गरीबों के लिए भारत की पीएमएवाई आवास योजनाएं बनीं मिसाल, ग्लोबल साउथ को दिखाया रास्ता
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शुरू की गई भारत की शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए चलाई जा रही आवास योजनाएं, अब विकासशील देशों के समूह ग्लोबल साउथ के लिए एक उदाहरण बनती जा रही हैं। ये योजनाएं सामाजिक समावेशन, लैंगिक न्याय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी हैं।
कोलंबो स्थित एशियाई न्यूज पोस्ट में प्रकाशित एक लेख के अनुसार भारत में सभी के लिए आवास अभियान को अब मानवाधिकार के नजरिए से देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य गरीब नागरिकों को सिर्फ घर देना ही नहीं, बल्कि उन्हें समानता, सामाजिक सुरक्षा और आत्मसम्मान भी प्रदान करना है। इस ढांचे में महिलाओं के नाम पर घर का स्वामित्व देना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे महिलाओं को आश्रित नहीं बल्कि अधिकार प्राप्त संपत्ति मालिक के रूप में मान्यता मिलती है।
लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, साथ ही पीएमएवाई शहरी 2.0 और क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना मिलकर यह दिखाते हैं कि भारत में आवास नीति को समावेशन, लैंगिक समानता और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
ग्रामीण भारत में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पक्का घर केवल रहने की सुविधा ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सामाजिक भागीदारी का प्रतीक बन गया है। योजना के तहत जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि घर के स्वामित्व में महिलाओं का नाम शामिल होना चाहिए। महिलाओं को घर की अकेली मालिक या पुरुष सदस्यों के साथ संयुक्त मालिक बनाया जा सकता है। यहां तक कि जिन घरों को पहले केवल पुरुषों के नाम पर मंजूरी मिली थी, उनमें भी बाद में महिलाओं का नाम जोड़ा जा सकता है।
इस महिला-केंद्रित नीति का असर अब घरों के स्वामित्व के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बने लगभग चार में से तीन घर महिलाओं के नाम पर हैं और सरकार का लक्ष्य इस योजना में 100 प्रतिशत महिला स्वामित्व हासिल करना है।
लेख में बताया गया है कि महिला के नाम पर घर होने से परिवार के भीतर उसकी निर्णय लेने की स्थिति मजबूत होती है। इससे उसे घर से बेदखल करना या छोड़ देना कठिन हो जाता है और उसके पास एक ठोस संपत्ति होती है, जिसका उपयोग वह लोन लेने, रोजगार या सामाजिक पहचान बढ़ाने के लिए कर सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत बने घरों को स्वच्छता, पीने के पानी, बिजली, एलपीजी और अब सौर ऊर्जा जैसी अन्य योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। इससे लाभार्थियों को सिर्फ चार दीवारें और छत ही नहीं मिलती, बल्कि एक समग्र रहने का माहौल मिलता है, जो खासकर महिलाओं के लिए स्वास्थ्य, निजता और सुरक्षा को बेहतर बनाता है।
शहरी भारत में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी और इसका नया संस्करण पीएमएवाई शहरी 2.0 झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों, कम आय वाले कामगारों और मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस योजना की शुरुआत से ही यह नियम लागू किया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) श्रेणी में घर की मालिक या सह-मालिक परिवार की महिला सदस्य होनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि सरकारी आवास सब्सिडी महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मान्यता देने के साथ ही दी जाएगी।
लेख में यह भी स्वीकार किया गया है कि कम आय वाले शहरी परिवारों में महिलाएं अक्सर बिना भुगतान वाले घरेलू कार्यों का बोझ उठाती हैं और असुरक्षित आवास, बेदखली और खराब सुविधाओं का सबसे ज्यादा असर भी उन्हीं पर पड़ता है।
इस पूरी व्यवस्था में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम एक वित्तीय सहायक के रूप में काम करती है, जिससे ऐसे परिवारों को औपचारिक होम लोन मिल पाता है जो सामान्य परिस्थितियों में इससे बाहर रह जाते हैं।
इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न आय और कुछ मध्यम आय वर्ग के पात्र लाभार्थियों को घर खरीदने, बनाने या बढ़ाने के लिए लिए गए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
सीएलएसएस के तहत ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणियों के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि घर के स्वामित्व में महिला का नाम होना अनिवार्य है। यानी परिवार की कम से कम एक महिला सदस्य को घर की मालिक या सह-मालिक होना ही होगा। इससे रियायती वित्तीय सहायता सीधे महिलाओं के संपत्ति निर्माण से जुड़ जाती है और परिवारों तथा बैंकों दोनों को महिलाओं को वैध उधारकर्ता और संपत्ति धारक के रूप में स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
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IND W vs AUS W: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच कब और कहां होगा एकमात्र टेस्ट, जानें किन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
IND W vs AUS W: भारतीय महिला क्रिकेट टीम इन दिनों अपने ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है. यहां पर हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में इंडियन विमेंस टीम ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम के साथ खेल रही है. इन दोनों टीमों के बीच पहले तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली गई. इसके बाद दोनों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज हुई. अब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस दौरे का एकमात्र टेस्ट मैच होने वाला है. इस पर दोनों देशों के क्रिकेट फैंस की नजरें रहने वाली हैं.
कब से कब तक होगा टेस्ट मैच
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच 6 मार्च (शुक्रवार) से शुरू होने वाला है, जो 9 मार्च यानी सोमवार तक खेला जाने वाला है. ये मुकाबला पर्थ के वी.ए.सी.ए (वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन) क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा. इस मुकाबले की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 10:50 बजे से होगी, जबकि लोकल समय के अनुसार ये मुकाबला दोपहर 1:20 बजे शुरू होगा.
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4 दिन तक खेला जाएगा मैच
इस चार दिवसीय टेस्ट मैच में भारत की कप्तानी हरमनप्रीत कौर करती हुई दिखाई देंगी वहीं, ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी एलिसा हीली करती हुई नजर आएंगी. ये हीली का फेयरवेल टेस्ट मैच होगा. इससे पहले वो टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे क्रिकेट से अपने फेयरवेल मैच के साथ रिटायरमेंट ले चुकी हैं. अब वो अपना अंतिम टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ खेलेंगी. हीली ने वनडे क्रिकेट के अपने अंतिम मैच में भारत के खिलाफ 98 बॉल में 158 रनों की पारी खेली थी. अब वो हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में भी चुनौती पेस करती हुई नजर आएंगे.
एलिसा हीली को भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर टक्कर देती हुई नजर आएंगी. हरमन ने भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 6 मैचों की 9 पारियों में 25.0 की औसत और 54.2 की स्ट्राइक रेट के साथ 200 रन बनाए है. इस दौरान हरमन के बल्ले से एक अर्धशतक भी निकला है. उनके बल्ले से टेस्ट में 21 चौके भी आए हैं. हरमन एलिसा हीली और उनकी टीम की चुनौती से पार पाना चाहेगी.
इन भारतीय खिलाड़ियों पर होंगी नजरें
भारत के लिए इस टेस्ट मैच में उपकप्तान स्मृति मंधाना, ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा, ऑफ स्पिनर स्नेह राणा और पेसर क्रांति गौड़ के ऊपर होगा. भारत के लिए स्मृति में कुल 7 टेस्ट मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 12 पारियों में 2 शतक और 3 अर्धशतकों की मदद से कुल 629 रन बनाए हैं. मंधाना 108 चौके भी जड़ चुकी हैं.
वहीं टीम को दीप्ति शर्मा से गेंद और बल्ले दोनों के साथ उम्मीद होगी. दीप्ति ने भारत के लिए 5 टेस्ट मैचों की 8 पारियों में कुल 20 विकेट हासिल किए हैं. उनका नाम 1 फाइव विकेट हॉल भी दर्ज है, जबकि वो एक बार 1 विकेट भी चटका चुकी हैं. उन्होंने बल्ले के साथ 4 अर्धशतकों की मदद से 319 रन भी बनाए हैं.
Ready for the cameras. Ready for the challenge. ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) March 5, 2026
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स्नेह राणा ने भारत के लिए 4 टेस्ट मैचों की 5 पारियों में कुल 23 विकेट चटकाए हैं. उनके नाम 1 फाइव विकेट हॉल भी दर्ज है. वो एक अर्धशतक के साथ 121 रन भी बना चुकी हैं. ये क्रांति गौड़ का डेब्यू टेस्ट मैच होगा. वो अपनी तेज गति की गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई बैटर्स को पवेलियन भेजती हुई नजर आएंगी.
भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों का टेस्ट स्क्वाड
ऑस्ट्रेलिया: फोएबे लिचफील्ड, जॉर्जिया वोल, एलिस पेरी, एलिसा हीली (कप्तान), बेथ मूनी (विकेट कीपर), एनाबेल सदरलैंड, एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैकग्राथ, अलाना किंग, डार्सी ब्राउन, लूसी हैमिल्टन, जॉर्जिया वेयरहम, रेचल ट्रेनमैन, मैटलन ब्राउन.
भारत: शैफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, हरलीन देओल, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेट कीपर), दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, काश्वी गौतम, स्नेह राणा, क्रांति गौड़, प्रतीक रावल, वैष्णवी शर्मा, सायाली सतघरे, उमा छेत्री.
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