श्रेयस अय्यर ने रचा इतिहास, ध्वस्त किया रोहित शर्मा का बड़ा रिकॉर्ड, T20I में यह कारनामा करने वाले बने नंबर-1 भारतीय कप्तान
IND vs NZ: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त बनाकर कब्जा कर लिया है. हालांकि, कीवियों को उनके घर में क्लीन स्वीप करने का टीम इंडिया का सपना इस बार अधूरा रह गया, क्योंकि ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मैच को न्यूजीलैंड ने अपने नाम कर लिया. भले ही भारत यह मैच हार गया, लेकिन कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस मुकाबले में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया. श्रेयस अय्यर अब एक कैलेंडर ईयर में बतौर भारतीय कप्तान सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. इस मामले में उन्होंने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के चार साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर टॉप पर पहुंच गए हैं.
श्रेयस अय्यर ने रोहित शर्मा को पछाड़ा
बतौर भारतीय कप्तान एक साल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इससे पहले रोहित शर्मा के नाम दर्ज था. रोहित ने साल 2022 में टीम इंडिया की कप्तानी करते 29 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 24.29 के औसत से 656 रन बनाए थे. अब श्रेयस अय्यर ने इस साल बेहतरीन बल्लेबाजी का करते हुए रोहित के इस बड़े आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है और भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है.
साल 2026 में अय्यर का अद्भुत कप्तानी रिकॉर्ड
श्रेयस अय्यर के लिए साल 2026 बतौर कप्तान बेहद शानदार साबित हो रहा है. उन्होंने इस साल अब तक खेले 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 31.71 के शानदार औसत के साथ कुल 666 रन बना लिए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतकीय पारी और दो अर्धशतक भी निकले हैं. शुरुआती दौर में फॉर्म को लेकर जूझने के बाद अय्यर ने जिस तरह से वापसी की है, उन्होंने यह दिखा दिया है कि वे आगे बढ़कर टीम को संभालने और जीत दिलाने की काबिलियत रखते हैं.
Most runs as Indian T20I captain in a single year. ????????
— Danish (@BhttDNSH100) October 30, 2026
Shreyas Iyer - 666 runs (25 innings)
Rohit Sharma - 656 runs (29 innings) pic.twitter.com/0CyHym39i0
कप्तानी के दबाव को बनाया अपनी ताकत
जब स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को सूर्यकुमार यादव की जगह भारतीय टीम का नया टी20 कप्तान नियुक्त किया गया था, तब उन पर जिम्मेदारी का बहुत बड़ा और दोहरा बोझ था. एक तरफ तो उनके सामने युवा भारतीय टीम को हर हाल में जीत की राह पर बनाए रखने की बड़ी चुनौती थी, तो दूसरी तरफ मिडिल ऑर्डर में नंबर-3 या नंबर-4 पर आकर खुद भी बड़ी और मैच विनिंग पारियां खेलने का भारी दबाव था. कप्तानी के शुरुआती कुछ मैचों में जब उनके बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे, तो आलोचकों ने उन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे. लेकिन इस कठिन समय में घबराने के बजाय श्रेयस अय्यर ने सूझबूझ दिखाई और नेट पर पसीना बहाते हुए अपनी बल्लेबाजी तकनीक और मैच की रणनीति में बड़े बदलाव किए.
श्रेयस अय्यर ने कप्तानी के उस भारी दबाव को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी सबसे बड़ी ताकत में बदल लिया. अय्यर खुद जिम्मेदारी लेते हुए रनों का पहाड़ खड़ा कर रहे हैं. शुरुआती सूखे के बाद उनके बल्ले से लगातार निकल रहे ये रन इस बात का सबूत हैं कि वे किसी भी मुश्किल परिस्थिति में आगे आकर टीम को लीड करने का दम रखते हैं. श्रेयस अय्यर का यह लाजवाब फॉर्म और कप्तान के तौर पर उनका यह अनुभव आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद शानदार संकेत है, जो यह भरोसा दिलाता है कि टीम इंडिया अब बिल्कुल सुरक्षित हाथों में है.
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