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इंजन रूम में धमाके के बाद बुझाई गई आग, Strait of Hormuz में टैंकर और क्रू सुरक्षित

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर एक छोटी नाव से हमला किया गया। इस दौरान टैंकर के ढांचे पर दो विस्फोटक उपकरण लगा दिए गए, जिससे इंजन रूम में आग लग गई और जहाज कुछ समय के लिए बेकार हो गया। UKMTO के अनुसार, यह घटना गुरुवार को लगभग 2212 UTC बजे, ओमान के खसाब से लगभग 25 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई। शुक्रवार को जारी एक अपडेट में UKMTO ने बताया कि उन्हें एक पुष्ट रिपोर्ट मिली है, जिसके अनुसार चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और पर्यावरण पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। UKMTO ने बताया कि एक छोटा नाव टैंकर के बाईं ओर (पोर्ट साइड) आया और उसने पानी की सतह के ऊपर जहाज के ढांचे पर दो विस्फोटक उपकरण लगा दिए। इसके बाद हुए विस्फोटों से इंजन रूम में आग लग गई, जिससे जहाज कुछ समय के लिए बेकार हो गया। 

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समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि अब आग बुझा दी गई है और जहाज अपने अगले गंतव्य (पोर्ट) की ओर बढ़ रहा है। शुरुआत में UKMTO को खबर मिली थी कि बाहर जा रहे एक टैंकर में आग लग गई है, लेकिन उस समय घटना के कारण, चालक दल की स्थिति, नुकसान के आकलन और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ताजा अपडेट के बाद, UKMTO ने इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा, "जहाजों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी से आगे बढ़ें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी UKMTO को दें, जबकि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।" यह घटना 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से होने वाले समुद्री यातायात को लेकर बढ़े तनाव के बीच हुई है। इस जलमार्ग पर ईरानी सैन्य अधिकारियों ने अपना नियंत्रण जता रखा है और उन्होंने व्यावसायिक जहाजों को उन इलाकों से न गुजरने की चेतावनी दी है, जिन्हें वे प्रतिबंधित और असुरक्षित मानते हैं।

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ईरान की नौसेना के जनसंपर्क विभाग ने सरकारी प्रसारक IRIB के माध्यम से जारी एक बयान में दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में एक प्रतिबंधित इलाके से गुजर रहा एक टैंकर, नौसैनिक बारूदी सुरंग (नेवल माइन) से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। बयान में कहा गया, "आज सुबह, होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में एक प्रतिबंधित और असुरक्षित इलाके से गुजर रहा एक टैंकर, नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।" ईरानी नौसेना अधिकारियों ने जहाजों को इस जलमार्ग से बिना किसी समन्वय के गुजरने की कोशिश करने के खिलाफ चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य उन जहाजों के लिए बंद है जो बिना किसी समन्वय के और अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठ पर भरोसा करते हुए प्रतिबंधित और असुरक्षित इलाकों से गुजरने की कोशिश करते हैं।

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Trump प्रशासन के दबाव के बीच Ukraine का हमला, Rosneft की Samara रिफाइनरी बनी निशाना

यूक्रेन ने शुक्रवार तड़के रूस के समारा क्षेत्र में एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया। इसके साथ ही, रूसी तेल-प्रसंस्करण सुविधाओं पर हमलों में आया दो सप्ताह का विराम खत्म हो गया है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी प्रशासन के दबाव के कारण इन हमलों को रोकने के लिए कहा गया था। यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जहां 30 अक्टूबर की रात को एक संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई थी। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' के मुताबिक, सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो फुटेज में रिफाइनरी के ऊपर आसमान में उठता हुआ धुआं दिखाई दे रहा है। इस हमले को यूक्रेन द्वारा रूसी तेल बुनियादी ढांचे पर फिर से शुरू किए गए हमलों के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले, अक्टूबर के मध्य से इन हमलों पर एक अनौपचारिक रोक लगी हुई थी। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने 29 अक्टूबर को रिपोर्ट दी थी कि लंबी दूरी तक हमला करने वाली यूक्रेनी सैन्य इकाइयों ने ट्रम्प प्रशासन के दबाव के कारण रूसी रिफाइनरियों पर अपने हमले अनौपचारिक रूप से रोक दिए थे। इन ऑपरेशनों की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, रूसी तेल सुविधाओं पर हमलों में यह रोक आगामी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद तक जारी रहने की उम्मीद थी। 

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यूक्रेनी मीडिया के अनुसार, नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी रूस की सरकारी तेल कंपनी 'रोसनेफ्ट' के स्वामित्व में है। यह रिफाइनरी लगभग 8.8 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल को प्रोसेस करती है और इससे विमान ईंधन, गैसोलीन, डीजल, लुब्रिकेंट और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इससे पहले भी, अगस्त 2026 सहित कई मौकों पर, यूक्रेन ने ड्रोन हमलों के जरिए इस रिफाइनरी को निशाना बनाया है। यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर एक अभियान चला रहा है। इसका मकसद मास्को की सेना तक ईंधन की आपूर्ति में बाधा डालना और रूस को मिलने वाले उस राजस्व को कम करना है, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में कर रहा है। हमलों की ये खबरें ऐसे समय में आई हैं जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सर्दियों से पहले यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस) को मजबूत करने के लिए यूरोपीय संघ से अधिक समर्थन की मांग की है। रूस के हालिया हमलों में पूरे देश में 19 लोगों की मौत हो गई और 71 अन्य घायल हो गए, जिनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। एक्स पर पोस्ट में जेलेंस्की ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा को धन्यवाद दिया। कोस्टा ने इन हमलों के बाद यूक्रेन के प्रति एकजुटता जताई थी। इन हमलों में निप्रो का एक रेलवे स्टेशन और चेर्निहाइव तथा क्रेमेनचुक के रिहायशी इलाके निशाना बने थे। 

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एंटोनियो, संवेदना जताने के लिए धन्यवाद। आज रूस ने बेहद क्रूर हमले किए, जिनमें 19 लोगों की जान चली गई। 11 बच्चों समेत 71 अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में से कई लोग अभी अस्पतालों में हैं। हमारे चिकित्साकर्मी उनका इलाज कर रहे हैं और लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं,” ज़ेलेंस्की ने कहा। उन्होंने मॉस्को पर आरोप लगाया कि वह संघर्ष को कम करने और लड़ाई खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का लगातार मिलना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, “रूस एक बार फिर दिखा रहा है कि संघर्ष को कम करने, और इस युद्ध को खत्म करने तथा हत्याओं को रोकने के लिए यूक्रेन, अमेरिका, यूरोप और दुनिया भर के हमारे अन्य साझेदारों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के प्रति उसका असली रवैया क्या है।” ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय संघ (EU) और उसके सदस्य देशों से मिलने वाली मदद के महत्व पर जोर दिया। यह तब और भी अहम हो जाता है जब यूक्रेन सर्दियों के महीनों के लिए तैयारी कर रहा है, क्योंकि इस दौरान महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमले और भी बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकते हैं।

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हारे हुए मैच में अर्शदीप सिंह ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक कैलेंडर ईयर में लिए सबसे ज्यादा विकेट, तोड़ा आयरलैंड के गेंदबाज का कीर्तिमान

arshdeep singh world record:किवी कप्तान को जैसे ही अर्शदीप ने आउट किया वैसे ही 2026 में उनके नाम 40 विकेट हो गए हैं. इससे पहले यह वर्ल्ड रिकॉर्ड आयरलैंड के तेज गेंदबाज जोशुआ लिटिल के नाम था, जिन्होंने साल 2022 में 39 विकेट चटकाए थे.अब अर्शदीप ने इस साल यानी 2026 में 40 विकेट लेकर उनका वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया है.अर्शदीप सिंह ने इस सीरीज में अब तक खेले 4 मैचों में 9.30 की इकॉनमी से भारत के लिए सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए है Fri, 30 Oct 2026 16:28:17 +0530

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