होली से पहले दिल्ली पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं, मादक पदार्थों के तस्करों और आदतन अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 1 और 2 मार्च को ऑपरेशन आघट 4.0 चलाया, ताकि त्योहार के दौरान अवैध गतिविधियों को रोका जा सके। एएनआई से बात करते हुए संयुक्त आयुक्त संजय कुमार जैन ने बताया कि यह अभियान बेहद सफल रहा। लगभग 4,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 975 से अधिक को एहतियाती हिरासत में लेकर उन पर आरोप लगाए गए।
संयुक्त आयुक्त संजय कुमार जैन ने कहा कि होली के त्योहार से पहले आपराधिक तत्वों, विशेष रूप से अवैध शराब विक्रेताओं, मादक पदार्थों के तस्करों और आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए 1 और 2 मार्च को ऑपरेशन आघट 4.0 शुरू किया गया और चलाया गया, ताकि उन्हें होली की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि करने से रोका जा सके... यह अभियान एक बड़ी सफलता रही, जिसमें लगभग 4,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 975 से अधिक को एहतियाती हिरासत में लिया गया और उन पर आरोप लगाए गए।
जैन ने बताया कि मादक पदार्थों से संबंधित अधिनियम के तहत 220 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, साथ ही शस्त्र अधिनियम, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम, बीएनएस अधिनियम और जुआ अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के लिए 550 से अधिक व्यक्तियों पर मुकदमा चलाया गया और डीपी अधिनियम के तहत 475 से अधिक वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने संपत्ति संबंधी छह अपराधियों को भी गिरफ्तार किया और नौ मोटरसाइकिलें और 20 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।
जैन ने कहा कि हमने मादक पदार्थों से संबंधित अधिनियम के तहत 220 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया, साथ ही शस्त्र अधिनियम, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम, बीएनएस अधिनियम और जुआ अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने के लिए 550 से अधिक लोगों पर मुकदमा चलाया गया और डीपी अधिनियम के तहत 475 से अधिक वाहन जब्त किए गए। हमने संपत्ति संबंधी छह अपराधियों को भी गिरफ्तार किया और नौ मोटरसाइकिलें और 20 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके अतिरिक्त, शस्त्र अधिनियम के तहत 33 मामले दर्ज किए गए, जिसके परिणामस्वरूप 35 आग्नेयास्त्र और 23 चाकू जब्त किए गए। उन्होंने आगे बताया कि शराब की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली अधिनियम के तहत पांच मामलों सहित लगभग 60 अवैध शराब के मामले दर्ज किए गए और 19,000 से अधिक क्वार्टर जब्त किए गए। जैन ने कहा कि हमने शस्त्र अधिनियम के तहत 33 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 35 आग्नेयास्त्र और 23 चाकू बरामद किए गए हैं... हमने शराब की अवैध बिक्री के लगभग 60 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें दिल्ली अधिनियम के तहत पांच मामले शामिल हैं... होली के दौरान अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए शराब की अवैध बिक्री के लगभग 60 मामले दर्ज किए गए और 19,000 से अधिक क्वार्टर जब्त किए गए।
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एआई की दुनिया में इन दिनों हलचल तेज है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ हुए समझौते में कंपनी को थोड़ा और समय लेना चाहिए था। बता दें कि यह डील अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एआई तकनीक के उपयोग को लेकर की गई थी, जिस पर सोशल मीडिया में काफी विरोध देखने को मिला।
मौजूद जानकारी के अनुसार यह विवाद तब और बढ़ा जब एंथ्रोपिक का पेंटागन के साथ अनुबंध समाप्त हो गया। एंथ्रोपिक ने अपनी एआई प्रणाली से कुछ सुरक्षा उपाय हटाने से इनकार किया था, जिसके बाद उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया। इसी के कुछ घंटों बाद ओपनएआई ने पेंटागन के साथ समझौते की घोषणा कर दी, जिसे कई लोगों ने अवसरवादी कदम बताया।
ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर माना कि पूरी स्थिति “साफ-सुथरी” नहीं दिखी और इससे गलत संदेश गया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सीखने का अनुभव रहा है, खासकर ऐसे समय में जब फैसले बड़े दांव पर लगे होते हैं।
गौरतलब है कि बढ़ते विवाद के बाद ओपनएआई ने अपने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों में बदलाव किया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसकी एआई प्रणाली का उपयोग अमेरिकी नागरिकों की व्यापक घरेलू निगरानी के लिए नहीं किया जा सकता। यह प्रावधान अमेरिका के संविधान के चौथे संशोधन, 1947 के नेशनल सिक्योरिटी एक्ट और 1978 के फिसा एक्ट जैसे कानूनों के अनुरूप रखा गया है।
ऑल्टमैन ने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी रक्षा विभाग इस सीमा को समझता है और वह जानबूझकर अमेरिकी नागरिकों की ट्रैकिंग या निगरानी के लिए ओपनएआई की तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी जैसी खुफिया एजेंसियां सीधे तौर पर ओपनएआई की सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगी, जब तक कि अलग से संशोधित समझौता न हो।
दिलचस्प बात यह रही कि इस डील के बाद अमेरिका में चैटजीपीटी को अनइंस्टॉल करने की संख्या में तेज उछाल दर्ज किया गया। डेटा फर्म Sensor Tower के मुताबिक 28 फरवरी को चैटजीपीटी अनइंस्टॉल में करीब 295 प्रतिशत की दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ क्लॉड की डाउनलोड में 51 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई और यह अमेरिकी एप्पल ऐप स्टोर में नंबर एक पर पहुंच गया।
पॉप स्टार कैटी पेरी ने भी क्लॉड के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया, जिससे इस बहस को और हवा मिली।
ऑल्टमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से कोई असंवैधानिक आदेश दिया जाता है तो वह उसे स्वीकार नहीं करेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें कानूनी जोखिम उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक अभी कई मामलों में पूरी तरह तैयार नहीं है और सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
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