Jammu Kashmir को पूर्ण राज्य का दर्जा तुरंत दे केंद्र, Congress ने उठाई मांग
नयी दिल्ली, पांच अगस्त कांग्रेस ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की और कहा कि अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को निरस्त किए जाने तथा राज्य के पुनर्गठन के सात वर्ष बाद भी वहां के लोग इस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी महासचिव एवं जम्मू-कश्मीर प्रभारी सैयद नासिर हुसैन ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और विधानसभा चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं, फिर भी केंद्र शासित प्रदेश में ऐसी व्यवस्था बनी हुई है, जिसमें उपराज्यपाल के पास निर्वाचित सरकार से अधिक अधिकार हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह स्थिति संविधान की संघीय भावना और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है तथा जम्मू-कश्मीर के लोगों को अन्य राज्यों की तरह पूर्ण लोकतांत्रिक स्वशासन से वंचित करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर को तत्काल और बिना किसी शर्त के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने, निर्वाचित सरकार को पूर्ण संवैधानिक अधिकार देने तथा संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और संघीय ढांचे का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करती है। हुसैन ने कहा कि केंद्र सरकार को अपना वादा अविलंब पूरा करना चाहिए।
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निष्प्रभावी कर जम्मू-कश्मीर का विशेष संवैधानिक दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके साथ ही, संसद के माध्यम से जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 पारित कर तत्कालीन राज्य का पुनर्गठन करते हुए उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था।
UP Panchayat Election में देरी पर Allahabad High Court चिंतित, 2 साल पहले तैयारी का सुझाव
लखनऊ, पांच अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने में विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार को संविधान का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में निर्वाचित स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त होने से कम से कम दो वर्ष पूर्व चुनाव की तैयारियां शुरू करनी चाहिए। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने संजय कुमार शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि काफी पहले से तैयारियां शुरू करने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि पंचायत चुनाव पांच साल के भीतर पूरे हो जाएं।
पीठ ने कहा कि यद्यपि राज्य सरकार ने मई, 2025 में प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन 26 मई, 2026 को पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले चुनाव नहीं कराए जा सके। राज्य सरकार के रिकॉर्ड तलब करते हुए अदालत ने कहा कि वह विलंब के कारणों की समीक्षा करेगी और यह देखेगी कि क्या ये सरकार के नियंत्रण के बाहर की परिस्थितियों के कारण हुआ या अधिकारियों की लापरवाही से हुआ। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 11 अगस्त निर्धारित की है।
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