चाइल्डहुड ओबेसिटी: जब आपका 'मोटा' कहना बच्चे के लिए बन जाए मानसिक ट्रॉमा
नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। अक्सर हम बड़े लोग बिना सोचे-समझे बच्चों को 'मोटा', 'छोटा हाथी' या 'गोलू-मोलू' जैसे शब्द कह देते हैं। हमें लगता है कि ये तो बस मज़ाक है, प्यार से कहा गया नाम है, इसमें बुरा मानने जैसा क्या है? लेकिन सच ये है कि बच्चे इन शब्दों को मजाक की तरह नहीं लेते। उनके लिए ये शब्द धीरे-धीरे दिल पर लगने वाली चोट बन जाते हैं।
चाइल्डहुड ओबेसिटी: जब आपका 'मोटा' कहना बच्चे के लिए बन जाए मानसिक ट्रॉमा
नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। अक्सर हम बड़े लोग बिना सोचे-समझे बच्चों को 'मोटा', 'छोटा हाथी' या 'गोलू-मोलू' जैसे शब्द कह देते हैं। हमें लगता है कि ये तो बस मज़ाक है, प्यार से कहा गया नाम है, इसमें बुरा मानने जैसा क्या है? लेकिन सच ये है कि बच्चे इन शब्दों को मजाक की तरह नहीं लेते। उनके लिए ये शब्द धीरे-धीरे दिल पर लगने वाली चोट बन जाते हैं।
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