बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय साराओगी ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्यसभा के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी उम्मीदवार 5 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगे। निर्धारित मतदान 16 मार्च को होगा और एनडीए को सभी सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी उम्मीदवार 5 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगे और एनडीए के उम्मीदवार सभी सीटें जीतेंगे। इस बीच, भाजपा ने मंगलवार को आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें छह राज्यों से नौ नामों को मंजूरी दी गई है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह घोषणा पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपने नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से की। बिहार से पार्टी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और शिवेश कुमार को चुना है। असम में तेरश गोवाला और जोगेन मोहन उम्मीदवार हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में लक्ष्मी वर्मा चुनाव लड़ेंगी। हरियाणा से संजय भाटिया उम्मीदवार हैं। ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे, और पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को चुना गया है।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने घोषणा की है कि आगामी राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा, उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी और यह प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी हो जाएगी। ये चुनाव 10 राज्यों - महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना - की 37 सीटों पर होंगे, जिनके पदाधिकारियों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की गई थी, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च, नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च है।
बिहार भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य नेताओं के साथ होली मनाई। पार्टी अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस दिन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह बिहार और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा दिन है। संजय सरावगी ने कहा कि यह बिहार और भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा दिन है। इस वर्ष, हमने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ होली मनाई... आइए हम सब मिलकर इस हर्षोल्लास के त्योहार को मनाएं।
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ईरान और इजराइल की जंग ने 10 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। इनमें से ज्यादातर खाड़ी के मुस्लिम देश हैं। अभी तक तो ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, क़तर और कुवैत जैसे देशों पर हमला कर रहा था। लेकिन जैसे ही सऊदी अरब पर हमला हुआ तो पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। खबरें हैं कि सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको पर भी हमला हो गया। आपको बता दें कि अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है। अरामको में आग लगी तो रूस और भारत ने मिलकर बहुत बड़ा खेल कर दिया है। खेल भी ऐसा जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल ईरान चाहता है कि जो हमला उस पर हुआ है उसका असर कुछ देशों पर नहीं बल्कि अब पूरी दुनिया पर पड़ना चाहिए। ऐसे में एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्ट्रेट ऑफ हरमूस यानी फारस की खाड़ी को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान ने कहा है कि अगर कोई भी देश गैस और तेल व्यापार के लिए फारस की खाड़ी का इस्तेमाल करेगा तो हम उसके जहाजों को उड़ा देंगे।
खबरें हैं कि इस वक्त फारस की खाड़ी के पास 700 से ज्यादा तेल टैंकर फंसे हुए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें अचानक 9.3% तक बढ़ गई हैं। क्रूड ऑयल 52 हफ्ते में सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। आपको बता दें कि भारत अपनी घरेलू तेल जरूरतों का 85% हिस्सा इंपोर्ट करता है। इसका लगभग आधा क्रूड ऑयल भारत फारस की खाड़ी से ही मंगवाता है। लेकिन अब यह सब कुछ रुक जाएगा। क्योंकि फारस की खाड़ी बंद होते ही सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात का तेल और गैस अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नहीं पहुंचेगा। इसी कड़ी में रूस और भारत ने तेल व्यापार को दोबारा बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। खबर है कि मौके का फायदा उठाते हुए रूस ने भारत से संपर्क किया है।
रूस एक बार फिर भारत के लिए सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर बन सकता है। मजे की बात देखिए कि अमेरिका भारत पर वेनेजुएला का जो तेल खरीदने का दबाव बना रहा था, वह फिलहाल आता नहीं दिख रहा। इसके अलावा जब भारत ने हाल फिलहाल में रूस के तेल इंपोर्ट्स को थोड़ा कम किया था। तो रूस की जगह एक बार फिर सऊदी अरब भारत के लिए सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया था। लेकिन ईरान ने सऊदी अरब को ही ठोक दिया। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस एक बार फिर भारत के लिए सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर बन सकता है।
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