Tarun Tejpal यौन उत्पीड़न मामले में Goa सरकार की अपील पर फैसला बृहस्पतिवार को सुनाएगा हाई कोर्ट
पणजी, पांच अगस्त बंबई उच्च न्यायालय ने तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को बृहस्पतिवार सुबह मौजूद रहने का निर्देश दिया है, क्योंकि अदालत 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ गोवा सरकार की अपील पर अपना फैसला सुनाएगी। न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले और न्यायमूर्ति अमित जामसांडेकर की पीठ ने दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत दलीलें सुनने के बाद पिछले सप्ताह फैसला सुरक्षित रख लिया था। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बरी किए जाने के फैसले को रद्द करने की अनुरोध वाली राज्य सरकार की अपील पर दलीलें पेश की थीं, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने तेजपाल का पक्ष रखा था।
यह मामला एक पूर्व कनिष्ठ सहयोगी के आरोपों से जुड़ा है, जिसमें उसने दावा किया था कि नवंबर 2013 में गोवा में ‘थिंकफेस्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। निचली अदालत द्वारा तेजपाल को बरी किए जाने के बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और तेजपाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
तुषार मेहता ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखा। मेहता ने दलील दी कि सत्र अदालत ने यौन उत्पीड़न पीड़िता के व्यवहार को लेकर पहले से बनी धारणाओं के आधार पर शिकायतकर्ता के आचरण का आकलन कर गंभीर गलती की। सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि किसी यौन उत्पीड़न पीड़िता की प्रतिक्रिया को लेकर कोई सार्वभौमिक मानक नहीं हो सकता, क्योंकि यह व्यक्ति की शिक्षा, व्यक्तित्व, सामाजिक पृष्ठभूमि और परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा था कि निचली अदालत ने शिकायतकर्ता के बयानों में मामूली विरोधाभासों को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दी, जबकि यह जांचना चाहिए था कि उसके मुख्य आरोपों में निरंतरता बनी रही या नहीं। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि अभियोजन ने तेजपाल के माफी वाले ईमेल को यौन संबंध की स्वीकारोक्ति के रूप में गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने शिकायतकर्ता की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कथित घटना से पहले और बाद में उसका व्यवहार, ईमेल, व्हाट्सऐप संदेश और दस्तावेजी रिकॉर्ड अभियोजन के मामले के विपरीत हैं।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि चलती लिफ्ट में शिकायतकर्ता को कैद रखे जाने का उसका बयान विशेषज्ञ साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज से मेल नहीं खाता।
Rahul Gandhi युवाओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर विभाजन बो रहे, BJP सांसद Sambit Patra का आरोप
नयी दिल्ली, पांच अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर युवाओं का इस्तेमाल करके अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए ‘‘विभाजन के बीज बोने’’ और ‘‘झूठा विमर्श’’ फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी पर ‘‘झूठ के पुलिंदे’’ को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया और युवाओं से इससे प्रभावित नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘आपके हैं और हम सभी आपके साथ हैं।’’ यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी द्वारा गृहमंत्री अमित शाह को हाल में युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद आई।
गांधी ने आरोप लगाया था कि शाह में छात्रों के साथ हुई घटना के बारे में संसद में बताने का साहस नहीं है। गांधी ने यह टिप्पणी उन छात्रों के एक समूह से मुलाकात के बाद की, जिन्होंने पिछले महीने पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान कथित पुलिस ज्यादती का सामना किया था। पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘मैंने पहले भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा था कि कोई गोली नहीं चलाई गई।
चूंकि, यह बेहद संवेदनशील मामला है, इसलिए मैं फिर से यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी युवाओं के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। यह सही नहीं है।’’ पात्रा ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनका इस्तेमाल राजनीति के लिए करना गलत है। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं की कोई गलती नहीं है।
जब हम स्कूल और कॉलेज में थे, तब हमने भी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।’’ भाजपा नेता पात्रा ने कहा कि युवाओं को ‘‘निडर’’ होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर आंदोलनों में हिस्सा लेने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी के साथ आज जो बच्चे थे, उनसे मैं स्नेह के साथ कहना चाहता हूं—निडर रहिए और बिल्कुल मत डरिए। हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं, लेकिन आप हमारे अपने हैं।
प्रधानमंत्री आपके हैं और हम सभी आपके साथ हैं।’’ पात्रा ने आरोप लगाया कि गांधी युवाओं का इस्तेमाल करके अपने राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए ‘‘झूठा विमर्श’’ तैयार कर रहे हैं और ‘‘विभाजन के बीज बो रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि गांधी दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विमर्श खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वह खुद ऐसा करने में असफल रहे हैं। गांधी की प्रेस वार्ता के दौरान एक महिला ने आरोप लगाया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसके निजी अंगों पर प्रहार किया। उसने यह भी कहा था कि वह मुस्लिम नहीं है, जैसा कि ऑनलाइन कई लोग मान रहे हैं और इस कारण उसे और अधिक निशाना बनाया जा रहा है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पात्रा ने कहा, ‘‘वह शर्मा हों या खान, आप भारत की बेटी हैं। देश ‘सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास और सबका प्रयास’ से आगे बढ़ता है।’’ भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी द्वारा आगे बढ़ाया गया विभाजनकारी एजेंडा ‘‘अत्यंत गलत’’ है। गृह मंत्री अमित शाह के संसद में नहीं आने के गांधी के आरोप पर पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ही सदन को चलने नहीं देते।
पात्रा ने कहा, ‘‘गृहमंत्री हमारे पहुंचने से पहले संसद पहुंचते हैं और हमारे जाने के बाद निकलते हैं, कई बार आधी रात तक रहते हैं। आप सदन को चलने नहीं दे रहे और कह रहे हैं कि गृह मंत्री नहीं आते। जब गृह मंत्रालय से जुड़े किसी विषय पर चर्चा होगी तो वह निश्चित रूप से मौजूद रहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्री संसद में उपस्थित रहते हैं, लेकिन विपक्ष किसी भी विषय पर चर्चा नहीं होने देता और देश यह सब देख रहा है।’’ पात्रा ने गांधी पर छात्रों के मुद्दों पर चयनात्मक रुख अपनाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने सवाल किया कि वह अभी तक झारखंड जाकर उन छात्रों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से क्यों नहीं मिले, जो झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 25 जुलाई से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे भी युवा हैं, वे भी आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी को उनसे भी मिलना चाहिए और उनकी पीड़ा तथा दुख को समझना चाहिए।
गांधी जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। वह झारखंड नहीं जा रहे, क्योंकि वहां उनकी सरकार है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









.jpg)
