विदेशी MBBS डिग्री पर NMC का अस्पष्ट रुख, छात्रों को गुमराह कर रहे करियर सलाहकार
(जीवन प्रकाश शर्मा) नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर विशेषज्ञों का दावा है कि भारत में चिकित्सा के पेशे से जुड़े लोगों के लिए विदेशी एमबीबीएस डिग्री की वैधता को लेकर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) का ‘‘अस्पष्ट’’ रुख, करियर सलाहकारों को छात्रों को ‘‘गुमराह’’ करने का मौका दे रहा है और इसके चलते छात्र विदेश में ऐसी डिग्री ले रहे हैं, जिनकी भारत में वैधता संदिग्ध है। कानूनी विशेषज्ञों का आरोप है कि ये सलाहकार विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ मिलीभगत करके काम करते हैं और छात्रों से ‘‘भारी कमीशन’’ वसूलते हैं। उन्होंने सरकार और आयोग से आग्रह किया है कि वे उन देशों या विदेशी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करें जो विदेशी मेडिकल स्नातक परीक्षा की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, ताकि छात्रों को संभावित धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
दो भावी चिकित्सकों ने ‘पीएम शिकायत पोर्टल’ के जरिए यह स्पष्टीकरण मांगा था कि क्या जॉर्जिया से छह साल का एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद वे भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा में बैठने के पात्र हो जाएंगे। आयोग ने 24 सितंबर को दिए गए अपने पहले जवाब में, 2021 के अपने नियमों को दोहराते हुए कहा कि भारत में इस परीक्षा में शामिल होने के लिए डिग्री तभी मान्य होगी, जब जॉर्जिया एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद ‘मेडिकल प्रैक्टिस’ करने के लिए एक स्वतंत्र लाइसेंस प्रदान करे। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी द्वारा पूछे गए इसी तरह के सवाल के जवाब में, 13 अक्टूबर को दिए गए अपने दूसरे उत्तर में आयोग ने कहा कि स्वतंत्र लाइसेंसिंग प्रणाली से जुड़े प्रावधानों की जांच सक्षम प्राधिकारी और एक विशेषज्ञ समिति द्वारा की जा रही है।
‘पीटीआई-भाषा’ ने स्पष्टीकरण मांगने के लिए एनएमसी के सचिव राघव लैंगर को पत्र लिखा, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। दिल्ली उच्च न्यायालय के वकील सचिन जैन ने कहा, ‘‘करियर सलाहकार, जो कथित तौर पर विदेशी विश्वविद्यालयों से भारी कमीशन लेते हैं, वह इस दूसरे जवाब का हवाला देकर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। इस जवाब में कहा गया है कि मामले की जांच की जा रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे छात्रों से वादा कर रहे हैं कि ‘स्वतंत्र लाइसेंस शर्त’ को हटा दिया जाएगा या अन्य तरीकों से दरकिनार कर दिया जाएगा, जिससे वे इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे और भारत में चिकित्सा कार्य कर सकेंगे।’’ जैन ने कहा, ‘‘इससे हजारों छात्रों का करियर खतरे में पड़ जाएगा, क्योंकि एनएमसी केवल सरकार से कानून में संशोधन करने की सिफारिश कर सकती है।
वह इसके अलावा कुछ नहीं कर सकती, क्योंकि यह कानून संसद द्वारा बनाया गया है।’’ अभ्यर्थियों ने बताया कि जब उन्होंने पीएम शिकायत पोर्टल के जरिए तीसरा सवाल पूछा-कि पहले दिए गए दो जवाबों में से कौन-सा सही है—तो आयोग ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंशिएट) विनियमन, 2021 के प्रावधानों को ही फिर से दोहरा दिया। वकीलों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी से उन देशों या विदेशी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करने का आग्रह किया है जो इस परीक्षा की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हज़ारों छात्रों को संभावित हेराफेरी, धोखाधड़ी, परेशानी और करियर के नुकसान से बचाया जा सके।
मुख्यमंत्री की घोषणा: पीआरडी जवानों का बढ़ेगा मानदेय, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने दौड़ में शामिल युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, खिलाड़ियों एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
मुख्यमंत्री ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के मानदेय में वृद्धि किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के संबंध में जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी. मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब का गठन किए जाने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे.
बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी
मुख्यमंत्री ने देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र से सटी रिक्त भूमि को युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस भूमि पर मिनी स्टेडियम एवं अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा. इससे युवाओं को खेल सुविधाओं के साथ ही सेना में भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
पुरस्कार राशि बढ़ाए जाने की भी घोषणा की
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाए जाने की भी घोषणा की. इसके तहत न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार ₹300 से बढ़ाकर ₹400, द्वितीय पुरस्कार ₹200 से बढ़ाकर ₹300 तथा तृतीय पुरस्कार ₹150 से बढ़ाकर ₹200 किया जाएगा. विधानसभा स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹500, ₹400 एवं ₹300 से बढ़ाकर ₹700, ₹500 एवं ₹400 की जाएगी.
इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹800, ₹600 एवं ₹400 से बढ़ाकर ₹1,000, ₹800 एवं ₹600 तथा राज्य स्तर पर ₹1,500, ₹1,000 एवं ₹700 से बढ़ाकर क्रमशः ₹2,000, ₹1,500 एवं ₹1,000 किए जाने की घोषणा की गई.
₹10 लाख किए जाने की घोषणा की
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत ओवरऑल विजेता जनपद को दिए जाने वाले मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 खेल आयोजित किए जाते हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 50 की जाएगी. इनमें विशेष रूप से पारंपरिक खेलों को शामिल किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के आयोजन के लिए निर्धारित कुल धनराशि में भी वृद्धि किए जाने की घोषणा की.
एकजुट भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया. उन्होंने विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई.
भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सबसे पहली पहचान भारतीय होने की है. यही भावना हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देती है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री की प्रेरणा से सरदार पटेल के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया गया है. उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे आयोजन सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का आधार है. उन्होंने युवाओं से खेल, योग और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की. मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने का भी आह्वान किया.
मुख्यमंत्री ने जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम से लौटते समय जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया. उन्होंने हादसे में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. मुख्यमंत्री ने भगवान बदरी विशाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी एवं श्री खजान दास, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, देहरादून के महापौर श्री सौरभ थपलियाल, विधायक श्री बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष श्री कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष श्री हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, निदेशक खेल श्रीमती दीप्ति सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे.
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