JP Nadda ने Assam flood से बिगड़े हालात का लिया जायजा, डिब्रूगढ़ में अधिकारियों संग की समीक्षा
गुवाहाटी, पांच अगस्त केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने बुधवार को असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जारी राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले दिन में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के साथ राज्य के बाढ़ प्रभावित शिवसागर इलाकों का दौरा किया, नुकसान का जायजा लिया और मृतकों के परिवारों से मुलाकात की।
शाम को उन्होंने डिब्रूगढ़ स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में बाढ़ की मौजूदा स्थिति को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। नड्डा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के बाद आज असम के डिब्रूगढ़ में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा जी और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता पहुंचे, जारी राहत, पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े उपायों की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए व्यापक सहायता सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि बैठक में असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जारी राहत कार्यों का आकलन करने और पुनर्वास एवं प्रभावित क्षेत्रों को फिर से सामान्य स्थिति में लाने की योजना को मजबूत करने पर चर्चा की गई। असम में बुधवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई।
छह और लोगों की मौत के साथ इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जबकि 14 जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.6 लाख हो गई है।
Assam Flood से हालात और बिगड़े, 6 नई मौतों के साथ कुल संख्या 95 हुई
गुवाहाटी, पांच अगस्त असम में बुधवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई तथा छह और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है, जबकि 14 जिलों में प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.6 लाख हो गई है। अधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से बुधवार शाम जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण छह लोगों की मौत हुई है।
बुलेटिन के अनुसार, शिवसागर और बिस्वनाथ जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से दो-दो लोगों की मौत हुई, जबकि गोलाघाट और मोरीगांव में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। इन मौतों के साथ इस साल की बाढ़ में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 95 हो गई है। प्राधिकरण की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, बिस्वनाथ, चराइदेव, दरांग, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर, नगांव, शिवसागर, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिलों में 1,60,600 से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं।
शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिला रहा, जहां 57,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए। इसके बाद गोलाघाट में करीब 34,000 और जोरहाट में 25,000 लोग प्रभावित हैं। मंगलवार से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है।
उस दिन पांच जिलों में 1.22 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। एएसडीएमए ने बताया कि प्रशासन छह जिलों में 105 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां वर्तमान में 44,523 प्रभावित लोगों की देखभाल की जा रही है। प्राधिकरण ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 528.44 क्विंटल चावल, 126.72 क्विंटल दाल, 73.21 क्विंटल नमक और 2,519.64 लीटर सरसों के तेल का वितरण किया गया है।
एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में असम के 563 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं और राज्य में 16,951.76 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। वर्तमान में धानसिरी नदी नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
व्यापक बाढ़ के कारण राज्य में 35,025 घरेलू पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं, जबकि 8,529 अन्य बह गए।
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