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Middle East Crisis: Iran के एक फैसले से Morbi का Ceramic उद्योग ठप, Gas Supply रुकने से मचा हड़कंप
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और आपूर्ति शृंखला बाधित होने के कारण गुजरात के मोरबी का प्रसिद्ध सिरेमिक (मिट्टी के पात्र और टाइल्स) उद्योग अगले कुछ दिनों में पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति के कारण खाड़ी क्षेत्र से होने वाली गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। अमेरिका द्वारा शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।
मोरबी का सिरेमिक उद्योग भट्टियों को चलाने और सुखाने की प्रक्रियाओं के लिए मुख्य रूप से प्रोपेन और प्राकृतिक गैस पर निर्भर है। मोरबी सिरेमिक निर्माता संघ (चमकदार टाइल्स प्रभाग) के अध्यक्ष मनोज अरवाडिया ने कहा, खाड़ी देशों से आने वाले पेट्रोलियम और गैस के जहाजों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ईरान के नियंत्रण वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में माल की खेप फंसी हुई है, जिससे मोरबी को होने वाली आपूर्ति रुक गई है।
उन्होंने बताया कि प्रोपेन गैस का उपयोग करने वाली कंपनियों के पास केवल तीन से चार दिनों का भंडार बचा है, जबकि गुजरात गैस लिमिटेड द्वारा आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस का भंडार लगभग एक सप्ताह तक ही सहायक हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि युद्ध की स्थिति बनी रही, तो अगले 10 दिनों में पूरे उद्योग का परिचालन बंद करना पड़ सकता है।
इसी तरह की चिंता जताते हुए मोरबी सिरेमिक निर्माता संघ (वॉल टाईल प्रभाग) के अध्यक्ष हरेश बोपालिया ने कहा कि ईंधन की आपूर्ति शृंखला टूटने से इकाइयों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि मोरबी में लगभग 600 सिरेमिक इकाइयां हैं और यदि आपूर्ति अनियमित रही, तो इन सभी में उत्पादन रोकना पड़ सकता है।
इससे वहां कार्यरत दो से तीन लाख श्रमिकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। एक अन्य सिरेमिक निर्माता मनिभाई बावरवा ने कहा कि 23 फरवरी को सऊदी अरब के एक बंदरगाह पर हुई दुर्घटना के बाद से ही आपूर्ति बाधित थी, लेकिन अब युद्ध के कारण प्रोपेन की आवक लगभग पूरी तरह बंद हो गई है।
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