US-Israel-Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच कुवैत के तट पर टैंकर में भीषण विस्फोट, तेल सिराव की भी खबर
US-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है. इस बीच कुवैत में एक टैंकर में भीषण धमाके की खबर है. बताया जा रहा है कि कुवैत के तट पर खड़े एक टैंकर में जोरदार धमाका हुआ है. इसके साथ ही तेल रिसाव की भी खर मिली है. ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी, यूकेएमटीओ ने बताया कि यह घटना मुबारक अल-कबीर क्षेत्र में हुई है. यूकेएमटीओ ने कहा कि, "लंगर डाले हुए एक टैंकर के मास्टर ने खाड़ी राज्य के मुबारक अल-कबीर क्षेत्र के पास बंदरगाह की तरफ एक बड़ा विस्फोट देखने और सुनने की खबर दी है. जिसके बाद उन्होंने एक छोटी नाव को आसपास के इलाके से निकलते हुए देखा."
टैंक पर सवार चालक दल सुरक्षित
उन्होंने आगे बताया कि इस मालवाहक टैंक में तेल भरा हुआ है. विस्फोट के बाद टैंक में पानी भर गया. जिससे पर्यावरण पर कुछ असर पड़ सकता है. वहीं एक अन्य बयान में कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि यह घटना देश की क्षेत्रीय जल सीमा से बाहर, मुबारक अल कबीर बंदरगाह से कम से कम 60 किलोमीटर (37 मील) दूर घटी है. हालांकि टैंक पर सवार चालक दल को सुरक्षित बताया जा रहा है.
ड्रोन हमले में मारे गए दो अन्य अमेरिकी सैनिकों की हुई पहचान
बता दें कि इजरायल-अमेरिकी के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो चुकी है. इस बीच ईरान ने दावा किया है इन हमलों में 1000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. वहीं इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने भी खाड़ी के कई देशों में बम बरसाएं. जिससे खाड़ी के सभी देश युद्ध की आग में जलने लगे हैं. बता दें कि रविवार को कुवैत में हुए एक ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे.
इनमें से चार की पहचान पहले हो गई थी, जबकि बाकी दो सैनिकों की पहचान बुधवार को हुई. पेंटागन ने बुधवार को इन सैनकों के नाम जारी कर दिए. इस ड्रोन हमले में मारे गए सैनिकों की पहचान चीफ वारंट ऑफिसर 3 रॉबर्ट मार्ज़न (54) सैक्रामेंटो, कैलिफोर्निया और मेजर जेफरी ओ'ब्रायन (45) इंडियनोला, आयोवा के रूप में हुई है.
रक्षा विभाग के अनुसार, हमले के समय मार्ज़न पोर्ट शुएबा स्थित कमांड सेंटर में मौजूद थे और माना जा रहा है कि हमले में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई, हालांकि चिकित्सा जांचकर्ता द्वारा इसकी अंतिम पुष्टि की जानी बाकी है. जबकि मेजर ओ'ब्रायन, एक सिग्नल अधिकारी और सूचना प्रणाली इंजीनियर थे, जिनका साइबर सुरक्षा में दो दशक का करियर था.
मंगलवार को हुई थी चार सैनिकों की पहचान
इससे पहले मंगलवार को ड्रोन हमले में मारे गए चार सैनिकों की पहचान कर ली गई थी. इन सैनिकों में सार्जेंट डेक्लन कोडी (20) जो वेस्ट डेस मोइन्स, आयोवा के रहने वाले थे. जबकि सार्जेंट प्रथम श्रेणी निकोल अमोर (39) व्हाइट बियर लेक, मिनेसोटा के निवासी थे. वहीं कैप्टन कोडी खोरक (35) विंटर हेवन, फ्लोरिडा के निवासी थे. वहीं सार्जेंट प्रथम श्रेणी नोआ टिटजेंस (42) बेलेव्यू, नेब्रास्का के रहने वाले थे.
बता दें कि इस ड्रोन हमले में मारे गए सभी छह सैनिक 103वीं सस्टेनमेंट कमांड के सदस्य थे, जो अमेरिकी सेना की एक रिजर्व इकाई है और महत्वपूर्ण रसद और आपूर्ति प्रदान करती है. यह घातक हमला अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" शुरू करने के ठीक एक दिन बाद हुआ, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए.
जेन-जी प्रदर्शन के बाद नेपाल में पहली बार संसदीय चुनाव, 23 हजार केंद्रों पर वोटिंग शुरू
काठमांडू, 5 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में गुरुवार को संसदीय चुनाव के लिए गुरुवार को सुबह सात बजे से 77 जिलों में 23 हजार केंद्रों पर वोटिंग शुरू हो गई है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। यह पिछले साल सितंबर में जेन-जी विद्रोह के बाद पहला संसदीय चुनाव है।
इस चुनाव में 18,903,689 रजिस्टर्ड वोटर हैं, जिनमें 9,663,358 पुरुष, 9,240,131 महिलाएं और 200 अन्य शामिल हैं। इलेक्शन कमीशन ने बताया है कि 186,142 तत्कालीन वोटर रजिस्टर्ड हुए हैं।
मतदाता निचले सदन के 275 सदस्यों का चुनाव करेंगे। कुल सीटों में से 165 सांसद ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ (एफपीटीपी) प्रणाली के तहत चुने जाएंगे, जबकि शेष 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से भरी जाएंगी।
कमीशन ने कहा कि एफपीटीपी सिस्टम के तहत कुल 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत 3,135 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
8-9 सितंबर 2025 को हुए जेन जी आंदोलन में 77 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी ओली ने इस्तीफा दे दिया था। इस आंदोलन के दौरान निजी और सार्वजनिक संपत्ति को 84 अरब नेपाली रुपए से अधिक का नुकसान हुआ।
विरोध प्रदर्शनों के तुरंत बाद देश की राजनीतिक दिशा पर अनिश्चितता का साया मंडरा रहा था। हालांकि, प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने राजनीतिक स्थिरता बहाल करने के लिए कदम उठाया और नए चुनावों की घोषणा की।
कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने नागरिकों से बिना किसी डर के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील की है। वोटरों को दिए एक मैसेज में चुनाव आयुक्त भंडारी ने कहा कि चुनाव कराने और उन्हें मैनेज करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने वोटरों को अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भंडारी ने कहा, क्योंकि चुनाव शासन के एक रिप्रजेंटेटिव सिस्टम की नींव हैं और लोगों को अपनी पसंद के रिप्रजेंटेटिव के जरिए शासन करने के अधिकार को वैधता और भरोसा देते हैं, इसलिए मैं सभी वोटरों से ईमानदारी से गुजारिश करता हूं कि वे गुरुवार को अपने-अपने पोलिंग सेंटर पर आएं और पूरे भरोसे के साथ अपना वोट डालें।
उन्होंने आगे कहा कि कमीशन यह पक्का करने के लिए पूरी तरह तैयार है कि चुनाव साफ, स्वतंत्र, निष्पक्ष और डर मुक्त माहौल में हों।
इसमें यह भी कहा गया है कि पोलिंग बूथ का सेटअप और मैनेजमेंट, पहुंच सुनिश्चित करने के उपाय, महिला-पुरुष और दिव्यांगों के लिए सही सुविधाएं, और चुनाव कर्मचारियों की तैनाती जैसे इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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