कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव से प्रभावित कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए त्वरित कदम उठाने का आग्रह किया। X पर साझा किए गए एक पोस्ट में सिद्धारमैया ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से प्रभावित कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीयों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मैंने राजनयिक प्रयासों को मजबूत करने, आवश्यकता पड़ने पर विशेष वापसी उड़ानों की व्यवस्था करने और दूतावासों और एयरलाइंस के माध्यम से समन्वित सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है। कर्नाटक अपने लोगों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण सहयोग देने को तैयार है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे अपने पत्र में पश्चिम एशिया के कई देशों द्वारा जारी किए गए हालिया हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों और NOTAM (नोटिफिकेशन अलर्ट) के प्रभाव पर चिंता व्यक्त की, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों के कारण बड़ी संख्या में कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, विशेष रूप से यूएई (दुबई) जैसे प्रमुख पारगमन केंद्रों पर।
पत्र में लिखा था कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी हालिया सलाह के अनुसार, पश्चिम एशिया के कई देशों ने हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और NOTAM जारी किए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ है। इन घटनाक्रमों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में कन्नड़ भाषी और अन्य भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं, विशेष रूप से यूएई (दुबई) जैसे प्रमुख पारगमन केंद्रों पर। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति, जिसमें शत्रुता और नागरिक हवाई क्षेत्र बंद होना शामिल है, ने कर्नाटक और पूरे भारत में प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों के बीच व्यापक अनिश्चितता और संकट पैदा कर दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्य सचिव कार्यालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और स्वदेश वापसी के उपायों का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ पहले ही समन्वय कर लिया है, जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय को एयरलाइंस के साथ लचीले पुनर्निर्धारण, जुर्माने की माफी और फंसे हुए यात्रियों को अंतरिम सहायता प्रदान करने के लिए काम करने को कहा गया है।
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल के लिए चार टीमें तय हो गई हैं। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच पहला सेमीफाइनल तो भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल खेला जाएगा। वहीं जो भी टीम इस बार चैंपियन बनेगी उसे प्राइज मनी के तौर पर कितनीराशि दी जाएगी। साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को कितनी धनराशि मिलेगी। आईसीसी ने काफी पहले ही इस बढ़ाने का ऐलान कर दिया था।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इस बार कुल 20 टीमें खेल रही थीं। पहले राउंड के बाद केवल आठ टीमें बची और बाकी सारी बहस हो गईं। अब जबकि सुपर 8 का राउंड भी खत्म हो गया तो सेमीफाइनल की चारों टीमें साफ हो गई हैं। इन चारों टीमों के बीच खिताबी घमासान देखने को मिलेगा। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच पहला सेमीफाइनल तो भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल खेला जाएगा। जो भी टीमें सेमीफाइनल में जीत दर्ज करेंगी उनके बीच फाइनल की जंग होगी।
इस बीच अगर प्राइज मनी की बात की जाए तो साल 2024 में जब टीम इंडिया ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था उस दौरान प्राइज मनी के तौर पर 20.4 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बार रकम को बढ़ा दिया गया है। कहा जा रहा है कि, विजेता टीम को इस दफा 27 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिलेगी। दरअसल, इस बार आईसीसी ने कुल मिलाकर टीमों के लिए 120.37 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
वहीं फाइनल तक जाने वाली लेकिन एक मैच चूकने और रनअप रहने वाली टीमों पर भी धनवर्षा होगी। रनअप रहने वाली टीम को 14.65 करोड़ रुपये मिलेंगे। सेमीफाइनल की चार टीमें तय हो गई हैं। जो टीम अब यहां से आगे नहीं जाएगी, उसे भी 7.24 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
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