ईरान में फंसे भारतीय छात्रों ने लगाई भारत सरकार से गुहार, सुरक्षित निकासी की मांग
इस्फहान, 2 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के शहर इस्फहान में फंसे भारतीय छात्रों के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। छात्रों ने भारत सरकार से अपील की है कि स्थिति सामान्य होने तक उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए या स्वदेश वापस लाने की व्यवस्था की जाए।
इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज की छात्रा फातिमा ने वीडियो जारी कर बताया कि वर्तमान में लगभग 25 से 30 भारतीय छात्र इस क्षेत्र में मौजूद हैं और लगातार चिंता में जी रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि हालात स्थिर होने तक हमें किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए या हमारे माता-पिता के पास भारत भेजा जाए।”
फातिमा ने स्पष्ट किया कि छात्र पहले इसलिए नहीं लौट सके, क्योंकि उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धताएं बाधा बनीं। उन्होंने बताया, “हम नहीं रुकना चाहते थे, लेकिन कक्षाओं, परीक्षाओं, अस्पताल की शिफ्टों और शैक्षणिक दौरों के कारण यहां रुकना अपरिहार्य था।”
छात्रा के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को सूचित किया है कि अगला सेमेस्टर ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा, जिससे उन्हें ईरान में रहने या घर लौटने का विकल्प मिलेगा और वे अप्रैल में परीक्षा देने वापस आ सकते हैं, हालांकि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अस्पताल में प्रतिदिन ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया गया है।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से उन्हें केवल छात्रावास में रहने और बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। उन्होंने दावा किया,“हम पर मौजूदा छात्रावास खाली कर दूसरे छात्रावास में जाने का दबाव डाला जा रहा है। दिन-रात हमसे कमरा खाली करने को कहा जा रहा है।”
फातिमा ने बताया कि कई छात्र इस समय परिसर से बाहर किराए के आवासों में रह रहे हैं और सीमित संसाधनों के सहारे गुजारा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,“दुकानें बंद हैं, ऑनलाइन ऑर्डर संभव नहीं है और हमें बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। हम जो भी सामान हमारे पास है, उसे आपस में बांटकर काम चला रहे हैं। इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण भारत में अपने परिवारों से संपर्क करना भी कठिन हो गया है।
छात्रा ने यह भी कहा कि हाल ही में उनके इलाके के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि सटीक स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन घटना कैंपस के करीब होने की आशंका जताई जा रही है। फातिमा ने कहा,“हम छात्रावास में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। घर पर भी सुरक्षा का एहसास नहीं है। चारों ओर दहशत और अनिश्चितता का माहौल है।”
उन्होंने बताया कि भारत में उनके परिवारजन लगातार समाचारों के माध्यम से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और बेहद चिंतित हैं। माता-पिता हमसे भी ज्यादा डरे हुए हैं।
छात्रों ने भारतीय अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप करने और सामान्य स्थिति बहाल होने तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
--आईएएनएस
एएसएच/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पड़ोसी देशों पर ईरान के लगातार हमले, सैन्य ठिकानों के साथ नागरिक ढांचे भी निशाने पर
तेहरान, 2 मार्च (आईएएनएस)। दुबई, अबू धाबी और दोहा में सोमवार सुबह से ही धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान कई पड़ोसी देशों पर लगातार हमलावर बना हुआ है। इन हमलों में सैन्य ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढांचे दोनों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच भी गोलीबारी हुई।
बहरीन में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह से ही तेज धमाकों और सायरनों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा रात में भी कई विस्फोट सुने गए।
शुरुआत में ईरानी हमले बहरीन में अमेरिकी नौसेना और सैन्य ठिकानों पर केंद्रित प्रतीत हुए। हालांकि अब हवाई अड्डों और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी टारगेट किया जा रहा है।
खाड़ी देशों में ऊंची-ऊंची रिहायशी इमारतें, लग्जरी होटल, शॉपिंग सेंटर और मॉडर्न एयरपोर्ट टर्मिनल पर छिटपुट हमले हुए हैं। एयर डिफेंस सिस्टम आने वाले खतरों की संख्या का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएनएन के जियोलोकेटेड एक ऑनलाइन वीडियो के अनुसार, कुवैत में एक अमेरिकी हवाई अड्डे के पास एक लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे बढ़ते युद्ध को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं। यह दुर्घटना तब हुई जब ईरान ने अपने क्षेत्र पर संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद खाड़ी में अपने अभियान को तेज कर दिया।
टकराव जारी रहने का संकेत इस बात से और बढ़ गया जब एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि तेहरान वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि कुवैत में तीन अमेरिकी सर्विस मेंबर्स के मारे जाने के बाद और भी अमेरिकी हताहत हो सकते हैं।
रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने 165 बैलिस्टिक मिसाइलें, दो क्रूज मिसाइलें और 541 ईरानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। इसके बावजूद पूरे क्षेत्र में धमाकों और सायरनों की आवाजें सुनी गईं।
सऊदी अरब और ओमान अब तक कम प्रभावित हुए हैं। ओमान ने अपने वाणिज्यिक बंदरगाह दुक़्म पर एक ड्रोन हमले की सूचना दी, जबकि सऊदी अधिकारियों ने कहा कि रियाद और पूर्वी प्रांत को निशाना बनाकर किए गए हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया, और इसे गलत हमला बताया।
हालांकि ईरान को पहले भी खाड़ी क्षेत्र में हुए हमलों से जोड़ा गया, लेकिन वर्तमान हमलों का पैमाना और तालमेल एक बड़ी और खतरनाक बढ़त दिखाता है।
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी
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