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Kitchen Vastu Tips: किचन में रखी ये 5 चीजें कभी ना होने दें पूरी तरह खाली, वरना रुक सकती है घर की बरकत और छा सकती है कंगाली!

Kitchen Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन घर किसी भी घर में सुख और समृद्धि का केंद्र होता है. क्या आप जानते हैं कि अगर किचन में कुछ चीजों को पूरी तरह खत्म हो जाएं तो यह आपकी वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है? खाली डिब्बे ना केवल नकारात्मकता को आकर्षित करते हैं बल्कि आपके घर की शांति को भी प्रभावित करते हैं. आज हम पांच ऐसी आवश्यक चीजों के बारे में चर्चा करेंगे, जिन्हें आपको पूरी तरह समाप्त नहीं होने देना चाहिए...

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उत्तराखंड के मदरसों में अब नए सिलेबस से होगी पढ़ाई, इसी सत्र से लागू होगा पाठ्यक्रम, जानें क्या बदलेगा

Uttarakhand Madrasas: उत्तराखंड में मदरसों समेत सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है. राज्य सरकार ने मुस्लिम, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई और पारसी समुदाय के शिक्षण संस्थानों के लिए नया धार्मिक शिक्षा पाठ्यक्रम तैयार किया है. इसे इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी है. इसके साथ ही उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. नए पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को धार्मिक शिक्षा के साथ नैतिक और सामाजिक विषयों की भी जानकारी दी जाएगी.

नए पाठ्यक्रम को कक्षा 1 से 8वीं और 9वीं से 12वीं तक के लिए अलग-अलग तैयार किया गया है. पहली से आठवीं तक की अध्ययन सामग्री तैयार हो चुकी है. इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन उपलब्ध कराया जाएगा और इसी के आधार पर परीक्षाएं भी होंगी. नौवीं से 12वीं तक का पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया गया है. सरकार जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इसका विमोचन कराने की तैयारी कर रही है. हालांकि, पाठ्यक्रम की किताबें अगले शैक्षणिक सत्र में बजट की व्यवस्था होने के बाद प्रकाशित की जाएंगी.

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धार्मिक शिक्षा के साथ पढ़ेंगे ये विषय

नए सिलेबस में धार्मिक शिक्षा के अलावा नैतिक मूल्य, स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास, डिजिटल व्यवहार, नशे से बचाव और आपसी भाईचारे जैसे विषय शामिल किए गए हैं. सरकार का उद्देश्य है कि अल्पसंख्यक संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक और सामाजिक विषयों की जानकारी भी मिले.

मदरसा बोर्ड की जगह बना अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण

उत्तराखंड सरकार ने मदरसा बोर्ड को भंग कर उसकी जगह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया है. इसके बाद सभी अल्पसंख्यक समुदायों के शिक्षण संस्थानों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया गया. अब संस्थानों को निर्धारित सिलेबस के अनुसार ही धार्मिक शिक्षा देनी होगी.

मान्यता नहीं लेने पर लगेगा जुर्माना

सरकार की ओर से पारित अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे संस्थानों को बंद करने और वहां रिसीवर नियुक्त करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है. पहले उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड के तहत 452 मदरसे संचालित थे. अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनने के बाद अब तक 35 संस्थानों को मान्यता मिली है. जानकारी के मुताबिक, आधे से अधिक मदरसे बंद हो चुके हैं. वहीं, करीब 80 संस्थानों ने शिक्षा विभाग से मान्यता ली है और 100 से अधिक संस्थानों के आवेदन लंबित हैं.

उत्तराखंड में मदरसों की स्थिति

उत्तराखंड में पुराने मदरसा बोर्ड के तहत कुल 452 मदरसे पंजीकृत थे. नए अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन और मान्यता के नियमों में बदलाव के बाद इनमें से 227 मदरसे बंद हो चुके हैं. अब तक 35 मदरसों को अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता मिली है, जबकि शिक्षा विभाग से भी 76 मदरसों को मान्यता दी गई है. इसके अलावा कई संस्थानों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है. इस तरह राज्य में मदरसों के संचालन और मान्यता की व्यवस्था में बदलाव हुआ है.

अवैध मदरसों पर हुईं कार्रवाईयां

उत्तराखंड में बिना मान्यता और निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने अलग-अलग जिलों में कार्रवाई की है. शुरुआती कार्रवाई के दौरान 17 से अधिक मदरसों को सील किया गया था. अक्टूबर 2026 तक हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के हल्द्वानी समेत कई इलाकों में कार्रवाई जारी रही. ऊधमसिंह नगर में 10 और मदरसों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, 227 मदरसों के बंद होने और सील किए जाने के आंकड़ों को अलग-अलग समझना जरूरी है, क्योंकि बंद होने वाले सभी मदरसे प्रशासन की ओर से सील नहीं किए गए हैं.

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  Sports

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