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कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली की अनोखी परंपरा, शिखर पर जलाई जाती है अखंड मशाल

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KG Basin विवाद: पूर्व जज Ranjana Desai बनीं केंद्र और रिलायंस समूह मामले में एकमात्र मध्यस्थ

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने वाली समितियों का प्रमुख बनाये जाने के लिए कई राज्यों ने उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को प्राथमिकता दी थी, जिन्हें शुक्रवार को कृष्णा-गोदावरी बेसिन गैस विवाद में एकमात्र मध्यस्थ के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। केंद्र और रिलायंस इंडस्ट्रीज-बीपी-निको समूह से संबंधित कृष्णा-गोदावरी बेसिन गैस विवाद में, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति देसाई को मध्यस्थ नियुक्त किया। यह नियुक्ति उनके 77वें जन्मदिन पर हुई।

तीस अक्टूबर 1949 को जन्मीं न्यायमूर्ति देसाई ने 1970 में एल्फिंस्टन कॉलेज से स्नातक की उपाधि हासिल की। उन्होंने 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से कानून की डिग्री हासिल की और उसी साल वकालत के पेशे से जुड़ गईं। उन्हें 15 अप्रैल 1996 को मुंबई उच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त किया गया, और 13 सितंबर 2011 को वह उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश बनीं।

29 अक्टूबर 2014 को वह सेवानिवृत्त हो गईं। पिछले कुछ वर्षों में, न्यायमूर्ति देसाई को राज्य सरकारों द्वारा गठित उन समितियों का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिनका काम यूसीसी का मसौदा तैयार करना और उसके लिए सिफारिशें करना था। यूसीसी से जुड़ी उनकी यह भूमिका उत्तराखंड से शुरू हुई, जहां उन्होंने उस विशेषज्ञ समिति का नेतृत्व किया जिसने राज्य के लिए कानून तैयार किया था।

बाद में, उन्हें गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उत्तराखंड सरकार ने मई 2022 में राज्य में यूसीसी लागू करने पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, और न्यायमूर्ति देसाई को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाद में यह रिपोर्ट उस कानून का आधार बनी, जो राज्य में 27 जनवरी 2025 को लागू हुआ।

इसके साथ ही, उत्तराखंड ऐसी संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। इसके बाद, उन्होंने गुजरात सरकार द्वारा यूसीसी पर गठित उच्च-स्तरीय समिति का नेतृत्व किया। समिति की सिफारिशों के आधार पर, गुजरात विधानसभा ने यूसीसी विधेयक पारित किया, जिसे इस साल सितंबर में राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई।

जुलाई 2026 में, महाराष्ट्र ने यूसीसी से संबंधित सात सदस्यीय समिति का प्रमुख न्यायमूर्ति देसाई को नियुक्त किया। समिति के छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है। जुलाई में ही उन्हें पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित नौ सदस्यीय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

इस समिति का काम राज्य के लिए प्रस्तावित यूसीसी के मसौदे की जांच और समीक्षा करना है। सेवानिवृत्ति के बाद, न्यायमूर्ति देसाई ने जम्मू कश्मीर के परिसीमन आयोग का नेतृत्व किया और बाद में 2022 में उन्हें भारतीय प्रेस परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

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कबड्डी में भारत का परचम... श्रीलंका और युगांडा फाइनल में हराकर रचा इत‍िहास, गोल्‍ड पर क‍िया कब्‍जा

India wins commonwealth kabaddi chamionship gold: भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने पहली कॉमनवेल्‍थ कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया. पुरुष टीम ने श्रीलंका को 54-20 से हराया, जबकि महिला टीम ने युगांडा को 35-15 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और अजेय रहते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. इस ऐतिहासिक सफलता से देश भर में जश्न का माहौल है. Sat, 31 Oct 2026 23:33:39 +0530

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