Delhi Weather: बारिश से लुढ़का पारा, 75 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज
दिल्ली में शुक्रवार को ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों ने गर्म कपड़े और मोटी शॉल निकाल लीं। राजधानी में लगातार दो दिन हुई बारिश के बीच अधिकतम तापमान गिरकर 20.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछले 75 वर्षों में अक्टूबर का सबसे कम अधिकतम तापमान है। राजधानी में पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे अधिक बारिश वाला दिन भी शुक्रवार को दर्ज किया गया।
इसी अवधि में अक्टूबर की सबसे साफ हवा भी दर्ज की गई और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 60 रहा। इससे पहले 10 अक्टूबर, 2022 को एक्यूआई 44 दर्ज किया गया था। दिनभर राजधानी के आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुककर हुई बारिश के कारण तापमान असामान्य रूप से कम बना रहा।
तापमान में अचानक गिरावट और तड़के तथा देर शाम हल्का कोहरा छाने के कारण लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। पारा सामान्य से काफी नीचे बना रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 10.3 डिग्री कम है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1951 के बाद इस केंद्र में अक्टूबर महीने का यह सबसे कम अधिकतम तापमान है। पालम में अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 11.1 डिग्री कम है। वहीं, लोधी रोड में यह 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 10.4 डिग्री कम है।
रिज और आयानगर में अधिकतम तापमान क्रमशः 20.8 डिग्री और 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 10.1 डिग्री और 10.6 डिग्री कम है। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी देते हुए जारी किए गए रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच दिल्ली में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में 61.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा।
सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच सफदरजंग में 4.2 मिलीमीटर, पालम में तीन मिलीमीटर, लोधी रोड में चार मिलीमीटर, रिज में 1.9 मिलीमीटर और आयानगर में 2.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे अधिक बारिश वाला दिन रहा और 1951 के बाद से यह छठा सबसे अधिक बारिश वाला दिन भी दर्ज किया गया। इससे पहले अक्टूबर में एक दिन में सबसे अधिक बारिश नौ अक्टूबर, 2022 को दर्ज की गई थी, जब राजधानी में 74 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक है। पालम में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है, जबकि लोधी रोड में यह 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। रिज और आया नगर में न्यूनतम तापमान क्रमशः 16.8 डिग्री और 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से क्रमशः 0.5 डिग्री कम और 1.1 डिग्री अधिक है।
शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 60 दर्ज किया गया, जिससे यह 10 अक्टूबर, 2022 के बाद अक्टूबर का सबसे साफ हवा वाला दिन रहा। इस साल इससे पहले 28 सितंबर को हवा की गुणवत्ता बेहतर रही थी, जब एक्यूआई 56 दर्ज किया गया था। शहर के 54 निगरानी केंद्रों में से 33 में वायु गुणवत्ता संतोषजनक , 17 में अच्छी और चार में मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई।
सबसे साफ हवा लोधी रोड में दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 33 रहा, जबकि पूसा में सबसे अधिक एक्यूआई 105 दर्ज किया गया।
Foreign Secretary Vikram Misri ने कहा, कुछ देश आतंकवाद को नीति के साधन के तौर पर साध रहे
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने शुक्रवार को कहा कि आतंकवाद अब भी समाजों के लिए खतरा बना हुआ है और ‘‘कुछ देश’’ आज भी इसे ‘‘राष्ट्र नीति के साधन’’ रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विचार मंच ‘सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज’ (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) के सहयोग से यहां मानेकशॉ सेंटर में आयोजित ‘वीआईएसवी (दृष्टिकोण, नवाचार, तालमेल, मूल्य) 2026’ नामक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मिसरी ने कहा, ‘‘यूरोप और पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी हैं।
आपूर्ति शृंखला को हथियार बना लिया गया है, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां प्रभाव और दबाव बनाने का जरिया बन गई हैं, और अंतरिक्ष तथा गहरे समुद्र में सैन्य प्रतिस्पर्धा का विस्तार न केवल मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानून व नीतिगत ढांचे, बल्कि कूटनीति से भी तेजी से आगे निकल रहा है।’’ किसी देश का नाम लिए बिना उन्होंने रेखांकित किया कि आतंकवाद अब भी समाजों के लिए खतरा बना हुआ है और ‘‘कुछ देश अब भी इसे राष्ट्र नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं।’’ विदेश सचिव ने आगाह किया कि समुद्र से लेकर ‘साइबर स्पेस’ और बाहरी अंतरिक्ष तक वैश्विक साझा संसाधन बढ़ते दबाव में हैं और जलवायु अस्थिरता के कारण संसाधनों की कमी संकट के बिंदु तक पहुंच रही है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि इन आधुनिक जोखिमों को ‘‘साइबर स्पेस की गुमनामी और कृत्रिम मेधा (एआई) की विघटनकारी क्षमता द्वारा संचालित परिष्कृत दुष्प्रचार अभियानों’’ के उभरने से और अधिक बढ़ावा मिल रहा है। विदेश सचिव ने कहा, ‘‘ऐसी दुनिया में कोई भी देश केवल भूगोल या गठबंधनों पर निर्भर नहीं रह सकता।
हमें मजबूती और साझेदारियां कायम करनी होंगी... भारत का दृष्टिकोण यही है।’’ बाद में, रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिसरी ने बदलते भू-राजनीतिक और प्रौद्योगिकी माहौल में रक्षा कूटनीति के बदलते स्वरूप को रेखांकित किया तथा उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में रणनीतिक स्वायत्तता, विश्वास और सहयोग पर जोर दिया।
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