ये हैं T20 World Cup 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज, एक भारतीय नाम शामिल
Most Runs In T20 World Cup 2026: टी-20 विश्व कप 2026 रोमांचक अंदाज में आगे बढ़ते हुए सेमीफाइनल तक पहुंच गया है. टूर्नामेंट में खूब छक्के-चौकों की बारिश हो रही है और बल्लेबाज जमकर रन बना रहे हैं. तो आइए सुपर-8 के खत्म होने के बाद जान लेते हैं कि अब तक टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन किसने बनाए हैं.
1- साहिबजादा फरहान
टी-20 विश्व कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में पाकिस्तानी ओपनर साहिबजादा फरहान का नाम पहले नंबर पर आता है. फरहान ने इस टूर्नामेंट में खेले गए 7 मैचों की 6 पारियों में 76.60 के औसत और 160.25 की स्ट्राइक रेट से 383 रन बनाए हैं. फरहान ने इस दौरान 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाए.
2- बीजे बेनेट
जिम्बाब्वे के बीजे बेनेट का नाम इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आता है. बेनेट ने 6 मुकाबले खेले, जिसकी 6 पारियों में उन्होंने 146 के औसत और 134.56 की स्ट्राइक रेट से 292 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 3 अर्धशतक लगाए.
3- एडेन मार्करम
इस लिस्ट में साउथ अफ्रीका के कप्तान और स्टार बल्लेबाज एडेन मार्करम का नाम तीसरे नंबर पर आता है. मार्करम ने 7 मैचों की 7 पारियों में 53.60 के औसत और 175.16 की स्ट्राइक रेट से 268 रन बनाए हैं. इस दौरान मार्करम ने 3 अर्धशतक लगाए हैं.
4- शिमरॉन हेटमायर
टी-20 विश्व कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में चौथे नंबर पर कैरेबियाई विस्फोटक बल्लेबाज शिमरॉन हेटमायर का नाम आता है. हेटमायर ने 7 मैचों की 7 पारियों में 41.33 के औसत और 186.46 के औसत से 248 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 2 अर्धशतक लगाए हैं.
5- सूर्यकुमार यादव
टी-20 विश्व कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की टॉप-5 बल्लेबाजों की लिस्ट में पांचवें नंबर पर सूर्यकुमार यादव का नाम आता है. सूर्या ने 7 मैचों की 7 पारियों में 41.33 के औसत और 186.46 की स्ट्राइक रेट से 231 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से एक अर्धशतक निकला है.
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नोएडा में YEIDA के प्लॉट खरीदने का सुनहरा मौका, मिल गई RERA की भी मंजूरी
Noida YEIDA Residential Plot Scheme: नोएडा के सैटेलाइट आवासीय बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. दरअसल अब लोगों को नोएडा में जल्द ही जमीन खरीदने का सुनहरा मौका मिलने जा रहा है. ये जमीन भी यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथोरिटी (YEIDA) की होगी. येइडा ने अपनी प्रस्तावित 2026 आवासीय प्लॉट योजना को आगे बढ़ाते हुए इसे रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथोरिटी (RERA) के तहत पंजीकृत करने का निर्णय लिया है. इस कदम से जेवर एयरपोर्ट के आसपास जमीन खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों आवेदकों को स्पष्ट कानूनी सुरक्षा और पारदर्शिता का भरोसा मिलेगा.
आरईआरए पंजीकरण से बढ़ा भरोसा
भारत में बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए आरईआरए पंजीकरण अनिवार्य है. इससे परियोजना की समय-सीमा, भुगतान शर्तें, रिफंड नियम और विकास संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करनी होती है. YEIDA की ओर से इन शर्तों को स्वीकार करने के बाद योजना को अंतिम प्रशासनिक मंजूरी मिलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. अधिकारियों के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया और ड्रॉ सिस्टम से जुड़ी घोषणाएं जल्द जारी की जा सकती हैं.
किन सेक्टरों में मिलेंगे प्लॉट?
प्रस्तावित योजना के तहत प्लॉट यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के प्रमुख सेक्टरों-15सी, 18 और 24ए में उपलब्ध कराए जाएंगे. ये इलाके आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक स्थित हैं, जिससे इनकी कनेक्टिविटी और भविष्य की मांग को लेकर बाजार में उत्साह बना हुआ है. एयरपोर्ट के साथ-साथ नई सड़क परियोजनाएं और औद्योगिक विकास भी इन सेक्टरों की प्रोफाइल को मजबूत कर रहे हैं.
कीमत और आकार पर क्या है प्रस्ताव?
योजना के तहत लगभग 973 प्लॉट लॉन्च किए जाने की तैयारी है. प्लॉट का आकार करीब 162 से 290 वर्ग मीटर के बीच होगा. औसत दर लगभग 35,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताई जा रही है, हालांकि अंतिम मूल्य सेक्टर और प्लॉट के सटीक आकार पर निर्भर करेगा. मौजूदा बाजार दरों की तुलना में इसे उभरते क्षेत्र के लिहाज से प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है.
खरीदारों पर क्या होगा असर?
ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में जमीन की मांग पहले से ही बढ़ रही है. एयरपोर्ट परियोजना के आगे बढ़ने और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने निवेशकों के साथ-साथ एंड-यूजर्स को भी आकर्षित किया है. स्कूल, अस्पताल, कमर्शियल हब और जल-सीवर जैसी सुविधाओं के विकास से यह इलाका केवल निवेश नहीं, बल्कि पारिवारिक आवास के विकल्प के रूप में भी उभर रहा है.
ड्रॉ सिस्टम से होगा आवंटन
YEIDA की परंपरा के अनुसार, प्लॉटों का आवंटन लॉटरी या ड्रॉ सिस्टम से किया जाएगा. इच्छुक आवेदकों को निर्धारित समय में पंजीकरण करना होगा और फिर कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के माध्यम से चयन किया जाएगा.
कुल मिलाकर, 2026 की यह योजना ऐसे समय में आ रही है जब एनसीआर में लोग अधिक खुली जगह, बेहतर कनेक्टिविटी और भविष्य की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की तलाश में हैं. यदि प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहती है, तो जेवर एयरपोर्ट के आसपास यह आवासीय पहल क्षेत्र के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा दे सकती है.
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