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Explainer: मुंबई इंडियंस ने मलिंगा समेत 3 दिग्गजों की क्यों कर दी छुट्टी, आखिर क्या है कोच पोलार्ड और MI का मास्टरप्लान?

Mumbai Indians: इंडियन प्रीमियर लीग 2027 के अगले सीजन से पहले पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस को लेकर 29 अक्टूबर को एक बहुत बड़ी खबर सामने आई. फ्रेंचाइजी ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए अपने सपोर्ट स्टाफ में भारी बदलाव किया है. मुंबई इंडियंस ने अपने गेंदबाजी कोच लसिथ मलिंगा और पारस म्हाम्ब्रे के साथ-साथ फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन को भी टीम से अलग कर दिया है. लसिथ मलिंगा जैसे दिग्गज, जो सालों से मुंबई इंडियंस की पहचान रहे हैं, उनका इस तरह टीम से जाना हर क्रिकेट फैन के लिए काफी हैरान करने वाला फैसला है. यह कदम मुंबई इंडियंस के उस बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत कुछ दिनों पहले ही मुख्य कोच महेला जयवर्धने को हटाकर कीरोन पोलार्ड को नया हेड कोच नियुक्त करने के साथ हुई थी. अचानक हुए इस बड़े बदलाव ने फैंस के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतने बड़े दिग्गजों को एक साथ बाहर का रास्ता क्यों दिखाया गया और आगामी सीजन से पहले मुंबई इंडियंस की आगे की रणनीति क्या है, तो चलिए जानते हैं. 

आखिर क्यों अलग हुए मलिंगा, म्हाम्ब्रे और कार्ल हॉपकिंसन?

मुंबई इंडियंस द्वारा इन तीनों कोचों को हटाए जाने के पीछे सबसे बड़ी और मुख्य वजह पिछले कुछ सीजन में टीम का लगातार बेहद निराशाजनक प्रदर्शन रहा है. पांच बार आईपीएल की ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई इंडियंस पिछले 6 सीजन से एक बार भी फाइनल में जगह नहीं बना पाई है. पिछले सीजन आईपीएल 2026 में तो मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन और भी खराब रहा, जहां मुंबई की टीम 10 टीमों की प्वाइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर रही थी.

मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी डिपार्टमेंट की बात करें तो जसप्रीत बुमराह को छोड़कर बाकी गेंदबाजों से वैसा अनुशासन देखने को नहीं मिला, जिसकी उम्मीद मलिंगा और भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे की देखरेख में की जा रही थी. वहीं, फील्डिंग के लेवल में भी कार्ल हॉपकिंसन के रहने के बावजूद कोई खास सुधार नहीं दिखा. जब कोई बड़ी फ्रेंचाइजी लगातार फ्लॉप होती है, तो मैनेजमेंट मैनेजमेंट में एक नई सोच और नई ऊर्जा लाने की कोशिश करता है. यही वजह है कि मुंबई इंडियंस ने पुराने स्टाफ पर निर्भर रहने के बजाय पूरे बैकपैक को खाली करके नए सिरे से शुरुआत करने का फैसला किया. 

'काइरन पोलार्ड एरा' की शुरुआत और मुंबई की आगे की रणनीति

इस पूरे बदलाव की सबसे अहम कड़ी हैं वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑलराउंडर काइरन पोलार्ड, जिन्हें हाल ही में मुंबई इंडियंस का नया हेड कोच बनाया गया है. पोलार्ड साल 2010 से ही मुंबई इंडियंस फैमली का एक बेहद मजबूत हिस्सा रहे हैं और एक खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने टीम को पांच बार चैंपियन बनाने में बेहद अहम योगदान दिया है.

खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने के बाद पोलार्ड मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजी कोच बने और अब उन्हें हेड कोच की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी गई है. जब पोलार्ड को मुख्य कमान मिली, तो यह साफ था कि वह टीम को अपने तरीके से चलाना चाहेंगे. क्रिकेट में यह बेहद आम है कि जब कोई नया हेड कोच आता है, तो वह अपनी रणनीति और तालमेल के हिसाब से अपना नया सपोर्ट स्टाफ चुनता है. मलिंगा, म्हाम्ब्रे और हॉपकिंसन की विदाई यह दर्शाती है कि मुंबई इंडियंस अब पूरी तरह से 'पोलार्ड एरा' में प्रवेश कर चुकी है, जहां पोलार्ड की देखरेख में एक बिल्कुल नया और फ्रेंस कोचिंग सेटअप तैयार किया जा रहा है.

मेगा ऑक्शन और नए सपोर्ट स्टाफ पर टिकी नजरें

मुंबई इंडियंस की आगे की रणनीति अब पूरी तरह से भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है. आईपीएल 2027 के लिए होने वाले खिलाड़ियों के ऑक्शन की तारीख 16 दिसंबर तय की गई है, जो गोवा में आयोजित होगा. इससे ठीक पहले, 15 नवंबर तक सभी टीमों को अपने रिटेन और रिलीज किए गए खिलाड़ियों की लिस्ट सौंपनी है.

मुंबई इंडियंस का यह कदम साफ तौर पर यह दिखाता है कि वे सिर्फ मैदान पर खिलाड़ियों को ही नहीं बदल रहे, बल्कि पर्दे के पीछे की रणनीति बनाने वाले दिमागों को भी नया रूप दे रहे हैं ताकि ऑक्शन में सही खिलाड़ियों पर दांव लगाया जा सके. हालांकि, फ्रेंचाइजी ने अभी तक मलिंगा, म्हाम्ब्रे और हॉपकिंसन के विकल्पों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन खेल जगत में चर्चाएं तेज हैं कि टीम जल्द ही कुछ नए अंतरराष्ट्रीय और भारतीय दिग्गजों को अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल कर सकती है. मुंबई इंडियंस का लक्ष्य एक ऐसा नया माहौल तैयार करना है जो पोलार्ड के आक्रामक और निडर खेल के नजरिए से मेल खाता हो, जिससे टीम एक बार फिर अपने पुराने गौरव को हासिल कर सके और छठी बार आईपीएल ट्रॉफी पर कब्जा जमा सके.

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भोपाल में चयनित वर्ग-3 शिक्षकों का फूटा गुस्सा, नियुक्ति पत्र की मांग पर चक्काजाम, थालियां बजाकर जताया विरोध

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। गुरुवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अभ्यर्थियों ने चक्काजाम कर सड़क पर बैठकर थालियां बजाईं और जमकर नारेबाजी की। जिससे चौराहे पर ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो अभ्यर्थी सड़क पर लेट गये और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वहीं जमे रहे।

बता दें कि इस प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और अभ्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचातानी भी हुई। जब पुलिस ने अभ्यार्थियों को हिरासत में लेना शुरू किया तो कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रगान गाने लगे। इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी रोने लगी और पुलिसकर्मियों से कहा कि आपको कुछ शर्म नहीं आ रही, हमें ऐसे खींचकर ले जा रहे हैं।

इस बीच, एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुये बोली कि आपको दया नहीं आ रही है? हम कई दिनों से सड़क पर हैं, क्या आपको दिखाई नहीं दे रहा कि हम कितने प्रताड़ित हो गए हैं? वहीं, अभ्यर्थियों ने कहा कि नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग को लेकर ठोस निर्णय होने तक उनका यह विरोध प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।

कई बार आश्वासन दिया लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं: अभ्यार्थी

अभ्यार्थियों का कहना है कि वे सभी 5 अक्टूबर से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर नियुक्ति की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं लेकिन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कई बार उन्हें आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली। जब प्रदर्शन करते हुये लंबा समय हो गया तब आज हमने सड़क पर उतर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन के बीच अभ्यार्थियों ने दावा किया कि वे अपनी मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं एवं अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं। इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री ने उन्हें 16 अक्टूबर तक नियुक्ति देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद, तारीख भी गुजर गई लेकिन नियुक्ति नहीं दी गई। इस कारण से अभ्यार्थियों में आक्रोश बढ़ गया।

पहले भी अभ्या​र्थी कर चुके हैं चक्काजाम

गौरतलब है कि गुरुवार को अभ्यार्थियों ने पहली बार चक्काजाम नहीं किया है इससे पहले भी वे अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम कर चुके हैं। जानकारी अनुसार, करीब 22 दिन पहले भी वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर एमपी नगर चौराहे पर चक्काजाम किया था। प्रदर्शन करीब चार घंटे चला था। उस समय एसडीएम लाखन सिंह चौधरी और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद आंदोलन खत्म हुआ था। तब अभ्यर्थियों ने कहा था कि यदि शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत नहीं हुई और समस्या का समाधान नहीं निकला तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।

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न्यूजीलैंड में कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को क्यों नहीं मिल रहा मौका? कोच ने दिया जवाब

भारतीय क्रिकेट टीम को चौथे टी20 में हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बा भारत के स्पिन बॉलिंग कोच ने कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती के बेंच पर बैठे रहने पर जवाब दिया. Fri, 30 Oct 2026 22:00:14 +0530

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