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ईरानी Warship पर US हमले से हिंद महासागर में तनाव, Rahul Gandhi ने PM Modi की चुप्पी पर उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए उन पर श्रीलंका के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत आईरिस देना को डुबोए जाने के बाद चुप्पी बरतने का आरोप लगाया। यह युद्धपोत विशाखापत्तनम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 (आईएफआर) और मिलान 2026 में भाग लेने के बाद लौट रहा था। एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत के पिछवाड़े तक पहुंच गया है और प्रधानमंत्री मोदी पर देश को "स्थिर नेतृत्व" की आवश्यकता के समय "भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को त्यागने" का आरोप लगाया।
 

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राहुल गांधी ने कहा कि संघर्ष हमारे पिछवाड़े तक पहुंच गया है, हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत डूब गया है। फिर भी प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। ऐसे समय में हमें एक स्थिर नेतृत्व की आवश्यकता है। इसके बजाय, भारत के पास एक समझौतावादी प्रधानमंत्री है जिसने हमारी रणनीतिक स्वायत्तता को त्याग दिया है। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण भारत की तेल आपूर्ति पर खतरे को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारे आयात का 40% से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए स्थिति और भी खराब है।

भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा कि 'आईरिस देना' ने भारत के निमंत्रण पर अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 (आईएफआर) और मिलान 2026 में भाग लिया था, और उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले ने "भारत की संवेदनशीलता को नजरअंदाज किया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि अगर हमने मिलान अभ्यास में भाग लेने के लिए ईरानी जहाज को आमंत्रित न किया होता, तो वह वहां नहीं होता। हम मेजबान थे। मुझे बताया गया है कि इस अभ्यास के प्रोटोकॉल के अनुसार जहाज कोई गोला-बारूद नहीं ले जा सकते। वह निहत्था था। ईरानी नौसेना के कर्मियों ने हमारे राष्ट्रपति के सामने परेड की थी। अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किया गया हमला सुनियोजित था क्योंकि अमेरिका को अभ्यास में ईरानी जहाज की उपस्थिति की जानकारी थी, जिसमें अमेरिकी नौसेना को आमंत्रित किया गया था, लेकिन अंतिम समय में उसने भागीदारी से नाम वापस ले लिया, संभवतः इसी ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए।
 

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उन्होंने आगे कहा अमेरिका ने भारत की संवेदनशीलता को नजरअंदाज किया है क्योंकि जहाज भारत के निमंत्रण के कारण इन जलक्षेत्रों में था। हम अमेरिकी हमले के लिए राजनीतिक या सैन्य रूप से जिम्मेदार नहीं हैं। हमारी जिम्मेदारी नैतिक और मानवीय स्तर पर है। भारतीय नौसेना द्वारा (राजनीतिक मंजूरी के बाद) उन लोगों के जीवन की हानि पर शोक व्यक्त करना उचित होगा जो हमारे आमंत्रित थे और जिन्होंने हमारे राष्ट्रपति को सलामी दी थी। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि हिंद महासागर में टॉरपीडो से ईरानी जहाज आईरिस डेना को नष्ट करने की अपनी कार्रवाई पर संयुक्त राज्य अमेरिका को पछतावा होगा।

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Prabhasakshi NewsRoom: War के छठे दिन तक Iran के 150 शहरों में हमले, हजारों लोग मरे, Trump-Netanyahu युद्ध को और तेज करेंगे

इजरायली सेना ने ईरान में किए गए अपने हवाई हमलों का नया वीडियो जारी किया है। सेना के अनुसार इन हमलों में ईरान के एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और एक वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया गया। बताया गया कि कुम शहर में मौजूद यह मिसाइल लॉन्चर इजरायल पर हमला करने की तैयारी में था, जिसे समय रहते नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा इस्फहान इलाके में स्थित एक वायु रक्षा प्रणाली को भी हवाई हमले में तबाह कर दिया गया। इजरायली सेना का दावा है कि इन हमलों से ईरान की संभावित मिसाइल कार्रवाई को पहले ही रोक दिया गया।

हम आपको यह भी बता दें कि आज युद्ध के छठे दिन ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में जोरदार धमाकों की खबर सामने आई। बताया गया कि ये विस्फोट बंदर ए बहोनार इलाके के पास हुए, जहां इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के पहले नौसैनिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण ठिकाना मौजूद है। यह इलाका होरमुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब माना जाता है, जो दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में गिना जाता है। इसके साथ ही ईरान के कई हिस्सों में हमलों की नई लहर शुरू हो गयी है। राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्सों में भी जोरदार धमाके सुने गए और उनकी कंपन शहर के कई इलाकों तक महसूस की गई, हालांकि तुरंत यह साफ नहीं हो सका कि हमलों का निशाना कौन से ठिकाने बने। इसी दौरान ईरान के कुर्द बहुल शहर सनंदज, सक्केज और बुकार में भी रात भर हमलों की खबरें आईं। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि पिछले शनिवार से अब तक देश के डेढ़ सौ से अधिक शहर किसी न किसी हमले का शिकार हो चुके हैं।

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दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया कि उसने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी हमलों की 19वीं लहर शुरू कर दी है। ईरान ने आज एक बार फिर इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद तेल अवीव समेत कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन बज उठे। हालांकि शुरुआती जानकारी में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “नियंत्रण से बाहर” बताते हुए कहा कि ईरान को पहले हमला करने से रोकने के लिए ही यह कार्रवाई की गई। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि जारी सैन्य अभियान में ईरान के बीस से अधिक युद्धपोत नष्ट कर दिए गए हैं, जिनमें उसका एक प्रमुख पनडुब्बी पोत भी शामिल है। वहीं ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार पिछले सप्ताह शुरू हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में अब तक एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान ने युद्ध से बचने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी और इजरायली सैन्य आक्रमण के बाद देश को अपनी रक्षा के लिए मजबूर होकर जवाब देना पड़ा।

दूसरी ओर, अब पूरा पश्चिम एशिया इस समय भयानक युद्ध की आग में धधक रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े इस टकराव ने पूरे क्षेत्र को युद्धभूमि में बदल दिया है। आसमान से मिसाइलें बरस रही हैं, ड्रोन हमले हो रहे हैं और लड़ाकू विमान लगातार बम गिरा रहे हैं। हालात इतने विस्फोटक हो चुके हैं कि दुनिया भर में आशंका जताई जा रही है कि यदि यह युद्ध और फैलता है तो इसके दूरगामी असर पूरी दुनिया को झकझोर सकते हैं।

हम आपको यह भी बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने दावा किया है कि इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। कई मिसाइल भंडार नष्ट कर दिए गए हैं और वायु रक्षा प्रणाली को भी कमजोर किया गया है। इस पूरे अभियान में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान, युद्धपोत और हजारों सैनिक शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि ईरान भी जोरदार तरीके से पलटवार कर रहा है। 

वैसे इस संघर्ष की सबसे भयावह कीमत आम नागरिक चुका रहे हैं। हमलों के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं। कई शहरों में इमारतें मलबे में बदल गई हैं। कुछ हमलों में स्कूलों और आवासीय इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं, जिससे दुनिया भर में चिंता और आक्रोश बढ़ गया है। संघर्ष केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा है। लेबनान में भी हमले तेज हो गए हैं जहां इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे युद्ध का दायरा और फैलने की आशंका बढ़ गई है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सैन्य सतर्कता बढ़ा दी गई है।

राजनीतिक स्तर पर भी हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका में इस युद्ध को लेकर तीखी बहस चल रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को विनाश की ओर ले जा सकता है, जबकि अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि यह अभियान जरूरी है और तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर नहीं कर दिया जाता। अमेरिकी नेतृत्व ने खुले तौर पर कहा है कि सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं होगी और अभियान आगे भी जारी रहेगा। वहीं ईरान ने भी साफ चेतावनी दी है कि वह इस युद्ध में पीछे हटने वाला नहीं है और अपने दुश्मनों को हर मोर्चे पर जवाब देगा।

इस युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र के अहम समुद्री मार्गों में तनाव बढ़ गया है और तेल बाजार में हलचल शुरू हो गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से निकालने की तैयारी शुरू कर दी है और हवाई मार्गों में भी व्यवधान पैदा हुआ है।

उधर, दुनिया भर के कई देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं लगातार युद्धविराम की अपील कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल कूटनीतिक समाधान की कोई ठोस उम्मीद नजर नहीं आ रही। अमेरिका और इजरायल अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के मूड में हैं, जबकि ईरान भी पूरी ताकत से जवाब देने की तैयारी में है। ऐसे में पश्चिम एशिया का यह युद्ध धीरे-धीरे वैश्विक संकट का रूप लेता जा रहा है। मिसाइलों और बमों की इस भीषण जंग ने पूरी दुनिया को बेचैन कर दिया है। यदि जल्द कोई रास्ता नहीं निकला तो यह संघर्ष केवल एक क्षेत्रीय टकराव नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और स्थिरता को गहराई से प्रभावित कर सकता है।

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  Sports

शादी के बंधन में बंधे अर्जुन- सानिया, समारोह में खेल जगत की हस्तियों ने की शिरकत

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने मुंबई में सानिया चंडोक के साथ सात फेरे लिए। शादी समारोह मे खेल, राजनीति और बॉलीवुड जगत की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। पिछले साल अर्जुन तेंदुलकर की अगस्त 2025 में सानिया के साथ निजी समारोह मे सगाई की थी। शादी की तैयारियां पिछले कुछ दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं। 

बता दें कि, साउथ मुंबई के एक लग्जरी होटल में आयोजित इस विवाह समारोह में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल हुए। पूर्व भातीय कप्तान एमएस धोनी अपनी पत्नी साक्षी के साथ स्टाइलिश अंदाज में दिखे। जबकि भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी अपनी पत्नी के साथ समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा राहुल द्रविड़, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, इरफान पठान, जहीर खान जैसे कई पूर्व क्रिकेटर और उनके परिवार भी पहुंचे। 

कौन है सानिया चंडोक?
सानिया चंडोक एक सफल बिजनेसवुमन हैं और उद्योगपति रवि घई की पोती हैं। दोनों काफी समय से एक दूसरे को जानते हैं और अब वह शादी के बंधन में बंध गए हैं। सानिया ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है। वे एक पशु चिकित्सक हैं और मुंबई लग्जरी पेट स्पा चलाती हैं।
Thu, 05 Mar 2026 15:57:00 +0530

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