मेटा के एआई मॉडल ने साइबर सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान बाहरी सिस्टम को किया हैक
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने कहा कि उसके एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल ने साइबर सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान इंटरनेट तक पहुंच बनाई और एक बाहरी सर्विसेज सिस्टम को हैक कर लिया। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई।
इससे पहले भी एआई से जुड़े ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जिसने सवाल खड़ा किया है कि क्या कंपनियों का टेक्नोलॉजी पर कंट्रोल है या नहीं।
मेटा ने कहा कि उसके हाल ही में जारी किए गए मॉडल म्यूज स्पार्क 1.1 ने एक अज्ञात थर्ड-पार्टी सर्विस के सिस्टम में सेंध लगाई।
कंपनी ने बताया कि मेटा जिस साइबर-सिक्योरिटी वेंडर इरेगुलर के साथ मिलकर टेस्टिंग एनवायरनमेंट तैयार कर रही थी, उसमें हुई एक गड़बड़ी की वजह से एआई मॉडल इंटरनेट से कनेक्ट हो गया।
मेटा ने बयान में कहा, कंपनी जिस स्वतंत्र टेस्टिंग कंपनी इरेगुलर का इस्तेमाल करती है, उसकी तरफ से हुई एक गलत कॉन्फिगरेशन की वजह से टेस्टिंग के दौरान हमारा एक मॉडल अनजाने में इंटरनेट से कनेक्ट हो गया।
कंपनी ने आगे बताया कि इसके बाद मॉडल ने एक थर्ड-पार्टी सर्विस की सिक्योरिटी में मौजूद कमी का फायदा उठाया, यह घटना वैसी ही थी जैसी पहले दूसरी कंपनियों के साथ हो चुकी है।
हालांकि, मेटा इस बात की जांच कर रही है कि असल में क्या हुआ था और सभी तथ्य सामने आने के बाद कंपनी इस पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी।
इसके अलावा, बीते दो हफ्तों में ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी दूसरी एआई कंपनियों ने भी इसी तरह की समस्याओं की जानकारी दी है, जिनमें टेस्टिंग के दौरान उनके मॉडल्स ने बाहरी सर्विसेज के सिस्टम को हैक कर लिया था।
सिस्टम में खामियों को खोजने और फिर उनका फायदा उठाने के लिए एआई एजेंटों की बढ़ती क्षमताओं ने सुरक्षा शोधकर्ताओं और सरकारी नेताओं को समान रूप से चिंतित कर दिया है, जिन्होंने अधिक कठोर सुरक्षा जांच और अधिक सुरक्षित परीक्षण वातावरण की मांग की है।
जुलाई में, एंथ्रोपिक ने खुलासा किया था कि उसके क्लाउड मॉडल ने आंतरिक साइबर सुरक्षा मूल्यांकन के दौरान तीन संगठनों के उत्पादन बुनियादी ढांचे में अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर ली, क्योंकि परीक्षण वातावरण में गलत कॉन्फिगरेशन के कारण अनजाने में इंटरनेट कनेक्टिविटी चालू हो गई थी।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मेकअप के बाद ये गलतियां कर रहीं हैं आपकी स्किन खराब, जानिए चेहरे की चमक बचाने का सही तरीका
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। ऑफिस या किसी पार्टी में शामिल होना हो या किसी खास मौके पर तैयार होना हो, मेकअप से चेहरा ज्यादा निखरा हुआ नजर आता है लेकिन जितना जरूरी मेकअप करना है, उतना ही जरूरी उसे सही तरीके से हटाना भी है। कई लोग घंटों मेकअप लगाए रखते हैं और रात में थकान के कारण बिना हटाए ही सो जाते हैं। यही छोटी सी गलती धीरे-धीरे त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।
त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक, मेकअप को सही तरीके से साफ न करना परेशानी पैदा कर सकता है। चेहरे पर लंबे समय तक मेकअप, धूल, प्रदूषण और पसीना जमा रहने से त्वचा के रोमछिद्र बंद हो सकते हैं। इससे मुंहासे, त्वचा का रूखापन, जलन, लालिमा और बेजान त्वचा जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए मेकअप के बाद एक सही स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है।
मेकअप हटाने की शुरुआत सही क्लीनिंग से होनी चाहिए। खासतौर पर वाटरप्रूफ मस्कारा, लंबे समय तक टिकने वाली लिपस्टिक और फुल कवरेज फाउंडेशन को केवल फेसवॉश से हटाना काफी नहीं होता। ऐसे प्रोडक्ट्स को हटाने के लिए मेकअप रिमूवर या ऑयल बेस्ड क्लेंजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे को जोर-जोर से रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा पर खिंचाव और जलन हो सकती है।
आंखों के मेकअप को हटाते समय ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। कॉटन पैड पर मेकअप रिमूवर लगाकर कुछ सेकंड आंखों पर रखें और फिर हल्के हाथों से साफ करें। इससे आई मेकअप आसानी से निकल जाता है और आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचता।
मेकअप हटाने के बाद डबल क्लीजिंग त्वचा को ज्यादा अच्छी तरह साफ करने में मदद करती है। इसमें पहले ऑयल बेस्ड क्लींजर से मेकअप और गंदगी हटाई जाती है। इसके बाद पानी वाले फेस क्लींजर से त्वचा को साफ किया जाता है। इससे मेकअप के बचे हुए कण और अतिरिक्त तेल भी निकल जाते हैं।
क्लीजिंग के बाद त्वचा को संतुलित रखने के लिए टोनर का इस्तेमाल किया जाता है। टोनर त्वचा की नमी बनाए रखने और उसे आराम देने में मदद करता है। हालांकि हर किसी की त्वचा अलग होती है, इसलिए त्वचा के प्रकार के हिसाब से टोनर चुनना चाहिए। हायलूरोनिक एसिड त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, जबकि एलोवेरा और ग्लिसरीन त्वचा को शांत और मुलायम बनाए रखने में सहायक होते हैं।
स्किन केयर का सबसे जरूरी हिस्सा मॉइस्चराइजर है। कई लोग सोचते हैं कि ऑयली त्वचा पर मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती, लेकिन ऐसा नहीं है। ऑयली स्किन के लिए हल्के जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं ड्राई स्किन वालों को ज्यादा हाइड्रेटिंग और क्रीम बेस्ड मॉइस्चराइजर की जरूरत होती है। मॉइस्चराइजर त्वचा की सुरक्षा परत को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
--आईएएनएसप
पीके/वीसी
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