Dublin Airport पर Kumar Sangakkara के परिवार से Ryanair स्टाफ ने किया दुर्व्यवहार
आयरलैंड के डबलिन हवाई अड्डे पर श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान कुमार संगकारा को एक अप्रिय अनुभव का सामना करना पड़ा है। संगकारा ने आरोप लगाया है कि आयरिश विमानन कंपनी रयानएयर के बोर्डिंग गेट पर तैनात कर्मचारियों ने उनके और उनके परिवार के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया। राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच संगकारा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कर्मचारियों के व्यवहार को गलत और अस्वीकार्य बताया है।
48 वर्षीय संगकारा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी पोस्ट में रयानएयर को संबोधित करते हुए पूछा कि क्या डबलिन हवाई अड्डे पर किसी अन्य यात्री को भी कंपनी के गेट कर्मचारियों के भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि वह उस समय अपने परिवार के साथ मौजूद थे और कर्मचारियों के बात करने के तरीके, नियमों को लागू करने की प्रक्रिया और धमकी भरे व्यवहार से हैरान रह गए।
संगकारा ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी भी यात्री के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि डबलिन में यह उनका पहला खराब अनुभव था। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कर्मचारियों और उनके परिवार के बीच विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था। उनकी ओर से साझा की गई जानकारी में घटना की पूरी परिस्थितियों का विवरण नहीं दिया गया है।
संगकारा की इस पोस्ट के बाद श्रीलंका के ही संजीव वीरवारना ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में रहने और यात्रा करने के दौरान उन्हें कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा है। वीरवारना के मुताबिक, वह 16 साल तक वहां रहे और इसके बाद करीब 25 साल तक लगातार वहां आते-जाते रहे। उन्होंने अपनी टिप्पणी में कहा कि अब वह ऐसे देशों की यात्रा नहीं करना चाहते, जब तक कि ऐसा करना जरूरी न हो।
वीरवारना की बात का जवाब देते हुए संगकारा ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को खुद इस तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ता है, तो यह अनुभव काफी परेशान करने वाला होता है। इस बातचीत के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
गौरतलब है कि विमानन कंपनियों के कर्मचारियों को यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और बोर्डिंग से जुड़े नियमों का समान रूप से पालन कराने की जिम्मेदारी होती है। हालांकि, इस मामले में अभी तक विवाद की वजह और कर्मचारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, खबर लिखे जाने तक रयानएयर ने संगकारा के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी। ऐसे में घटना से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
क्रिकेट से संन्यास के बाद भी संगकारा खेल से जुड़े हुए हैं। उन्हें पिछले साल राजस्थान रॉयल्स का मुख्य कोच फिर से नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह 2021 से 2024 तक इस टीम के साथ जुड़े रहे और बाद में उन्हें क्रिकेट निदेशक की जिम्मेदारी भी दी गई। उनके कार्यकाल में राजस्थान रॉयल्स ने 2022 में 2008 के बाद पहली बार आईपीएल के फाइनल में जगह बनाई थी, जहां उसे गुजरात टाइटंस से हार मिली। 2026 के सत्र में टीम चौथे स्थान पर रही है।
New Zealand पर T20I सीरीज में व्हाइटवॉश का खतरा, Team India करेगी नए प्रयोग
पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय टीम शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में अपने टीम कॉम्बिनेशन के साथ प्रयोग करने और स्पिन विकल्पों को परखने की कोशिश करेगी। सीरीज पक्की हो जाने के बाद, बचे हुए दो मैचों में भारत के पास अन्य विकल्पों को आजमाने का मौका है, खासकर स्पिन विभाग में। हाल के महीनों में कम मौके मिलने के बाद, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को चयन के लिए विचारा जा सकता है।
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भारत ने काफी हद तक बल्लेबाजी पर ज्यादा जोर देने वाली रणनीति अपनाई है, जिसमें आठवें नंबर तक बल्लेबाजी के विकल्प मौजूद रहते हैं। इस रणनीति ने उन्हें हाई-स्कोरिंग सीरीज में दबदबा बनाए रखने में मदद की है। हालांकि, अब टीम मैनेजमेंट के पास एक अलग तरह का संतुलन आजमाने का मौका है। पिछले छह महीनों में चक्रवर्ती को अपनी लय पाने में संघर्ष करना पड़ा है और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही T20I सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, कुलदीप ने कई बार यह साबित किया है कि वह मिडिल ओवरों में विकेट चटकाने की क्षमता रखते हैं।
कुलदीप ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की घरेलू T20I सीरीज में दो मैच खेले थे, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। अगर उन्हें प्लेइंग XI में वापस लाया जाता है, तो उनके पास अपनी छाप छोड़ने का मौका होगा। हालांकि, इसके लिए भारत को अपनी उस रणनीति से हटना होगा, जिसमें बल्लेबाजी पर बहुत ज्यादा जोर दिया जाता है। न्यूजीलैंड के लिए, भारत का आक्रामक टॉप ऑर्डर एक बड़ी चुनौती रहा है। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और सूर्यवंशी - सभी ने आक्रामक खेल दिखाया है, जिससे मेजबान टीम के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बना रहा है।
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वेलिंगटन में भारत की बल्लेबाजी की ताकत पूरी तरह से देखने को मिली, जहां उन्होंने पहले छह ओवरों में रिकॉर्ड 118 रन बनाए। इससे पता चलता है कि पूरी सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड को किस तरह के दबाव का सामना करना पड़ा है। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने अपनी लेफ्ट-आर्म स्पिन गेंदबाजी से अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से बहुत कम समर्थन मिला। भारत के बाएं हाथ के बल्लेबाज, जो पहले दो मैचों में ऑफ-स्पिनर माइकल ब्रेसवेल के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे, उन्होंने वेलिंगटन में उन पर जोरदार हमला किया, जिससे न्यूजीलैंड की गेंदबाजी से जुड़ी चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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