एआईएफ के लिए सेबी का नया नियम : अब एनुअल रिपोर्ट अनिवार्य, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा
नई दिल्ली, 4 मार्च (आईएएनएस)। सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (एआईएफ) के लिए रेगुलेटरी रिपोर्टिंग में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यह बदलाव एआईएफ को कंप्लायंस बोझ कम करने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। सेबी ने एआईएफ रेगुलेशंस, 2012 के रेगुलेशन 28 और मास्टर सर्कुलर के क्लॉज 15.1 के तहत एक सर्कुलर जारी किया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।
पहले एआईएफ को हर तिमाही के अंत से 15 दिनों के अंदर अपनी एक्टिविटी रिपोर्ट आईवीसीए (इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेट कैपिटल एसोसिएशन) की वेबसाइट पर होस्ट किए गए फॉर्मेट में जमा करनी होती थी। अब रिपोर्टिंग की फ्रीक्वेंसी कम कर दी गई है।
एआईएफ को अब हर फाइनेंशियल ईयर (अप्रैल से मार्च) के अंत में एक पूरी एनुअल एक्टिविटी रिपोर्ट जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट फाइनेंशियल ईयर के मार्च अंत से 30 कैलेंडर दिनों के अंदर सेबी इंटरमीडियरी पोर्टल (एआई पोर्टल) पर ऑनलाइन जमा की जाएगी। पहली ऐसी एनुअल रिपोर्ट मार्च 2026 को खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए 31 मई 2026 तक जमा की जाएगी।
इसके अलावा, एआईएफ को एक लिमिटेड क्वार्टरली एक्टिविटी रिपोर्ट भी जमा करनी होगी, जो हर क्वार्टर के अंत से 15 दिनों के अंदर एसआई पोर्टल पर बदले हुए फॉर्मेट में ऑनलाइन सबमिट की जाएगी। पहली क्वार्टरली रिपोर्ट जून 2026 को खत्म होने वाले क्वार्टर के लिए होगी। हालांकि, मार्च में खत्म होने वाले क्वार्टर के लिए अलग से क्वार्टरली रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि एनुअल रिपोर्ट में क्वार्टरली डेटा पॉइंट्स शामिल होंगे।
यह बदलाव एआईएफ इंडस्ट्री के तेजी से बदलते माहौल को ध्यान में रखकर किया गया है। रिपोर्टिंग फॉर्मेट का रिव्यू एआईएफ स्टैंडर्ड्स फोरम (आईवीसीए) के साथ सलाह-मशविरा करके किया गया। सेबी के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस वर्किंग ग्रुप ने भी रिपोर्टिंग फ्रीक्वेंसी कम करने की सिफारिश की थी। बदला हुआ रिपोर्टिंग फॉर्मेट सर्कुलर जारी होने से 3 दिनों के अंदर आईवीसीए की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। आईवीसीए एआईएफ को रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को समझने और किसी मुद्दे को हल करने में मदद करेगा।
यह सर्कुलर 7 मई 2024 के मास्टर सर्कुलर के चैप्टर 15 (एआईएफ द्वारा रिपोर्टिंग) के क्लॉज 15.1 को प्रतिस्थापित करेगा। सेबी ने यह कदम निवेशकों के हितों की रक्षा, सिक्योरिटीज मार्केट के विकास और रेगुलेशन को मजबूत करने के लिए उठाया है। सर्कुलर सेबी की आधिकारिक वेबसाइट पर लीगल फ्रेमवर्क - सर्कुलर और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स सेक्शन में उपलब्ध है।
--आईएएनएस
एससीएच
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जिंदा हैं ईरान के पूर्व राष्ट्रपति, सामने आया वीडियो, अमेरिका और इजरायल के लिए कितनी चिंता
ईरान में चल रहे भीषण संघर्ष और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बीच एक बड़ी खबर ने खलबली मचा दी है. 4 मार्च 2026 की सबसे बड़ी खबर यही है कि अमेरिका इजरायल के हमले में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद सुरक्षित हैं. ईरानी मीडिाया की ओर से दावा किया जा रहा है कि पूर्व प्रेसिडेंट अभी जिंदा हैं. दरअसल उनके मारे जाने की खबरों के बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसने पश्चिम और इजरायल के रणनीतिकारों की चिंता बढ़ा दी है. यहां जानिए अहमदीनेजाद के 'वापसी' की पूरी कहानी और इसके अमेरिका-इजरायल के लिए मायने.
कैसे बचे अहमदीनेजाद?
बीते शनिवार (28 फरवरी 2026) को जब इजरायली और अमेरिकी विमानों ने तेहरान में 'डिकैपिटेशन स्ट्राइक' की, तब अहमदीनेजाद के आवास के पास एक बड़ा धमाका हुआ था.
सटीक जानकारी: उनके सलाहकार ने पुष्टि की है कि हमला उनके सुरक्षा दस्ते की इमारत पर हुआ था, जिसमें 3 IRGC बॉडीगार्ड मारे गए.
बाल-बाल बचे: अहमदीनेजाद का मुख्य आवास उस जगह से मात्र 100 मीटर दूर था, जो सुरक्षित रहा.
वीडियो का संदेश: टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित वीडियो में वे पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे हैं और उन्होंने इस हमले को "ईरान की संप्रभुता पर कायराना हमला" बताया है.
#BREAKING♦️ ???????? Video confirms former Iranian President Mahmoud Ahmadinejad is alive and well, despite earlier claims he was killed in the US-Israeli strikes. #Iran #Ahmadinejad #Tehran #IranIsraelWar #Israel #IranWar#ایران #اسرائیل #الحرب_بدات_الان #تل_أبيب https://t.co/T1SwY9cirH pic.twitter.com/Zc7LDV7RIU
— Twilight (@TwilightDewy) March 4, 2026
अमेरिका और इजरायल के लिए यह चिंता क्यों है?
अहमदीनेजाद का जिंदा रहना इस युद्ध के परिणामों को बदल सकता है. इसके 4 मुख्य कारण हैं:
1. सर्वोच्च नेता के बाद 'पावर वैक्यूम' भरने की क्षमता
आयतुलला खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है. जहां एक तरफ मुजतबा खामेनेई और सेना के बीच खींचतान है, वहीं अहमदीनेजाद एक लोकप्रिय लोकलुभावन नेता हैं. वे कट्टरपंथियों और ग्रामीण जनता के बीच आज भी बहुत प्रभावशाली हैं. उनका जिंदा रहना मतलब सत्ता के संघर्ष में एक "तीसरे और आक्रामक ध्रुव" की मौजूदगी.
2. 'प्रतिरोध' का नया चेहरा
अहमदीनेजाद वही नेता हैं जिन्होंने कभी "इजरायल को नक्शे से मिटाने" की बात कही थी. इजरायल के लिए उनका जीवित रहना एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका है. वे अपनी "चमत्कारी उत्तरजीविता" को दैवीय शक्ति से जोड़कर ईरानी सेना और जनता का मनोबल बढ़ा सकते हैं.
3. 'शासन परिवर्तन' के प्लान में बाधा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का लक्ष्य ईरान में एक नरमपंथी या पश्चिम-समर्थक सरकार लाना है. अहमदीनेजाद की मौजूदगी इस प्लान को फेल कर सकती है, क्योंकि वे किसी भी समझौते के सख्त खिलाफ हैं और "अंतिम सांस तक युद्ध" की वकालत करते हैं.
4. IRGC का समर्थन
खबरें हैं कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुछ धड़े मुजतबा खामेनेई के बजाय अहमदीनेजाद को एक 'कठपुतली नेता' या रणनीतिक मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि युद्ध को जारी रखा जा सके.
अगला कदम क्या हो सकता है?
ईरान में वर्तमान में 'गार्जियन काउंसिल' की आपातकालीन बैठकें चल रही हैं. यदि अहमदीनेजाद को किसी महत्वपूर्ण संवैधानिक पद या रक्षा परिषद में शामिल किया जाता है, तो मध्य पूर्व में तनाव और भी विनाशकारी रूप ले सकता है.
क्या बोला अमेरिका-इजरायल
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति के जिंदा होने की खबरों और वीडियो को लेकर अमेरिका की ओर से भी रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा है कि हम इस वीडियो की बारीकी से जांच कर रहे हैं. हमारी खुफिया एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि यह कोई 'डीपफेक' या पहले से रिकॉर्ड किया गया फुटेज तो नहीं है.
वहीं इजरायल की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है और उनका कहना है कि किसी भी तरह के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. जरायल अपने अस्तित्व के लिए खतरा बनने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ेगा.
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