नेपाल के लोगों की उम्मीद, समाज के कमजोर लोगों की समस्याओं को समझने वाली सरकार बने
काठमांडू, 5 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में आज आम चुनाव को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। देश की 275 सीटों के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हो गया और यह प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग अपने-अपने क्षेत्र के पोलिंग बूथ पर पहुंचकर लोकतंत्र के इस बड़े पर्व में हिस्सा ले रहे हैं। इसी दौरान नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह ने सिनामंगल स्थित अन्नपूर्णा इंग्लिश स्कूल में बने मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डाला।
मतदान केंद्रों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में मतदान को लेकर उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। सिनामंगल की रहने वाली एक मतदाता संजिया श्रेष्ठा ने बताया कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर वोट देना उनका कर्तव्य है और इसी भावना से वह मतदान करने आई हैं।
उनके मुताबिक, अगले पांच साल में नेपाल किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह चुनावों के नतीजों पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह देश के नागरिकों की जिम्मेदारी पर भी निर्भर करता है कि वे अपनी भूमिका कितनी ईमानदारी से निभाते हैं।
संजिया श्रेष्ठा ने यह भी बताया कि देश में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। खास तौर पर उन्होंने दिव्यांग लोगों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वह खुद एक दृष्टिबाधित हैं और इसलिए वह चाहती हैं कि सरकार ऐसी नीतियां बनाए जिससे नेपाल में दिव्यांग लोगों का जीवन बेहतर हो सके।
उनके मुताबिक, दिव्यांग लोगों की आर्थिक स्थिति, उनके अवसर और उनकी खुशहाल जिंदगी काफी हद तक सरकारी नीतियों और फैसलों पर निर्भर करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो भी सरकार बनेगी, वह समाज के कमजोर और हाशिए पर खड़े लोगों की समस्याओं को समझेगी और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
वहीं एक अन्य मतदाता ने कहा कि देश में सबसे पहले सुरक्षा और सुशासन स्थापित होना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जब देश सुरक्षित होगा और शासन व्यवस्था मजबूत होगी, तभी नागरिकों की जरूरतों को सही तरीके से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की सुरक्षा पक्की करनी चाहिए और उसके बाद नागरिकों के विकास, रोजगार और अन्य जरूरी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
गर्मियों में तिल के तेल से अभ्यंग कितना सही? उपयोग से पहले क्या बरतें सावधानी
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। सर्दियों में शरीर को ठंड से बचाने और गरमाहट देने के लिए तिल के तेल से अभ्यंग और सेवन की सलाह दी जाती है।
तिल शरीर को मजबूती देता है और हड्डियों को भी मजबूत करने में मदद करता है, लेकिन क्या गर्मियों में तिल के तेल से अभ्यंग करना सही है? आयुर्वेद में जहां सर्दियों में तिल के तेल से अभ्यंग को जरूरी माना है, वैसे ही गर्मियों में भी अगर सही समय पर अभ्यंग किया जाए तो लाभकारी परिणाम देखने को मिलेंगे।
आयुर्वेद में अभ्यंग का अर्थ है पूरे शरीर पर गुनगुने तेल से नियमित, हल्के दबाव के साथ मालिश करना। आयुर्वेद के ग्रंथों में तिल के तेल को “श्रेष्ठ स्नेह” कहा गया है, क्योंकि यह त्वचा की गहराई तक जाकर पोषण देता है और वात दोष को शांत करता है। अब सवाल है कि गर्मियों में तिल तेल से मालिश करें या नहीं। गर्मियों के मौसम में पित्त दोष बढ़ता है और तिल के तेल की तासीर भी गर्म होती है। इसलिए माना जाता है कि गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों से परहेज करें।
गर्मियों में हफ्ते में दो से तीन दिन तिल के तेल से मालिश कर कर सकते हैं। इसके लिए तेल के हल्का गुनगुना करके सुबह नाश्ता करने से पहले खाली पेट शरीर की हल्के हाथों से मालिश करें। इससे रक्त संचार सही रहता है, जोड़ों के सुरक्षा मिलती है, वात दोष कम होता है, त्वचा को गहराई से पोषण मिलता है और रुखापन कम होता है, तनाव में कमी होती है और नींद में सुधार होता है। आयुर्वेद में अभ्यंग केवल मालिश नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने की पारंपरिक पद्धति है। गर्मियों में भी इसे पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं, बल्कि समझदारी से अपनाने की जरूरत है।
तिल के तेल से अभ्यंग के फायदे तो जान लिए, लेकिन अभ्यंग करते समय कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है। अगर तेज बुखार या संक्रमण है, या त्वचा पर किसी तरह की एलर्जी या दाने हो रहे हैं, पित्त की वजह से त्वचा लाल है और जलन का अनुभव हो रहा है, या फिर पाचन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न हो रही है, तब भी तिल के तेल से अभ्यंग करने से परहेज करना चाहिए। इससे बुखार और संक्रमण दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं।
--आईएएनएस
पीएस/पीयूष
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