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कई अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश, चालक दल सुरक्षित: कुवैत

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देश में “कई” यूएस वॉरप्लेन क्रैश हुए हैं, लेकिन सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।

रक्षा मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार सुबह कई अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश हुए, लेकिन क्रू पूरी तरह सुरक्षित है।

उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों ने तुरंत सर्च और रेस्क्यू प्रोसेस शुरू किया। क्रू को बाहर निकाला गया और जरूरी मेडिकल केयर देने के लिए अस्पताल में ट्रांसफर किया गया। सबकी हालत स्थिर बनी हुई है।

आधिकारिक प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिकी सेनाओं के साथ मिलजुलकर टेक्निकल उपाय किए गए थे। उन्होंने पुष्टि की कि संबंधित अधिकारी घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं।

अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बीच, साइबर सिक्योरिटी वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने दावा किया है कि ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 48 घंटे से ज्यादा समय से जारी है।

इससे पहले, ईरान ने सोमवार को दावा किया कि कुवैत में एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें एक विमान को गिरते हुए और हवा में ही पायलट को इजेक्ट करते देखा जा सकता है।

वीडियो में आसमान से एक पैराशूट नीचे उतरता हुआ दिखाई दे रहा है। कुछ अन्य वीडियो जो स्थानीय मीडिया ने दिखाए हैं, उनमें विमान से बाहर निकलने के बाद पायलट जमीन पर दिखाई दे रहा है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि विमान उस समय चल रहे सैन्य संघर्ष से जुड़ी किसी कार्रवाई में शामिल था या नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था।

ईरान की तस्त्रीम न्यूज एजेंसी ने इसकी जानकारी दी थी।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य पूर्व में तनाव तेजी से बढ़ रहा है। यह संघर्ष अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ। कहा गया कि इसका उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को कमजोर करना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रविवार को फॉक्स न्यूज को दिया एक साक्षात्कार प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि एक झटके में ईरान के 48 शीर्ष नेताओं की मौत हो गई, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Property News: क्या सिर्फ बेटे को संपत्ति में हक देकर बाकी बच्चों को बेदखल कर सकता है पिता? जानें नियम

Property News: परिवारों में जमीन-जायदाद को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है. अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या पिता अपनी पूरी संपत्ति सिर्फ एक बेटे के नाम कर सकता है और बाकी बच्चों को अधिकार से वंचित कर सकता है. इसका जवाब सीधे-सीधे 'हां' या 'नहीं' में नहीं है, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति किस प्रकार की है. जी हां संपत्ति के प्रकार के आधार पर ही कहा जा सकता है कि पिता सिर्फ एक बच्चे को अपनी संपत्ति सौंप सकता है या नहीं. 

संपत्ति के प्रकार की बात करें तो एक होती है पुश्तैनी (एन्सेस्ट्रल) या दूसरी होती है स्वयं अर्जित (सेल्फ-अक्वायर्ड). भारतीय कानून इन दोनों स्थितियों में अलग-अलग प्रावधान करता है.

पुश्तैनी संपत्ति में जन्मसिद्ध अधिकार

पुश्तैनी या पैतृक संपत्ति वह मानी जाती है, जो कम से कम चार पीढ़ियों से परिवार में चली आ रही हो और जिसका बंटवारा न हुआ हो. हिंदू सक्सेशन एक्ट 1956 के तहत बेटा और बेटी दोनों को ऐसी संपत्ति में जन्म से समान अधिकार प्राप्त होता है.

सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में स्पष्ट किया गया है कि पिता एन्सेस्ट्रल प्रॉपर्टी का पूर्ण स्वामी (एब्सलूट ओनर) नहीं होता. वह केवल अपने हिस्से पर ही निर्णय ले सकता है. उदाहरण के तौर पर यदि परिवार में पिता और तीन बच्चे हैं, तो संपत्ति चार बराबर हिस्सों में मानी जाएगी. पिता केवल अपने एक हिस्से पर वसीयत या हस्तांतरण कर सकता है, बाकी हिस्सों पर उसका एकतरफा अधिकार नहीं है. यदि वह पूरी संपत्ति किसी एक बच्चे के नाम कर देता है, तो अन्य बच्चे अदालत में अपने हिस्से का दावा कर सकते हैं.

स्वयं अर्जित संपत्ति में मालिक की स्वतंत्रता

स्वयं अर्जित संपत्ति वह होती है, जिसे पिता ने अपनी मेहनत या आय से खरीदा हो. इस स्थिति में कानून मालिक को व्यापक अधिकार देता है. वह चाहे तो किसी एक बेटे, बेटी या यहां तक कि किसी बाहरी व्यक्ति के नाम भी वसीयत कर सकता है. अन्य बच्चों का जन्म से इस पर कोई स्वाभाविक दावा नहीं बनता.

हालांकि, यदि स्वयं अर्जित संपत्ति के संबंध में कोई वसीयत नहीं की गई हो और पिता का निधन हो जाए, तो संपत्ति सभी कानूनी वारिसों में बराबर बांटी जाएगी.

भावनाएं नहीं, कानून तय करता है हक

साफ शब्दों में समझें तो पुश्तैनी संपत्ति में सभी संतानों का अधिकार सुरक्षित है और पिता उसे पूरी तरह अपनी मर्जी से नहीं बांट सकता. वहीं स्वयं अर्जित संपत्ति में मालिक को ज्यादा स्वतंत्रता मिलती है. इसलिए किसी भी पारिवारिक निर्णय से पहले संपत्ति की प्रकृति और कानूनी स्थिति समझना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति से बचा जा सके.

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