चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की 14वीं राष्ट्रीय समिति का चौथा पूर्णाधिवेशन पेइचिंग में उद्घाटित
बीजिंग, 4 मार्च (आईएएनएस)। चीन की सर्वोच्च राजनीतिक सलाहकार संस्था – चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (सीपीपीसीसी) की 14वीं राष्ट्रीय समिति का चौथा पूर्णाधिवेशन 4 मार्च को दोपहर बाद पेइचिंग में औपचारिक रूप से उद्घाटित हुआ। उद्घाटन समारोह में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और देश के शीर्ष नेता शी चिनफिंग सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
सीपीपीसीसी राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष वांग हुनिंग ने सम्मेलन में सीपीपीसीसी राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति की ओर से महासभा के समक्ष कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान जन राजनीतिक सलाह से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की और उन प्रमुख उपलब्धियों तथा अनुभवों का उल्लेख किया, जो बीते वर्ष में प्राप्त हुए। इसके साथ ही उन्होंने इस वर्ष के लिए विभिन्न कार्यों की रूपरेखा और प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया।
यह पूर्णाधिवेशन कुल सात दिनों तक चलेगा। सम्मेलन में सीपीपीसीसी राष्ट्रीय समिति के 34 विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 2000 से अधिक सदस्य भाग ले रहे हैं। ये सदस्य सीपीपीसीसी राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति की कार्य रिपोर्ट तथा पिछले पूर्णाधिवेशन के बाद सदस्यों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के निपटारे संबंधी कार्य रिपोर्ट को सुनेंगे और उन पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे।
इसके अलावा, सम्मेलन के सदस्य राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के वार्षिक सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जहाँ वे सरकारी कार्य रिपोर्ट सुनेंगे और उस पर अपनी राय व्यक्त करेंगे। साथ ही, वे राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए प्रस्तावित 15वीं पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा के मसौदे पर भी विचार करेंगे। इस प्रक्रिया के माध्यम से सदस्य देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और अन्य सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों पर अपने सुझाव और विचार प्रस्तुत करेंगे।
गौरतलब है कि चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन चीन की जनता का देशभक्त संयुक्त मोर्चा संगठन है। यह संस्था चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में बहुदलीय सहयोग और राजनीतिक सलाह-मशविरे की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में कार्य करती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आईएईए की बैठक में चीनी प्रतिनिधि: फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना प्राकृतिक आपदा से अधिक मानवीय त्रुटि
बीजिंग, 4 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए की मार्च बोर्ड बैठक इस सप्ताह वियना में आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर आईएईए में चीन के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत ली सोंग ने जापान की फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना की 15वीं वर्षगांठ पर भाषण दिया।
राजदूत ली ने कहा कि फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना देखने में प्राकृतिक आपदा लगती है, लेकिन वास्तव में यह मानवीय त्रुटि थी, जिसने जापान की परमाणु सुरक्षा नियामक प्रणाली में गंभीर कमियों को उजागर किया। आईएईए को फुकुशिमा दुर्घटना के बाद की प्रक्रिया की दीर्घकालिक समीक्षा करनी चाहिए और वैश्विक उच्चतम मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार जापान पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि 15 साल पहले हुई फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना ने वैश्विक परमाणु ऊर्जा विकास को बाधित किया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का परमाणु सुरक्षा पर विश्वास को गहरा झटका दिया। इसने जापान की नियामक प्रणाली में गंभीर कमियों और परमाणु सुरक्षा संस्कृति की गंभीर कमी को उजागर किया।
ली ने कहा कि जापान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से पड़ोसी देशों के कड़े विरोध के बावजूद, फुकुशिमा परमाणु दूषित जल को समुद्र में छोड़ने पर जोर दिया, जो परमाणु सुरक्षा जोखिमों को विदेशों में स्थानांतरित करने का काम अत्यधिक गैर-जिम्मेदार और अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता के विरुद्ध कार्य है। चीन फुकुशिमा परमाणु दूषित जल के समुद्री निपटान का कड़ा विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि 15 वर्षों में, जापान की टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी और अन्य परमाणु ऊर्जा कंपनियों में ईमानदारी की कमी, धोखाधड़ी और रेडियोधर्मी रिसाव के मामले लगातार सामने आए हैं। फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना के बाद की प्रक्रिया केवल जापान का मामला नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
राजदूत ली ने जोर देकर कहा कि फुकुशिमा परमाणु दुर्घटना की 15वीं वर्षगांठ पर, आईएईए और उसके सदस्य देशों के लिए एकजुट होकर दुर्घटना के बाद की दीर्घकालिक चुनौतियों का सामना करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। चीन आईएईए को अपने कर्तव्यों का पालन करने और वैश्विक परमाणु सुरक्षा के उच्चतम मानकों के अनुसार जापान की निगरानी करने का समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि चीन अपने तकनीकी और प्रबंधकीय लाभों का उपयोग करके इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने को तैयार है और सभी देशों से परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव जाति के लिए परमाणु सुरक्षा समुदाय के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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