होली के पर्व से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन का दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नकारात्मकता खत्म होती है और पॉजिटिविटी आती है। इसलिए होलिका दहन के दौरान आप भी अपने घर से नकारात्मकता को दूर करने के लिए हींग से जुड़ा खास उपाय कर सकते हैं। आइए आपको हींग के उपाय के बारे में विस्तार से बताएंगे।
होलिका दहन पर हींग का महत्व
वैसे हींग का प्रयोग रसोई में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के लिए भी किया जाता है। इसकी गंध नेगिटिविटी को दूर करने का काम करती है। माना जाता है कि हींग का इस्तेमाल घर में छिपी बुरी शक्तियों और नजर दोष को भी जड़ से खत्म कर देता है।
हींग का अचूक उपाय
- आप चाहते आपके घर से दरिद्रता और क्लेश दूर हो जाए, तो सबसे पहले एक साबुत हींग का टुकड़ा लें। इसे लाल कपड़े में बांधकर घर के चारों कोने में छुआना है। फिर इसको होलिका की अग्नि में डाल देना है। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
- होलिका दहन शुरु होने से पहले, हींग के टुकड़े को अपने दाएं हाथ में लें। अब अपने घर के मुख्य द्वार से शुरु करते हुए घर के प्रत्येक कोने और कमरे में घूमें। मन ही मन यह प्रार्थना करें कि, "घर की समस्त नकारात्मकता और परेशानियां इस हींग में समाहित हो जाएं"।
- आपके घर का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है या उसे नजर लगी है, तो उस व्यक्ति के सिर से पांव तक हींग के टुकड़े को 7 बार वार लें। इससे आपकी नजर उतर जाएगी।
इस उपाय के लाभ
- हींग के अग्नि में जलते ही इसकी गंध और धुएं से वातावरण शुद्ध होता है और घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा भस्म हो जाती है।
- अगर आपके काम बनते बिगड़ जाते हैं, तो यह उपाय आपके भाग्य के मार्ग की रुकावटों को हटाता है।
- यदि आपके घर में बेवजह के झगड़े शांत होते हैं और सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है।
- छोटे बच्चों या व्यापार पर लगी बुरी नजर का प्रभाव खत्म होगा।
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साल के तीसरे महीने यानी की मार्च की शुरूआत हो चुकी है। मार्च महीने को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि इस महीने में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। बता दें कि मार्च के पहले सप्ताह में होलाष्टक का समापन और होली का पर्व मनाया जाएगा। इसके बाद रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस खास मौके पर देवी-देवताओं को रंग-गुलाल अर्पित किए जाने का विधान है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मार्च महीने में मनाए जाने वाले व्रत-त्योहारों के बारे में बताने जा रहे हैं।
मार्च के व्रत और त्योहार
01 मार्च 2026 - रवि प्रदोष व्रत
03 मार्च 2026 - होलिका दहन, चंद्र ग्रहण, फाल्गुन पूर्णिमा
04 मार्च 2026 - होली, चैत्र माह की शुरुआत
05 मार्च 2026 - होली भाई दूज
06 मार्च 2026 - भालचन्द्र संकष्टी
08 मार्च 2026 - रंग पंचमी
10 मार्च 2026 - शीतला सप्तमी
11 मार्च 2026 - शीतला अष्टमी, बसोड़ा, कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
15 मार्च 2026 - कृष्ण नृसिंह द्वादशी, मीन संक्रान्ति, पापमोचनी एकादशी
16 मार्च 2026 - सोम प्रदोष व्रत, पापमोचनी एकादशी पारण
17 मार्च 2026 - मासिक शिवरात्रि
18 मार्च 2026 - चैत्र अमावस्या
19 मार्च 2026 - चैत्र नवरात्र, गुड़ी पड़वा
22 मार्च 2026 - वासुदेव चतुर्थी
23 मार्च 2026 - लक्ष्मी पञ्चमी, मासिक कार्तिगाई
24 मार्च 2026 - यमुना छठ, रोहिणी व्रत, स्कन्द षष्ठी
26 मार्च 2026 - राम नवमी, मासिक दुर्गाष्टमी
29 मार्च 2026 - कामदा एकादशी
30 मार्च 2026 - कामदा एकादशी व्रत पारण, सोम प्रदोष व्रत
होलिका दहन डेट और शुभ मुहूर्त
वहीं 03 मार्च 2026 को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 06:48 मिनट से लेकर रात 08:50 मिनट तक है। वहीं 04 मार्च 2026 को होली का पर्व मनाया जाएगा।
कब शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि
वैदिक पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरूआत 19 मार्च की सुबह 06:52 मिनट पर होगी। वहीं इस तिथि की समाप्ति 20 मार्च की सुबह 04:52 मिनट पर होगी। ऐसे में चैत्र नवरात्रि की शुरूआत 19 मार्च 2026 से हो रही है।
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त
बता दें कि चैत्र नवरात्रि के पहले दिन विधिपूर्वक कलश स्थापना की जाती है।
घटस्थापना मुहूर्त - 06:52 मिनट से 07:46 मिनट तक है।
घटस्थापना अभिजीत मुहूर्त- 12:04 मिनट से 12:52 मिनट तक है।
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