S Jaishankar ने Africa को बताया प्रमुख साझेदार, IAFS-4 सम्मेलन आयोजित करने की जताई उत्सुकता
नयी दिल्ली, पांच अगस्त विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि अफ्रीका भारत का साझेदार और उसकी ‘‘प्राथमिकता’’ है। उन्होंने कहा कि चाहे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की बात हो या बदले बहुपक्षवाद की, इस महाद्वीप को ‘‘उसका उचित स्थान’’ मिलना ही चाहिए। अफ्रीका दिवस 2026 के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत अफ्रीकी संघ के साथ लगातार संपर्क में है और स्थगित हो चुके ‘भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन’ (आईएएफएस-4) को फिर से आयोजित करने के लिए उत्सुक है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस साल की शुरुआत में, हम चौथे भारत-अफ्रीका मंच शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी नेतृत्व की मेजबानी करने के लिए तैयार थे। दुर्भाग्य से, इबोला वायरस के प्रकोप के कारण शिखर सम्मेलन को स्थगित करना पड़ा। इसे स्थगित करने का निर्णय अफ्रीकी संघ में हमारे साझेदारों और भारत ने मिलकर लिया था।’’ विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘हम अफ्रीकी संघ के साथ लगातार संपर्क में हैं और आईएएफएस-4 को फिर से आयोजित करने के लिए जल्द से जल्द ऐसे अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो दोनों पक्षों के लिए सुविधाजनक हो।
Darul Uloom ने Kanwar Yatra पर छात्रों को दी सलाह, मार्गों पर न करें अनावश्यक आवाजाही
सहारनपुर (उप्र), पांच अगस्त सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम ने कांवड़ यात्रा के दौरान अपने विद्यार्थियों के लिए विशेष परामर्श जारी करते हुए उन्हें कांवड़ मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से परहेज करने को कहा है। बुधवार शाम जारी एक लिखित आदेश में छात्रावास प्रभारी मौलाना अशरफ अब्बास ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए यह परामर्श जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों से कांवड़ मार्गों और जीटी रोड पर अनावश्यक आवाजाही से बचने और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
साथ ही छात्रों को आरक्षित बोगियों में ही यात्रा करने और हर समय दारुल उलूम द्वारा जारी पहचान पत्र साथ रखने को भी कहा गया है। दारुल उलूम ने कहा कि सूर्यास्त के बाद किसी भी छात्र को बिना पहचान पत्र के परिसर में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।
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