पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच मध्य पूर्व क्षेत्र में विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर सवार कम से कम तीन भारतीय नाविक मारे गए और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी मंगलवार को जहाजरानी महानिदेशालय ने दी। यह घटना अमेरिका, इज़राइल और ईरान की सैन्य कार्रवाइयों के बीच घटी है, जिनसे प्रमुख व्यापार मार्गों में व्यवधान उत्पन्न होने का खतरा है। जहाजरानी महानिदेशालय ने कहा कि क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़ी चार घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें तीन नाविकों की मौत हुई है और एक घायल हुआ है। ये सभी नाविक विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत थे।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के कुछ दिनों बाद, मंगलवार को भी अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों ने ईरान पर अपना आक्रमण जारी रखा। तेहरान और उसके सहयोगियों ने इज़राइल, पड़ोसी खाड़ी देशों और वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना पर जवाबी कार्रवाई की। जहाजरानी अधिकारियों ने समुद्री संचालकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर यात्रा-विशिष्ट जोखिमों का आकलन करें। इस संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी जैसे प्रमुख व्यापार मार्गों को गंभीर रूप से खतरे में डाल दिया है। वाणिज्यिक जहाजों और चालक दल पर हमलों में वृद्धि के कारण 200 से अधिक जहाज वर्तमान में उच्च जोखिम वाले क्षेत्र से बचने के लिए लंगर डाले हुए हैं या अपना मार्ग बदल रहे हैं।
एक परामर्श में, जहाजरानी महानिदेशालय ने कहा कि वह फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में विकसित हो रही समुद्री सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। इसने कहा कि हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से उत्पन्न खतरों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधि, इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप और अन्य समुद्री सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं। सभी हितधारकों को कड़ी निगरानी रखने और यात्रा-विशिष्ट जोखिम आकलन करने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में चलने वाले जहाजों को सुरक्षा व्यवस्था और ब्रिज वॉच को मजबूत करने, निरंतर संचार की सुविधा सुनिश्चित करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी गई है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से गुजरने के दौरान ऑपरेटरों द्वारा मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर निगरानी की जाएगी, ऐसा जहाजरानी प्राधिकरण ने कहा।
जहाज महानिदेशालय ने कहा कि शेष भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उनकी निरंतर सुरक्षा, कुशलक्षेम और समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए अन्य अधिकारियों और हितधारकों के साथ निकट समन्वय में काम कर रहा है।
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एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका की टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में खड़ी है। बता दें कि आईसीसी के सीमित ओवरों के वर्ल्ड कप में यह नौवां मौका है जब टीम अंतिम चार में पहुंची है। हालांकि गौरतलब है कि इतने मौकों के बावजूद ट्रॉफी अब तक हाथ नहीं लगी है।
मौजूद जानकारी के अनुसार पिछली टी20 वर्ल्ड कप में टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन खिताबी मुकाबले में भारत से हार झेलनी पड़ी थी। बड़े टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों में दबाव झेलने में नाकामी को लेकर टीम पर ‘चोकर्स’ का टैग भी लगाया जाता रहा है।
हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 में पांच विकेट से जीत के बाद जब मुख्य कोच शुक्री कॉनराड से इस टैग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में आधिकारिक ब्रॉडकास्टर के एक विज्ञापन पर भी टिप्पणी की, जिसमें कपकेक के जरिए टीम पर तंज कसा गया था। बाद में वह विज्ञापन हटा लिया गया था।
कोनराड का कहना है कि उनकी टीम अब दबाव में टूटने के बजाय हालात को संभालना जानती है। उन्होंने कहा कि अच्छी टीम वही होती है जो मुश्किल समय में भी नतीजा अपने पक्ष में निकाल ले। टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका ने यह साबित भी किया है। भारत, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उसने प्रभावी जीत दर्ज की, वहीं अफगानिस्तान को सुपर ओवर में हराया और जिम्बाब्वे के खिलाफ भी संघर्षपूर्ण मुकाबले में बाजी मारी।
गौरतलब है कि बल्लेबाजों के साथ-साथ तेज गेंदबाजों ने भारतीय पिचों पर खास प्रभाव छोड़ा है। कोच ने साफ कहा कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट की पहचान हमेशा तेज गेंदबाज रहे हैं, जो 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। भारतीय परिस्थितियों में सटीक यॉर्कर, बदलाव और अतिरिक्त गति ने टीम को बढ़त दिलाई है।
बता दें कि पिछले साल टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीतकर आईसीसी टूर्नामेंट में लंबा सूखा जरूर खत्म किया था, लेकिन सफेद गेंद के वर्ल्ड कप में ट्रॉफी जीतना अब भी बड़ा लक्ष्य बना हुआ है।
अब दक्षिण अफ्रीका टूर्नामेंट की इकलौती अजेय टीम के रूप में सेमीफाइनल में उतरने जा रही है, जहां उसका सामना न्यूजीलैंड से कोलकाता में होगा। मौजूदा फॉर्म और संतुलित प्रदर्शन को देखते हुए टीम खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है और यह टूर्नामेंट उनके लिए इतिहास बदलने का सुनहरा मौका साबित हो सकता है
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