दबी हुई ऊर्जा का सांस्कृतिक विस्तार है होली, पढ़ें परिचय दास का आलेख
पीली सरसों की गंध और गुलाल की महक जब हवा में मिलती है, तो एक बहु-इंद्रिय संसार बनता है-दृश्य, गंध, स्पर्श और ध्वनि का संयुक्त अनुभव. होली मनुष्य को यह स्मरण कराती है कि वह केवल विचारशील प्राणी नहीं, संवेदनशील भी है.
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अमेरिकी राजदूत गोर कुछ ज्यादा ही सक्रिय हैं, पढ़ें प्रभु चावला का आलेख
नयी दिल्ली में गोर का अति सक्रिय आधिपत्य एक चेतावनी भरी कथा के रूप में काम करना चाहिए. गोर भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को आगे बढ़ाने, रूसी तेल खरीद से जुड़े टैरिफ समायोजन पर बातचीत करने और सेमीकंडक्टर तथा एआइ आपूर्ति शृंखलाओं के लिए 'पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन' जैसी पहलों का समर्थन करने में सहायक रहे हैं. अपने उद्घाटन दूतावास संबोधन और बाद की टिप्पणियों में उन्होंने खुद को एक अपरिहार्य सेतु निर्माता के रूप में पेश किया है. राजनयिकों को अदृश्य प्रेरक बने रहना चाहिए, सलाहकार के रूप में कार्य नहीं करना चाहिए.
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