IND vs ENG Semifinal: वानखेड़े स्टेडियम में शानदार है भारत का T20 रिकॉर्ड, अंग्रेजों की बढ़ जाएगी सिरदर्दी?
IND vs ENG Semifinal: सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय क्रिकेट टीम 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला खेलने उतरेगी. वेस्टइंडीज को एक रोमांचक मुकाबले में मात देकर टीम इंडिया ने टॉप-4 में अपनी जगह बनाई है. वहीं इंग्लैंड दूसरे ग्रुप से टॉप कर आ रही है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाने वाला है.
विश्वकप 2011 की विजय से लेकर वर्ल्डकप 2023 के सेमीफाइनल तक इस मैदान ने भारतीय फैंस को कई यादगार लम्हे दिए हैं. आइए जानते हैं भारत का टी20 रिकॉर्ड वानखेड़े में कैसा है? वहीं जब आखिरी बार इंडिया-इंग्लैंड इस मैदान पर भिड़े थे तो मैच का नतीजा क्या रहा था?
वानखेड़े में भारत का T20 रिकॉर्ड
वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय क्रिकेट टीम का टी20 रिकॉर्ड बेहद शानदार है. इस मैदान पर टीम इंडिया ने अबतक 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें से 5 में जीत और 2 में हार का सामना करना पड़ा है. टीम इंडिया ने यहां पहला 22 दिसंबर 2012 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, इंग्लिश टीम ने 6 विकेट से बाजी मारी थी. इसके बाद 31 मार्च 2016 को वेस्टइंडीज से सामना हुआ, इसमें भी मेजबाजों को 7 विकेट से मुंह की खानी पड़ी.
लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद भारत का विजयरथ रुकने का नाम नहीं ले रहा है. 24 दिसंबर 2017 को श्रीलंका के सामने 5 विकेट से जीत दर्ज की. 11 दिसंबर 2019 को वेस्टइंडीज को 67 रन से हराया, श्रीलंका को 3 जनवरी 2013 को 2 रन से मात दी. 2 फरवरी 2025 को इंग्लैंड के सामने 150 रन के बड़े अंतर से ऐतिहासिक जीत अपने नाम की. टी20 वर्ल्डकप 2026 के पहले ही मुकाबले में अमेरिका को 29 रन से धूल चटाई.
TEAM INDIA PRACTICE ON WANKHEDE STADIUM ???? pic.twitter.com/TAohj8X4TE
— Mahirat (@viratcriket) March 4, 2026
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यहां देखिए सभी मुकाबलों की सूची
| टीम 1 | टीम 2 | विजेता | अंतर | मैदान | मैच तिथि |
|---|---|---|---|---|---|
| भारत | U.S.A. | भारत | 29 रन | वानखेड़े स्टेडियम | 7 फरवरी 2026 |
| भारत | इंग्लैंड | भारत | 150 रन | वानखेड़े स्टेडियम | 2 फरवरी 2025 |
| भारत | श्रीलंका | भारत | 2 रन | वानखेड़े स्टेडियम | 3 जनवरी 2023 |
| भारत | वेस्ट इंडीज | भारत | 67 रन | वानखेड़े स्टेडियम | 11 दिसंबर 2019 |
| भारत | श्रीलंका | भारत | 5 विकेट | वानखेड़े स्टेडियम | 24 दिसंबर 2017 |
| भारत | वेस्ट इंडीज | वेस्ट इंडीज | 7 विकेट | वानखेड़े स्टेडियम | 31 मार्च 2016 |
| भारत | इंग्लैंड | इंग्लैंड | 6 विकेट | वानखेड़े स्टेडियम | 22 दिसंबर 2012 |
जब आखिरी बार वानखेड़े में भिड़े भारत-इंग्लैंड
जब आखिरी बार भारतीय टीम ने वानखेड़े के मैदान पर इंग्लैंड का सामना किया था तो मेजबानों ने टी20 क्रिकेट के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी. 2 फरवरी 2025 को यह मुकाबला खेला गया था, इंग्लिश कप्तान जोस बटलर ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने 54 गेंदों में 135 रन की पारी खेली, जिसमें 7 चौके और 13 छक्के शामिल थे. अंबत में शिवम दुबे ने 13 गेंदों में 30 रन बनाकर टीम इंडिया को 247 के स्कोर तक पहुंचाया.
जवाब में इंग्लैंड मात्र 10.3 ओवर खेलकर 97 के स्कोर पर सिमट कर रह गई. मोहम्मद शमी 2.3 ओवर के स्पेल में 3 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए. उनके अलावा वरुण चक्रवर्ती, शिवम दुबे और अभिषेक शर्मा को भी 2-2 विकेट मिले. रवि बिश्नोई ने 1 ओवर की गेंदबाजी में 9 रन देकर 1 सफलता अपने नाम की. अभिषेक को 135 रन बनाने और 2 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया.
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लो जी हो गई मौज: भरभराकर गिरी सोने-चांदी की कीमत, अब तक एक तोला गोल्ड खरीदने के लिए करना होगा इतना खर्च
Gold Silver Price Today: सोने की कीमतों में बीते दिनों बड़े उछाल ने हर किसी को बेहाल कर रखा है. सोना खरीदने का मन बना रहे लोगों को लगातार झटके लग रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच अब एक अच्छी खबर सामने आई है. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और कमोडिटी बाजार को झकझोर कर रख दिया है. पिछले छह दिनों से चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर गंभीर असर पड़ा है. ऐसे में गोल्ड और सिल्वर के रेट भी धड़ाम हो गए हैं. अब चाहें तो अपनी तिजोरी पीली धातु से भर सकते हैं.
क्यों गिरी सोने और चांदी की कीमतें?
ईरान की ओर से रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को बंद करने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के कुल तेल और ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है. इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है. दूसरी ओर, पारंपरिक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों के बीच नई रणनीतियों पर चर्चा शुरू हो गई है.
तेल की कीमतों में तेज उछाल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और आपूर्ति मार्गों में बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ी है. वैश्विक बाजार में तेल का भाव बढ़कर करीब 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है या समुद्री मार्ग लंबे समय तक बाधित रहते हैं तो कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है.
ऊर्जा आपूर्ति पर इसका असर खास तौर पर यूरोप और एशिया के कई देशों पर पड़ रहा है, जो खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल और गैस आयात करते हैं. आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है.
सोना-चांदी के दाम में गिरावट
जहां तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं सोना और चांदी के बाजार में गिरावट देखने को मिली है. भारत के कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने और चांदी के वायदा भाव में कमजोरी दर्ज की गई.
अप्रैल वायदा के लिए सोना करीब 1000 रुपये गिरकर लगभग 1.60 लाख रुपये के स्तर तक आ गया. इसी तरह मार्च वायदा में चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट आई और एक किलोग्राम चांदी का भाव लगभग 7,500 रुपये टूटकर करीब 2.58 लाख रुपये तक पहुंच गया. हालांकि बाद में बाजार में हल्की रिकवरी भी देखने को मिली.
निवेशकों की मुनाफावसूली का असर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध शुरू होने से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में काफी तेजी आ चुकी थी. संघर्ष के शुरुआती दिनों में भी निवेशकों ने इन धातुओं में सुरक्षित निवेश के तौर पर खरीदारी की थी.
लेकिन अब कई निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं और नकदी को सुरक्षित रखने की रणनीति अपना रहे हैं. इसी कारण सोने और चांदी की कीमतों में अस्थायी गिरावट देखी जा रही है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का स्पॉट प्राइस 85 डॉलर से घटकर करीब 83 डॉलर तक आ गया है. 3 मार्च को आई तेज उछाल के बाद इसमें करीब 15 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी, हालांकि अब इसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.
इसी तरह सोने की कीमत भी अपने उच्च स्तर से नीचे आ गई है और करीब 5200 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है.
1,22,160 में एक तोला सोना
अगर आप सोना खरीदना चाहते हैं तो आप महज 1,22,160 रुपए में 10 ग्राम सोना खरीद सकते हैं. मौजूदा कीमतें 18 कैरेट गोल्ड की हैं. वहीं 22 कैरेट खरीदना चाहते हैं तो आपको 1,49,300 कीमत चुकाना होगी.
रिकॉर्ड हाई से अब भी काफी सस्ते
अगर पिछले रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें तो दोनों कीमती धातुएं अभी भी काफी सस्ती हैं. कमोडिटी बाजार में सोने का रिकॉर्ड हाई लगभग 1.93 लाख रुपये और चांदी का रिकॉर्ड करीब 4.20 लाख रुपये रहा है.
इस हिसाब से सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 33 हजार रुपये सस्ता है, जबकि चांदी लगभग 1.62 लाख रुपये नीचे कारोबार कर रही है.
ETF बाजार में भी गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का असर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड पर भी पड़ा है. गोल्ड ईटीएफ में एक दिन में करीब 4 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिल्वर ईटीएफ में 8 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई.
अगले दिन भी गिरावट जारी रही और गोल्ड ईटीएफ करीब 2 प्रतिशत और सिल्वर ईटीएफ करीब 4 प्रतिशत तक नीचे रहे.
आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव बना रहेगा, तब तक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है. तेल की कीमतों में तेजी जारी रह सकती है, जबकि सोना और चांदी निवेशकों की रणनीति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार ऊपर-नीचे होते रहेंगे.
अगर संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर केवल कमोडिटी बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है.
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