भुवनेश्वर कुमार ने बताया कि उसने कभी कमबैक को लेकर ज्यादा नहीं सोचा और चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ता गया। आईपीएल में दो साल की परफॉरमेंस से माइंडसेट में बदलाव आया है—अब हर बॉल पर अटैक करने का माइंडसेट है। बैट्समैन खुद को बैक करते हैं, चाहे रन बने या न बने।बॉलर्स और बैट्समैन की इक्वल ऑपर्च्युनिटी पर चर्चा हुई, जिसमें कहा गया कि बॉलर गेम को कंट्रोल कर सकता है, भले ही कंडीशन बैट्समैन फ्रेंडली हो। अच्छे बॉलर्स लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और जल्दी परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं। आगे की योजना में डोमेस्टिक टूर्नामेंट खेलने और भारत के लिए खेलने के सपने की बात कही गई। कुल मिलाकर, टीम का माहौल सकारात्मक था और सभी खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से खुश थे। Thu, 29 Oct 2026 19:12:10 +0530