दिया था। पंड्या अब तक टूर्नामेंट में 8 विकेट ले चुके हैं। 4. ईशान किशन : पाकिस्तान के खिलाफ फिफ्टी लगाई ईशान पाकिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने उतरे, लेकिन अभिषेक शून्य पर आउट हो गए। इसके बाद ईशान ने तिलक वर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए 88 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने टीम को 175 रन के स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ईशान ने इस मैच में 77 रन बनाए। उन्होंने नामीबिया के खिलाफ भी 61 रन की पारी खेली थी। ईशान मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 8 मैच में 189.20 की स्ट्राइक रेट से 263 रन बनाए हैं, जिनमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। 5. वरुण चक्रवर्ती : भारत के टॉप विकेट टेकर्स टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में वरुण भारत के टॉप विकेट टेकर हैं। अब तक खेले गए 8 मैचों में वे 13 विकेट चटका चुके हैं। उन्होंने नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ 3-3 विकेट लिए थे, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ भी 2 विकेट झटके थे। --------------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ------------------------------------------------------- टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-इंग्लैंड मुकाबले की मैच रिपोर्ट पढ़िए भारत चौथी बार टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में; इंग्लैंड को 7 रन से हराया भारत ने चौथी बार टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार को दूसरे सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड को 7 रन से हराया। भारतीय टीम की ओर से संजू सैमसन ने 89 रन की पारी खेली। वे प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पढ़ें पूरी खबर
संजू ने बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच बताया:सूर्या ने कहा- हमने शानदार फील्डिंग की; ब्रूक बोले- सैमसन का कैच भारी पड़ा
मुंबई में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। टीम की जीत में संजू सैमसन की 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी अहम रही, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गुरुवार रात अवॉर्ड लेने के बाद सैमसन ने कहा कि इस सम्मान के असली हकदार जसप्रीत बुमराह थे। वहीं सूर्यकुमार यादव ने टीम की फील्डिंग की तारीफ की, जबकि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम को भारी पड़ गया। सैमसन बोले- बुमराह 'वन्स इन ए जनरेशन' टैलेंट सैमसन ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, मैं यह अवॉर्ड बुमराह को देना चाहता हूं। वे वर्ल्ड क्लास बॉलर हैं, ऐसे खिलाड़ी जो पीढ़ी में एक बार आते हैं। आज उन्होंने वही डिलीवर किया। अगर डेथ ओवर्स में उन्होंने उस तरह की गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं आज यहां खड़ा नहीं होता। सारा क्रेडिट हमारे गेंदबाजों को जाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा। वानखेड़े की पिच पर रनों का अंबार सैमसन ने अपनी पारी के बारे में कहा, यह अविश्वसनीय अहसास है। मुझे पता था कि पिछली पारी (वेस्टइंडीज के खिलाफ) से मेरी फॉर्म अच्छी चल रही है। मैंने खुद को थोड़ा समय दिया और सोचा कि इस फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए। वानखेड़े में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होता, इसलिए हम ज्यादा से ज्यादा रन बनाना चाहते थे। शतक से चूकने का मलाल नहीं 89 रनों की शानदार पारी खेलने के बावजूद सैमसन शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, टी-20 में शतक बनाना कोई लक्ष्य नहीं होता। यहां आपको बस लगातार तेजी से रन बनाने होते हैं। जब आप अपनी टीम को जीत दिलाते हैं, तो यह मायने नहीं रखता कि आपने कितने रन बनाए। मैं अपनी टीम की जीत में योगदान देकर बहुत खुश हूं। न्यूजीलैंड सीरीज में टी-20 प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने का दबाव था संजू ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप की प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की करने के दबाव में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज में जरूरत से ज्यादा कोशिश की। इसी वजह से उस सीरीज में उनके बल्ले से बड़े रन नहीं निकले। न्यूजीलैंड के खिलाफ सैमसन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उनकी जगह ईशान किशन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की। हालांकि टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की लगातार मौजूदगी को तोड़ने के लिए सैमसन को फिर मौका मिला और उन्होंने उसे भुना दिया। सैमसन ने लगातार दो अर्धशतक लगाए। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंद में 89 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इससे पहले उन्होंने पिछले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाए थे। खराब दौर में खेल की बेसिक्स पर काम किया- संजू संजू ने बताया कि खराब दौर के बाद उन्होंने अपने खेल की बेसिक्स पर फिर से काम किया। ज्यादा अभ्यास किया और खुद को शांत रखने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपने करीबियों के साथ समय बिताया और सोशल मीडिया से दूरी बना ली। सैमसन ने कहा कि उन्होंने फोन तक बंद कर दिया था ताकि बाहरी शोर कम रहे और वह सही दिशा में ध्यान लगा सकें। उनके मुताबिक इससे उन्हें फोकस करने में काफी मदद मिली। अविश्वसनीय अहसास, लड़कों पर गर्व है जीत के बाद प्रेजेंटेशन में कप्तान सूर्यकुमार यादव काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा, यह एक अविश्वसनीय अहसास है। भारत में खेलना, एक शानदार टीम की कप्तानी करना और वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचना बहुत खास है। मैं बहुत नर्वस था, मैच के दौरान मेरी हार्ट रेट 160-175 के आसपास रही होगी। फाइनल में जाने को लेकर पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ उत्साहित है। सूर्या ने सैमसन की पारी की तारीफ की सूर्यकुमार ने सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि वे क्रीज पर उतरते ही जानते थे कि उन्हें क्या करना है। उन्होंने कहा, उन्हें पता था कि विकेट अच्छा है और उन्हें क्या करना है। जब भी विकेट गिरा, उन्होंने रन गति कम नहीं होने दी। पिछले एक साल की मेहनत का उन्हें आज फल मिला। यह एक स्पेशल पारी थी। बुमराह और गेंदबाजों ने पलटा पासा कप्तान सूर्या ने बुमराह की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, हम सब जानते हैं कि बुमराह क्या करने में सक्षम हैं। उन्होंने फिर साबित किया कि वे मैच विनर हैं। बुमराह और अर्शदीप ने डेथ ओवर्स में जो गेंदबाजी की, वह अविश्वसनीय थी। फील्डिंग कोच टी दिलीप की मेहनत रंग लाई मैच के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम की फील्डिंग पर बात की। उन्होंने कहा, हमें हमारे फील्डिंग कोच टी. दिलीप को श्रेय देना होगा। टूर्नामेंट में हमारी फील्डिंग पहले उतनी अच्छी नहीं थी, लेकिन लड़कों ने अपनी स्किल्स पर काम किया और टीम के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट्स डाले। खिलाड़ियों ने अपनी व्यक्तिगत ट्रेनिंग के बाद भी फील्डिंग पर बहुत मेहनत की है, जिसका नतीजा आज मैदान पर दिखा। इंग्लैंड की पारी के दौरान अक्षर पटेल ने कप्तान ब्रूक को बाउंड्री पर शानदार डाइव लगाकर आउट किया। वहीं दूसरी ओर जैकब बेथेल और विल जैक्स की खतरनाक होती साझेदारी को तोड़ने के लिए बाउंड्री पर बेहतरीन कैच लपका। इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैकुलम ने भी माना कि अक्षर पटेल द्वारा लिए गए वे दो कैच ही मैच के परिणाम का सबसे बड़ा कारण थे। सैमसन का कैच छोड़ना पड़ा भारी- ब्रूक दूसरी ओर इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने माना कि सैमसन का कैच छोड़ना उनकी टीम के लिए महंगा साबित हुआ। ब्रूक ने सेमीफाइनल के दौरान 15 रन पर सैमसन का कैच छोड़ दिया था, जिसके बाद भारतीय बल्लेबाज ने शानदार पारी खेलते हुए मैच का रुख बदल दिया। ब्रूक ने कहा, कहते हैं कि कैच मैच जिताते हैं। दुर्भाग्य से गेंद मेरे हाथ में टिक नहीं पाई। ऐसा कभी-कभी हो जाता है। उसके बाद सैमसन ने शानदार पारी खेली और शायद उसी पारी ने भारत को मैच जिता दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ रहा था, उन्हें लगातार यह एहसास हो रहा था कि सैमसन की पारी मैच पर असर डाल रही है। ब्रूक ने कहा कि स्कोरबोर्ड देखते हुए उन्हें लगा कि इंग्लैंड को जीतने के लिए अब उन्हें खुद बड़ी पारी खेलनी होगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। रणनीति को सही से लागू नहीं कर पाए- इंग्लिश कोच इंग्लैंड के कोच मैकुलम ने बताया कि उनकी टीम पिच के बाउंस को ठीक से भांप नहीं पाई। उन्होंने कहा, वानखेड़े में जो लेंथ हमें सही लग रही थी, वह एक्स्ट्रा बाउंस के कारण थोड़ी छोटी पड़ रही थी। जोफ्रा आर्चर का संजू के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा रहा है, लेकिन उस कैच के छूटने के बाद संजू ने मैच पर पकड़ बना ली और हम दबाव में आ गए। हम अपनी रणनीति को मैदान पर सही तरह से लागू नहीं कर सके।
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