इजरायल-ईरान युद्ध का असर! सेंसेक्स 80 हजार से नीचे, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर टॉप लूजर
मुंबई, 2 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल-ईरान युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 12:30 बजे तक सेंसेक्स 1,486 अंक या 1.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,806 और निफ्टी 453.35 अंक या 1.80 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,725 पर था।
बाजार में सबसे अधिक गिरावट ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में देखी जा रही है। निफ्टी ऑटो और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स तीन-तीन प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स थे। इसके साथ निफ्टी इन्फ्रा 2.77 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.39 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 2.30 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 362 अंक या 2.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,566 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1200 अंक या 2.03 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 57,914 पर था।
सेंसेक्स पैक में बीईएल, सन फार्मा और भारती एयरटेल गेनर्स थे। एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, इटरनल, ट्रेंट, एनटीपीसी, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एसबीआई, पावर ग्रिड, एचयूएल, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक लूजर्स थे।
बाजार में गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी शेयरों का मार्केट 9 लाख करोड़ रुपए कम होकर 454 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 463 लाख करोड़ रुपए था।
बाजार में गिरावट की वजह इजरायल-ईरान के बीच युद्ध को माना जा रहा है,जिसमें अमेरिका और कई खाड़ी के देश भी शामिल हो गए हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट के चलते भी बाजार पर दबाव देखा जा रहा है।
दूसरी तरफ सोने और चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। सोना 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 5,415 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95 डॉलर प्रति औंस थी।
वहीं, ब्रेंट क्रूड 9 प्रतिशत की तेजी के साथ 79 डॉलर प्रति औंस और डब्ल्यूटीआई क्रूड 8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72 डॉलर प्रति औंस पर है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने स्ट्राइक के लिए ट्रंप का आभार जताया
वाशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत को गेम चेंजर बताते हुए कहा कि यह पल “खामेनेई के शासन के अंत की शुरुआत” है। हम इसका इंतजार कर रहे थे।
वॉशिंगटन पोस्ट में एक लेख और फॉक्स न्यूज़ पर एक टेलीविजन साक्षात्कार में निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने ईरान में सत्ता संतुलन में बदलाव लाने वाले हमलों का आदेश देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया।
पहलवी ने लिखा, “राष्ट्रपति महोदय धन्यवाद। इन शब्दों ने ईरानी जनता को शक्ति दी है और मुझे विश्वास है कि वे इस चुनौती का सामना करेंगे।” फॉक्स न्यूज़ के साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह वह निर्णायक क्षण है जिसका हम इंतजार कर रहे थे।”
उन्होंने कहा,“देश और विदेश में ईरानियों का उल्लास दर्शाता है कि लोग इस क्षण की कितनी उम्मीद कर रहे थे।” उन्होंने कहा कि वह “लाखों ईरानियों के साथ राष्ट्रपति ट्रंप को इस कार्रवाई के लिए धन्यवाद देते हैं।”
पहलवी ने तर्क दिया कि इस्लामी गणराज्य दशकों से “एक विस्तारवादी क्रांतिकारी उद्यम के रूप में काम कर रहा था, जो पड़ोसियों की संप्रभुता को कुचल रहा था और दुनियाभर में संघर्षों को बढ़ावा दे रहा था। परमाणु हथियार और उन्हें ले जाने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का निर्माण कर रहा था।”
उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ खामेनेई शासन के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए लिखा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ईरान द्वारा आपूर्ति किए गए बमों के माध्यम से मारे गए 603 अमेरिकी सैनिकों सहित एक हजार से अधिक अमेरिकियों की मौत के लिए जिम्मेदार है।
अपने साक्षात्कार में पहलवी ने कहा कि वह इस परिवर्तन का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें लाखों ईरानी लोगों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने अराजकता से बचने के उद्देश्य से एक मजबूत व स्थिर परिवर्तन की योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने ईरान समृद्धि परियोजना के नाम से जाने जाने वाले एक विस्तृत रोडमैप की ओर इशारा किया, जिसमें देश को स्थिर करने के लिए पहले सौ दिन बेहद महत्वपूर्ण अवधि का वर्णन किया गया है। अपने लेख में, उन्होंने कहा कि परिवर्तन योजना संस्थाओं के विघटन, सत्ता के शून्य और अराजकता को रोकने के लिए बनाई गई है।
उन्होंने लिखा, हमारा आगे का रास्ता पारदर्शी होगा। एक नया संविधान जनमत संग्रह द्वारा तैयार और अनुमोदित किया जाएगा, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय निगरानी में स्वतंत्र चुनाव होंगे।
टेलीविजन साक्षात्कार में उन्होंने अनुमान लगाया कि सत्ता परिवर्तन की शुरुआत से लेकर अंतिम जनमत संग्रह तक का समय अधिकतम दो साल से अधिक नहीं होगा।
पहलावी ने भावी लोकतांत्रिक ईरान को वाशिंगटन के लिए एक रणनीतिक और आर्थिक साझेदार के रूप में भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, हम ईरानी होने के नाते, अमेरिका को अपने पुनर्निर्माण में सबसे अच्छा साझेदार मानते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि बाजार को फिर से खोलने से केवल ईरान के बाजार के माध्यम से ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संभवतः एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक का लाभ और राजस्व प्राप्त हो सकता है।
--आईएएनएस
पीयूष/एएस
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