भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल 43 साल पुरानी राइवलरी:4 भिड़ंत में 2-2 से बराबर; 1983 और 2024 में अंग्रेजों को हराया, चैंपियन भी बने
भारत और इंग्लैंड ICC टूर्नामेंट्स में पांचवीं बार सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। अब तक खेले गए चार मुकाबलों में दोनों टीमों का 2-2 जीत के साथ हिसाब बराबर है। दिलचस्प बात यह है कि 1983 और 2024 में जब-जब भारत ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया, तब-तब टीम इंडिया चैंपियन भी बनी। इस कहानी की शुरुआत 1983 वर्ल्ड कप से हुई, जब भारत ने इंग्लैंड को हराया था। 1987 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीत दर्ज कर बराबरी कर ली। इसके बाद 35 साल तक दोनों टीमों की सेमीफाइनल में टक्कर नहीं हुई। 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में, जब भारत खिताब के करीब था, तब इंग्लैंड ने 10 विकेट से जीत हासिल कर ली। हालांकि, भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप में उस हार का बदला लेते हुए फिर से हिसाब बराबर कर दिया। भारत ने ICC टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा सेमीफाइनल इंग्लैंड के खिलाफ ही खेले हैं। इस बार जो भी टीम जीतेगी, वह 43 साल पुरानी इस राइवलरी में 3-2 की बढ़त हासिल कर लेगी। जानते हैं अब तक हुए चारों मुकाबलों की ब्रीफ कहानी- 1. 1983- जब ‘अंडरडॉग’ भारत ने इंग्लैंड का घमंड तोड़ा 1983 के सेमीफाइनल में भारत ने मेजबान इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में मुकाबले से पहले इंग्लिश मीडिया और एक्सपर्ट्स ने भारत की हार लगभग तय मान ली थी। टॉस हारने के बावजूद कप्तान कपिल देव ने धीमी पिच को भांप लिया। इंग्लैंड की पूरी टीम 60 ओवर में 213 रन पर सिमट गई। कपिल देव ने 3 विकेट लिए, जबकि मोहिंदर अमरनाथ ने 12 ओवर में सिर्फ 27 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 214 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत साधारण रही। 50 रन पर 2 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद अमरनाथ (46 रन) और यशपाल शर्मा (61 रन) ने 92 रन की साझेदारी कर पारी को स्थिरता दी। यशपाल का बॉब विलिस पर जड़ा गया लेग-साइड छक्का आज भी मशहूर है। जब भारत जीत के करीब था, तब संदीप पाटिल ने मुकाबले को यादगार बना दिया। उन्होंने बॉब विलिस के एक ओवर में 4 चौके जड़ते हुए इंग्लैंड की उम्मीदें तोड़ दीं। पाटिल ने 32 गेंदों में नाबाद 51 रन की तेज पारी खेली। इस जीत ने भारत को वह आत्मविश्वास दिया, जिसके दम पर टीम ने लॉर्ड्स में फाइनल खेला और आगे चलकर दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप अपने नाम किया। 2. 1987 – गूच की ‘स्वीप’ मास्टरक्लास से 83 की हार का बदला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड ने भारत को 35 रन से हराकर 1983 की हार का हिसाब बराबर कर दिया। घरेलू मैदान पर खिताब जीतने का भारतीय सपना यहीं टूट गया। इस मैच की सबसे बड़ी कहानी थे ग्राहम गूच। स्पिन के लिए मशहूर पिच पर उन्होंने भारतीय स्पिनरों मनिंदर सिंह और रवि शास्त्री के खिलाफ स्वीप शॉट की बौछार कर दी। गूच ने अपनी पारी में 11 चौके लगाए और 136 गेंदों पर 115 रन बनाए। तीसरे विकेट के लिए उन्होंने माइक गेटिंग के साथ 117 रन की अहम साझेदारी की। इंग्लैंड ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 254 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। यह मुकाबला सुनील गावस्कर के वनडे करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ। वे सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। 255 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 64 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। भारत ने आखिरी 5 विकेट महज 15 रन के भीतर गंवा दिए और 45.3 ओवर में 219 रन पर सिमट गया। दिलचस्प संयोग यह रहा कि 1983 में भारत ने इंग्लैंड को उसके घर में हराया था। चार साल बाद इंग्लैंड ने भारत को भारत में हराकर बदला पूरा किया। 3. 2022- बटलर-हेल्स की 170 रन की अटूट साझेदारी ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल में इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया। 169 रन के लक्ष्य को इंग्लैंड ने सिर्फ 16 ओवर में हासिल कर लिया। इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर (80* रन, 49 गेंद) और एलेक्स हेल्स (86* रन, 47 गेंद) ने 170 रन की नाबाद ओपनिंग साझेदारी की। यह उस समय टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 168/6 बनाए। विराट कोहली ने 50 (40 गेंद) की पारी खेली। इस मैच में वे टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। हार्दिक पंड्या ने 63 (33 गेंद, 4 चौके और 5 छक्के) बनाए। लेकिन पावरप्ले में मैच का रुख तय हो गया। भारत ने पहले 6 ओवर में 38 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड ने 63/0 रन बना डाले। नई गेंद से भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इसके बाद हेल्स को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उनकी पारी में 7 छक्के और 4 चौके शामिल थे। 4. 2024- कप्तान रोहित ने चुकता किया हिसाब 27 जून 2024, गयाना का प्रोविडेंस स्टेडियम। दो साल पहले एडिलेड में मिली 10 विकेट की चोट अभी ताजा थी। भारत ने इंग्लैंड को 68 रन से हराकर न सिर्फ फाइनल का टिकट कटाया, बल्कि 2022 की हार का हिसाब भी बराबर कर दिया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। विराट कोहली (9) और ऋषभ पंत (4) जल्दी लौट गए। ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा ने जिम्मेदारी ली। उन्होंने 39 गेंदों में 57 रन बनाए और सूर्यकुमार यादव (47 रन) के साथ 73 रन की अहम साझेदारी की। बारिश की रुकावटों के बीच भारत ने 20 ओवर में 171/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड ने 3 ओवर में 26 रन बना लिए थे और लय में दिख रही थी। तभी अक्षर पटेल ने अपनी पहली ही गेंद पर कप्तान जोस बटलर को आउट कर दिया। उन्होंने 4 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। उनके बाद कुलदीप यादव ने भी 3 विकेट निकाले और इंग्लैंड का मध्यक्रम टिक ही नहीं पाया। 172 रन के लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड 16.4 ओवर में सिर्फ 103 रन पर सिमट गया। सेमीफाइनल में लगातार तीसरी बार होगा सामना टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और इंग्लैंड तीसरी बार आमने-सामने होंगे। 2022 में इंग्लैंड ने जीत हासिल की थी, वहीं 2024 में भारत विजयी रहा। अब 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दोनों के बीच दूसरा सेमीफाइनल शाम 7 बजे से शुरू होगा। ------------------------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें --------------------------------------------- टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने वाले 5 हीरोज; सैमसन ने विंडीज से करो या मरो मैच जिताया डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने छठी बार टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। टीम इंडिया ने अपने अभियान का आगाज लीग स्टेज के तीनों मैच जीतकर किया। लेकिन, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम पहला सुपर-8 मैच साउथ अफ्रीका से हार गई। इसके बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई थी। स्टोरी में इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले 5 हीरोज…पढ़ें पूरी खबर
टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का फॉर्मूला इंडियन प्रीमियर लीग:सेमीफाइनल पहुंचने वाली टीमों में 83% IPL प्लेयर्स, टीम इंडिया में 2 फ्रेंचाइजी के कप्तान
IPL अब सिर्फ एक लीग नहीं रही। वर्ल्ड कप हो या फिर एशिया कप। इंडियन प्रीमियर लीग टीमों की जीत का फॉर्मूला है। यही कारण है कि बड़ी टीमों में IPL प्लेयर्स का दबदबा साफ नजर आता है। मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों के 60 में से 50 खिलाड़ी IPL खेल चुके हैं। जोकि 83% है। पिछला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम में सभी प्लेयर्स भारतीय लीग खेल चुके हैं। भारत के सभी खिलाड़ी IPL खेले, अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड में 70% से ज्यादा भारत की पूरी टीम IPL में खेल चुकी है। टीम में 2 IPL फ्रेंचाइजी के कप्तान भी हैं। इनमें हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस और अक्षर पटेल दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हैं। जबकि सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह मुंबई का अहम हिस्सा है। ईशान किशन हैदराबाद, संजू सैमसन चेन्नई और कुलदीप यादव दिल्ली के पास हैं। साउथ अफ्रीका में 15 में से 13 खिलाड़ी IPL का अनुभव रखते हैं। ऐडन मार्करम, डेविड मिलर, क्विंटन डी कॉक और कगिसो रबाडा जैसे नाम हैं। न्यूजीलैंड के 11 खिलाड़ी IPL खेल चुके हैं। डेवोन कॉन्वे, मिचेल सैंटनर और डेरिल मिचेल चेन्नई से जुड़े रहे। लॉकी फर्ग्यूसन पंजाब, कोलकाता और गुजरात से खेले। जेम्स नीशम और ग्लेन फिलिप्स ने भी अलग-अलग फ्रेंचाइजी के लिए प्रदर्शन किया। टीम में चार खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने IPL नहीं खेला। इंग्लैंड के 11 खिलाड़ी IPL खेलते हैं। जोस बटलर, हैरी ब्रूक और सैम करन जैसे नाम खास हैं। बटलर राजस्थान, मुंबई और गुजरात से जुड़े रहे। फिल सॉल्ट, विल जैक्स और जोफ्रा आर्चर भी IPL का अनुभव रखते हैं। चार खिलाड़ी ऐसे हैं जो लीग का हिस्सा नहीं रहे। मुंबई-दिल्ली के 8-8 प्लेयर्स सेमीफाइनल का हिस्सा अगर फ्रेंचाइजी के लिहाज से देखें तो मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के 8-8 खिलाड़ी वर्ल्ड कप की सेमीफाइनलिस्ट टीम का हिस्सा हैं। वहीं, गुजरात टाइटंस के 7 खिलाड़ी मौजूद हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के 6 खिलाड़ी मैदान में हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स के 5 खिलाड़ी सेमीफाइनल का हिस्सा हैं। लखनऊ और हैदराबाद के 2-2 प्लेयर्स टॉप-4 टीमों में शामिल हैं। भारतीय टीम के पास 1630 मैचों का अनुभव, NZ में 194 भारतीय टीम के पास सबसे ज्यादा 1630 मैचों का अनुभव है। कप्तान सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के पास 100 से ज्यादा मैचों का अनुभव है। इंग्लैंड के पास 315 IPL मैचों का अनुभव है। जोस बटलर ही 100 से ज्यादा मैचों का एक्सपीरियंस रखते हैं। साउथ अफ्रीकी टीम के पास 603 मैचों का अनुभव है। क्विंटन डी कॉक 115 और डेविड मिलर 141 IPL मैच खेल चुके हैं। न्यूजीलैंड के प्लेयर्स ने सबसे कम IPL मैच खेले हैं। कीवियों के पास 194 मैचों का अनुभव है। टीम में कोई ऐसा प्लेयर नहीं है, जो कम से कम 50 मैचों का अनुभव रखता हो। भारत को वर्ल्ड कप जिताने वाले सभी प्लेयर्स IPL खेले पिछले टी-20 वर्ल्ड कप की बात करें तो 2024 का खिताब जीतने वाले भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी IPL का हिस्सा रहे हैं। वहीं, रनरअप रही साउथ अफ्रीका के 15 में से 13 प्लेयर्स ने IPL खेला था, जोकि 86% है। ------------------------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें --------------------------------------------- टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने वाले 5 हीरोज; सैमसन ने विंडीज से करो या मरो मैच जिताया डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने छठी बार टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। टीम इंडिया ने अपने अभियान का आगाज लीग स्टेज के तीनों मैच जीतकर किया। लेकिन, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम पहला सुपर-8 मैच साउथ अफ्रीका से हार गई। इसके बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई थी। स्टोरी में इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले 5 हीरोज…पढ़ें पूरी खबर
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