नई दिल्ली. बीते दो दशक में भारत में रोहित शर्मा के बाद किसी खिलाड़ी को मोस्ट गिफ़्टेड प्लेयर के तौर पर रेट किया गया तो वो नाम संजू सैमसन का ही रहा.रोहित शर्मा की तरह संजू सैमसन भी नेचुरल पुलर हैं और बिना कोई खास जोर लगाए सिर्फ टाइमिंग के बलबूते लंबे-लंबे छक्के लगाने की क्षमता रखते हैं. संजू सैमसन ने 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था. पहले सीजन में वो कुछ खास नहीं कर पाए. लेकिन अगले ही सीजन में संजू सैमसन ने जोरदार वापसी की और पांच पारियों में दो शतक और एक फिफ्टी जड़ी.अगले ही साल राजस्थान रॉयल्स ने उन पर दांव लगाया. संजू सैमसन को राजस्थान रॉयल्स में सिलेक्ट करते हुए उस वक्त टीम के कोच रहे राहुल द्रविड़ ने कहा था, संजू सैमसन उन चंद खिलाड़ियों में से हैं जो टीम इंडिया का भविष्य होंगे. आईपीएल में शुरुआती सालों में अच्छे प्रदर्शन का संजू सैमसन को इनाम मिला और साल 2015 में उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में चुना गया.इस दौरे पर उन्हें टीम इंडिया के लिए टी20 क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका तो मिला, लेकिन उनके बल्ले से निकली महज 19 रन की पारी.इसके बाद उन्हें टीम में वापसी करने के लिए 2019 तक इंतजार करना पड़ा. आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद संजू सैमसन 2024 तक टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए. 2024 में वो किसी तरह टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में जगह बनाने में तो कामयाब रहे. पर उनके हिस्से तब भी मैदान नहीं बल्कि बैंच पर इंतजार ही आया. शायद वर्ल्ड कप के दौरान बैंच पर इंतजार करने का ही गुस्सा था कि उन्होंने इसके बाद जैसे ही प्लेइंग 11 में जगह मिली उन्होंने महज पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों में तीन शतक जड़ दिए. Tue, 3 Mar 2026 18:44:40 +0530